Ramanand Tiwari Halt: कोविड काल से बंद 7 पैसेंजर/मेमू ट्रेनों का ठहराव बहाल करने की उठी पुरजोर मांग, , रेल प्रशासन को एक माह का अल्टीमेटम
हाइलाइट: Ramanand Tiwari Halt
रामानंद तिवारी हॉल्ट पर एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना
कोविड काल से बंद पैसेंजर और मेमू ट्रेनों का ठहराव बहाल करने की मांग
रेल प्रशासन को मांगें पूरी करने के लिए एक माह का अल्टीमेटम
प्लेटफॉर्म पर लाइट, शौचालय और पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग
धरने में छात्र, किसान, स्थानीय जनप्रतिनिधि और आम नागरिक शामिल हुए
बिहिया/आरा। दानापुर रेल मंडल के अंतर्गत रामानंद तिवारी हॉल्ट पर कोविड-19 से पहले रुकने वाली पैसेंजर और मेमू ट्रेनों का ठहराव बहाल करने तथा हॉल्ट के समग्र विकास की मांग को लेकर रेल यात्री कल्याण समिति के तत्वावधान में एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। धरना सभा की अध्यक्षता रमेश कुमार सुदामा ने की, जबकि मंच संचालन पंकज तिवारी ने किया।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि रामानंद तिवारी हॉल्ट पूर्व गृह एवं पुलिस मंत्री स्वर्गीय रामानंद तिवारी की स्मृति में स्थापित है और आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन है। हॉल्ट के समीप पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बिंदेश्वरी दुबे के नाम पर स्थापित डिग्री कॉलेज भी स्थित है, जहां दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और शिक्षक प्रतिदिन पहुंचते हैं।
वक्ताओं ने कहा कि कोविड काल के दौरान बंद की गईं पैसेंजर और मेमू ट्रेनों का परिचालन सामान्य होने के बाद भी रामानंद तिवारी हॉल्ट पर उनका ठहराव बहाल नहीं किया गया है। इससे विद्यार्थियों, दैनिक यात्रियों, किसानों और मजदूरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। लोगों ने आरोप लगाया कि कम राजस्व वाले कई अन्य स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव बहाल कर दिया गया, लेकिन इस महत्वपूर्ण हॉल्ट की लगातार उपेक्षा की जा रही है।
धरना सभा को संबोधित करते हुए जन सुराज की प्रवक्ता पद्मा ओझा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की जीवनरेखा मानी जाने वाली रेल सुविधाओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्र और आम लोग अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। रेल प्रशासन को जनता की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
रेल यात्री कल्याण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुधीर सिंह ने कहा कि रेलवे प्रशासन आम जनता की मूलभूत सुविधाओं के प्रति उदासीन बना हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को हॉल्ट तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे व्यापक रूप दिया जाएगा।
शैलेश कुमार ओझा ने कहा कि क्षेत्र के विकास और विद्यार्थियों की सुविधा के लिए ट्रेनों का ठहराव बेहद जरूरी है। उन्होंने रेल प्रशासन से जनभावनाओं को समझने और शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की।
Ramanand Tiwari Halt: समिति की प्रमुख मांगें
समिति ने कोविड-पूर्व रामानंद तिवारी हॉल्ट पर रुकने वाली पैसेंजर और मेमू ट्रेनों का ठहराव तत्काल बहाल करने की मांग की। इनमें 63233 अप, 63225 अप, 63263 अप, 63231 अप तथा 63232 डाउन और 63226 डाउन ट्रेनें शामिल हैं।
इसके अलावा समिति ने मुख्य सड़क से हॉल्ट तक पक्की पहुंच सड़क बनाने, प्लेटफॉर्म पर पर्याप्त एलईडी और हाई-मास्ट लाइट लगाने, महिला और पुरुष यात्रियों के लिए आधुनिक एवं स्वच्छ शौचालय का निर्माण कराने तथा शुद्ध और शीतल पेयजल की व्यवस्था करने की मांग की।
धरना समाप्त होने के बाद रेल मंत्री, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष, पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक, हाजीपुर और मंडल रेल प्रबंधक, दानापुर को संबोधित मांग-पत्र रेल प्रशासन के अधिकारियों को सौंपा गया।
समिति ने रेल प्रशासन को एक माह का समय देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो क्षेत्र की जनता व्यापक और उग्र जन आंदोलन करने को बाध्य होगी। समिति ने आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी रेल प्रशासन पर होने की बात कही।
धरने में रास बिहारी राय, मनोज कुमार, विजेंद्र मिश्रा, विजय यादव, मुखिया शिव कुमार यादव, हरदिया पंचायत के सरपंच दिनेश पांडेय, आशुतोष पांडेय, पंकज तिवारी, अंकित तिवारी, चंदन ओझा, हरेश पाल और नंदकिशोर यादव सहित बड़ी संख्या में छात्र, किसान, स्थानीय बुद्धिजीवी और आम नागरिक शामिल हुए।







