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चैती छठ घाट हादसा: सोन नदी में डूबने से स्कूली छात्र समेत दो की मौत

Chhath ghat in saripur: संदेश थाना क्षेत्र के सारीपुर गांव की शुक्रवार की सुबह की घटना

jay kumar

इलाज के लिये पटना ले जाने के दौरान युवक ने रास्ते में तोड़ा दम

बिहार/आरा/संदेश  खबरे आपकी भोजपुर में चैती छठ पूजा के दौरान शुक्रवार की सुबह बड़ा हादसा हो गया। संदेश थाना क्षेत्र के सारीपुर गांव स्थित सूर्य मंदिर के समीप सोन नद में डूबने स्कूली छात्र समेत दो लोगों की मौत हो गई। स्कूली छात्र को बचाने में दूसरे युवक की जान चली गयी। मृतकों में संदेश थाना क्षेत्र के बचरी गांव निवासी संतोष साह का 10 वर्षीय पुत्र रोहित कुमार और चांदी थाना के जलपुरा गांव निवासी जगदीश राम का 23 वर्षीय पुत्र धीरज कुमार थे। रोहित दूसरी क्लास का छात्र था, जबकि धीरज प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। इलाज के लिये पटना ले जाने के दौरान धीरज की मौत हो गयी। दोनों के घर में चैती छठ का व्रत हो रहा था और उसी को लेकर सारीपुर सोन नदी घाट गये थे।

Chhath ghat in saripur: नहाने के दौरान डूबा स्कूली छात्र, बचाने में युवक ने भी गंवा दी जान

Chhath ghat in saripur

हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गयी। वहीं छठ का माहौल गमगीन हो गया। इधर, दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया गया। रोहित के चाचा अनिल कुमार ने बताया कि उनके घर छठ का व्रत हुआ था। इसको लेकर शुक्रवार की सुबह सभी उदीयमान भगवान भास्कर को अर्घ्य देने सारीपुर स्थित सूर्य मंदिर के पास सोन नदी घाट पर गए थे। इस दौरान रोहित अन्य बच्चों के साथ सोन में नहाने लगा। लेकिन पानी काफी गहरा होने के कारण वह डूबने लगा। उसे देख धीरज कुमार ने बचाने को लेकर सोन नदी में छलांग लगा। लेकिन दोनों डूब गये।

बच्चे को डूबते देख सोन में लगा दी छलांग, खूद भी नहीं बच सका धीरज

जलपुरा गांव निवासी धीरज कुमार की बहादुरी काम नहीं आ सकी। बच्चे को बचाने के चक्कर में वह खूद भी सोन नद के गहरे पानी डूब गया। हालांकि उसकी बहादुरी के काफी चर्चे हो रहे हैं। जान गंवा कर उसने बहादुरी की मिसाल पेश की है। बताया जा रहा है कि रोहित कुमार को सोन में डूबते, देख मौके पर मौजूद धीरज कुमार ने अपनी जान की परवाह किये बिना सोन में छलांग लगा दी। लेकिन उसे सोन की पानी का अंदाजा नहीं लगा और वह भी डूबने लगा। इससे घाट पर अफरातफरी मच गयी। उसके बाद स्थानीय गोताखोर पहुंचे और दोनों को अथक प्रयास के बाद बाहर निकाला गया। तबतक स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंच चुकी थी। उसके बाद दोनों को सदर अस्पताल लाया गया। वहां डाक्टर ने रोहित कुमार को मृत घोषित कर दिया। वहीं धीरज कुमार को गंभीर हाल में पटना रेफर कर दिया गया था। हालांकि पटना पहुंचने से पहले ही उसने भी दम तोड़ दिया।

भाई बोला: अवैध खनन के कारण गयी धीरज और रोहित की जान

धीरज के भाई प्रेमचंद्र दास ने कहा कि बालू माफियाओं के अवैध खनन के कारण धीरज और रोहित की जान गयी है। बताया कि माफियाओं द्वारा अवैध बालू खनन के लिये जगह-जगह गहरे गड्ढे खोद दिये गये हैं। इससे सारीपुर सोन नदी घाट की स्थिति काफी खराब हो गई है। अब तो हालत ऐसी हो गयी है कि उस घाट पर ना दाह संस्कार हो सकता है और नहींपूजा पाठ। उन्होंने जिला प्रशासन और सरकार से अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग की है। कहा कि अगर रोक नहीं लगी, तो लोगों की जान इसी तरह जाती रहेगी।

खुशहाली और मंगल के लिये गये थे पूजा करने, दोनों घरों में हो गया अमंगल

Chhath ghat in saripur बचरी गांव निवासी संतोष साह और जलपुरा गांव के जगदीश राम के घर के लोग खुशहाली के लिये कठिन चैती छठ की पूजा की थी। लेकिन उदीयमान भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित के बेर ही इनके साथ अमंगल हो गया। एक साथ दोनों घरों की खुशियां छीन गयी। दोनों घरों में रोना-धोना और चीत्कार मच गया। सुबह तक मंगल और छठ की गीत गा रही महिलाएं बिलख-बिलख कर रोने लगी। बताया जा रहा है कि रोहित दो भाइयों में छोटा था। उसके परिवार में मां रेणु देवी, भाई मनीष कुमार और बहन तनु कुमारी है। छोटे बेटे के वियोग में रेणु का बुरा हाल था। वहीं धीरज कुमार चार भाइयों में तीसरे स्थान पर था। उसके परिवार में मां राज कुमारी देवी,तीन भाई प्रेमचंद्र दास, दीपक कुमार, नीरज कुमार, बहन बेबी देवी और हिंदू देवी है।

Bijay singh
MD WASIM
MD WASIM
Journalist

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