Bihiya ROB: बिहिया में रेलवे ओवरब्रिज आरओबी पर भारी वाहनों का परिचालन शुरू करने को लेकर स्टेट हाईवे 102 जाम, घंटों सड़क जाम के कारण एसएच 102 के दोनों तरफ वाहनों की लगी रही लंबी कतारें।
- हाइलाइट: Bihiya ROB
- करीब एक साल से मरम्मत के नाम पर आरओबी पर भारी वाहनों का परिचालन बंद
- भारी वाहनों द्वारा ग्रामीण सड़कों के तरफ से जाने पर कई ग्रामीण सड़कें पूरी तरह जर्जर
आरा। भोजपुर जिले के बिहिया में रविवार को वाहन संचालकों, चालकों और स्थानीय लोगों ने बिहिया-जगदीशपुर स्टेट हाईवे-102 (एसएच-102)को जाम कर दिया। यह जाम बिहिया चौरस्ता मुख्य मार्ग के झझरिया पुल के पास लगाया गया। प्रदर्शनकारी बिहिया नगर के रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) पर भारी वाहनों का परिचालन फिर से शुरू करने और आसपास की जर्जर ग्रामीण सड़कों की तत्काल मरम्मत की मांग कर रहे थे। सड़क जाम के कारण एसएच-102 पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
Bihiya ROB: आवागमन की गंभीर समस्या
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगभग एक साल से मरम्मत के नाम पर आरओबी पर भारी वाहनों का परिचालन बंद है। आरओबी बंद होने के बाद भारी वाहनों को ग्रामीण सड़कों से गुजारा जा रहा था। लगातार भारी वाहनों के दबाव के कारण बिहिया-कटेया रोड, मेला रोड-फिनंगी पश्चिम रेलवे फाटक, साहेब टोला-डाकबंगला रोड और जमुआ-पावर ग्रिड रोड सहित कई ग्रामीण सड़कें पूरी तरह जर्जर हो गई हैं। अब इन जर्जर ग्रामीण मार्गों पर भी भारी वाहनों को रोकने के लिए बैरियर लगाए जा रहे हैं, जिससे वाहन संचालकों के सामने आवागमन की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
आरओबी पर करीब एक साल से भारी वाहनों का परिचालन बंद: मुन्ना राय
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि जर्जर सड़कों पर भारी वाहन फंस रहे हैं और धूल-मिट्टी उड़ने से स्थानीय लोगों को भी परेशानी हो रही है। सड़क जाम का नेतृत्व कर रहे समाजिक कार्यकर्ता मुन्ना राय ने कहा कि आरओबी पर करीब एक साल से भारी वाहनों का परिचालन बंद है,जबकि तकनीकी खराबी की मरम्मत के लिए यह समय काफी है। उन्होंने मांग की कि सरकार और प्रशासन को पहले वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए। जब तक जर्जर ग्रामीण सड़कों की मरम्मत नहीं होती, तब तक आरओबी पर भारी वाहनों का परिचालन शुरू किया जाए।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यदि लोडेड वाहनों को अनुमति देना संभव नहीं है, तो कम से कम खाली वाहनों के परिचालन की अनुमति दी जाए। मुन्ना राय ने कहा कि दो से तीन माह के अंदर सभी जर्जर ग्रामीण सड़कों की मरम्मत कराई जाए और जल्द आरओबी को दुरुस्त कर भारी वाहनों का परिचालन शुरू कराया जाए। उन्होंने कहा कि सावन का महीना चल रहा है और रक्षाबंधन दुर्गा पूजा का त्योहार भी आने वाला है। बिहिया रेलवे स्टेशन और व्यवसायिक मंडी होने के कारण इस दौरान क्षेत्र में वाहनों और लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था जरूरी है।
सड़क खराब होने से एक्सीडेंट का खतरा बढ़ा : रमेश कुमार सुदामा
रमेश कुमार सुदामा ने कहा कि आरओबी पर भारी वाहनों के परिचालन बंद होने के बाद सभी वाहन ग्रामीण सड़कों से गुजर रहे थे। इससे सड़कें खराब हो गईं। अब वहां भी बैरियर लगाया जा रहा है। सड़क खराब होने से एक्सीडेंट का खतरा रहता है स्कूली बच्चों का और डर लगता है। सरकार को लोगों की समस्या को देखते हुए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराना चाहिए और जल्द आरओबी की मरम्मत करानी चाहिए।
गौरतलब है कि 26 अगस्त 2025 को जिला पदाधिकारी भोजपुर के पत्र के निर्देश के आलोक में अनुमंडल कार्यालय जगदीशपुर के एसडीएम और एसडीपीओ की ओर से रेलवे ओवरब्रिज पर भारी सवारी वाहन, ट्रक, कंटेनर और ट्रेलर आदि के परिचालन पर रोक लगाने का आदेश जारी किया गया था। इसके बाद आरओबी के दोनों छोर पर लोहे के हाइट बैरियर लगाए गए थे।
बताया गया था कि आरओबी के सुपर स्ट्रक्चर में दरार आने के बाद सुरक्षा के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया। इधर, करीब एक साल से भारी वाहनों के ग्रामीण मार्गों से गुजरने के कारण सड़कें जर्जर हो गईं। लोगों की शिकायत के बाद इन सड़कों पर भी भारी वाहनों को रोकने के लिए बैरियर लगाने का निर्देश दिया गया है। ये सभी सड़कें ग्रामीण कार्य विभाग के अंतर्गत आती हैं।
ग्रामीण कार्य विभाग के एसडीओ अभिषेक कुमार ने बताया कि विभाग से बैरियर लगाने का निर्देश प्राप्त हुआ है। इसके तहत कार्य शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि भारी वाहनों के परिचालन से सड़क पर वाहन फंसने और धूल-मिट्टी उड़ने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद विभाग की ओर से बैरियर लगाने का निर्णय लिया गया।
एसडीएम के आश्वासन के बाद सड़क जाम समाप्त
बिहिया थानाध्यक्ष सुन्देश्वर कुमार दास ने मोबाइल फोन पर प्रभारी एसडीएम सह डीसीएलआर अमरेंद्र कुमार से प्रदर्शनकारियों की बातचीत कराई। एसडीएम की ओर से समस्या का जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिए जाने के बाद लोगों ने सड़क जाम हटा लिया। इसके बाद सड़क पर वाहनों का आवागमन सामान्य हो गया।
करीब दो घंटे तक सड़क जाम रहने के कारण राहगीरों, ऑटो चालकों और छोटे वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई थी। आश्वासन मिलने के बाद लोगों ने जाम समाप्त कर दिया, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों ने राहत की सांस ली। प्रशासन ने समस्या के शीघ्र निदान का भरोसा दिया है।

