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बिहार मंत्रिमंडल विस्तार पर राहुल तिवारी की तीखी प्रतिक्रिया, शाहपुर विधायक पर कटाक्ष

Rahul Tiwari Reaction: भोजपुर जिला के शाहपुर के पूर्व विधायक राहुल तिवारी ने वर्तमान विधायक राकेश ओझा और बिहार मंत्रिमंडल के हालिया विस्तार को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

  • हाइलाइट: Rahul Tiwari Reaction
  • लालूजी का बेटा परिवारवाद
  • नीतीशजी का बेटा समाजवाद

पटना। बिहार की राजनीति में इन दिनों बयानों का दौर तेज है और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच जुबानी जंग अपने चरम पर है। इसी क्रम में भोजपुर जिला के शाहपुर के पूर्व विधायक राहुल तिवारी ने वर्तमान विधायक राकेश ओझा और बिहार मंत्रिमंडल के हालिया विस्तार को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। राहुल तिवारी का यह बयान न केवल राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है, बल्कि यह परिवारवाद और राजनीतिक नैतिकता के पुराने सवालों को भी फिर से सतह पर ले आया है।

Rahul Tiwari Reaction : व्यक्तिगत टिप्पणी करना शोभा नहीं देता

राहुल तिवारी ने शाहपुर के वर्तमान विधायक राकेश ओझा पर कटाक्ष करते हुए एक व्यक्तिगत और राजनीतिक हमला किया है। उन्होंने कहा कि विधायक राकेश ओझा जिस प्रकार से राजनीत और टिप्पणी कर रहे हैं, वह अनुचित है। राहुल तिवारी ने तल्ख लहजे में कहा कि सम्राट चौधरी जी हमें और हमारे परिवार को तब से जानते हैं जब राकेश ओझा शायद एक बीता के रहे होंगे।

उन्होंने आगे दावा किया कि राकेश ओझा के पिता के संबंध में चुनावी एफिडेविट में दर्ज जानकारी यह बताती है कि वे दुर्दांत अपराधी थे। राहुल तिवारी ने स्मरण दिलाया कि राकेश ओझा के पिता पर पुलिस ने पचास हजार का इनाम घोषित किया था और पुलिस उन्हें दिल्ली से पकड़कर लाई थी। उन्होंने कहा कि अपराध के कई गंभीर मामलों के कारण ही वे पुलिस की सूची में थे, ऐसे में उन पर इस तरह के व्यक्तिगत टिप्पणी करना शोभा नहीं देता।

राकेश ओझा ने कहा था काश सम्राट चौधरी उस समय बिहार के मुख्यमंत्री रहते

विदित रहें की राकेश ओझा ने कहा था की आज का जो मौजूदा नेतृत्व को हम देखते हैं तो कहीं ना कहीं मन में कसक होती है काश सम्राट चौधरी जी उस समय बिहार के मुख्यमंत्री रहते तो शायद अपराधियों का एनकाउंटर हो गया रहता। इतना ही नहीं जिन लोगों के इशारे पर वो लोग उनके पिता पर गोली चलाए थे उनका भी एनकाउंटर कहीं ना कहीं बिहार पुलिस की रहती।

इधर, मीडिया के साथ बातचीत के दौरान जब राहुल तिवारी से सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल विस्तार के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कार्यशैली और उनके द्वारा पूर्व में दिए गए बयानों पर गंभीर सवाल उठाए। गौरतलब है कि मंत्रिमंडल में उन लोगों को जगह दी गई है जो न तो विधायक हैं और न ही विधान पार्षद। इस विस्तार में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत और उपेन्द्र कुशवाहा के पुत्र दीपक प्रकाश का नाम शामिल है।

नीतीश जी के कथनी और करनी का नैतिक पतन: राहुल तिवारी

राहुल तिवारी ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि माननीय पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमेशा सार्वजनिक मंचों से परिवारवाद के खिलाफ मुखर रहे हैं। वे अक्सर लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर आरोप लगाते रहे हैं कि उन्होंने हमेशा परिवार के सदस्यों को सत्ता में स्थापित करने का प्रयास किया। लेकिन सम्राट सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार ने नीतीश कुमार के उसी दोहराव को उजागर कर दिया है, जिसके लिए वे विपक्ष की आलोचना करते रहे हैं। निशांत के मंत्री बनने पर राहुल तिवारी ने कहा कि अगर उन्हें राजनीति में आना ही था, तो वे पूर्व में अपने पिता की परंपरागत सीट हरनौत से चुनाव लड़कर अपनी जगह बना सकते थे। ऐसा करने से उन पर राजनीतिक विरासत को जबरन थोपने का आरोप नहीं लगता।

स्वास्थ्य मंत्री बनने पर राहुल तिवारी ने उनका डिमोशन बताया

राहुल तिवारी ने आगे कहा कि आज की स्थिति यह है कि बिना किसी सदन के सदस्य होते हुए भी उन्हें सीधे मंत्रिमंडल में शामिल करना कई प्रश्न खड़े करता है। राहुल तिवारी के अनुसार, यदि उन्हें सरकार में शामिल करना ही था, तो उन्हें उपमुख्यमंत्री का पद दिया जाना चाहिए था, ताकि उनकी राजनीतिक भूमिका स्पष्ट होती। उन्हें स्वास्थ्य मंत्री का प्रभार दिए जाने को राहुल तिवारी ने उनका डिमोशन यानी अवनति बताया है।

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