Shahpur BEO Arrested : शाहपुर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को एक लाख रुपए घूस लेते निगरानी ने रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान मेडिएटर मो. कादिर भी गिरफ्तार।
- हाइलाइट: Shahpur BEO Arrested
- 1 लाख रुपये घूस लेते रंगेहाथ हुआ गिरफ्तार
- मेडिएटर मोहम्मद कादिर भी हुआ गिरफ्तार
- भोजपुर के शाहपुर प्रखंड में पदस्थापित है बीईओ मो. गुलाम सरवर
आरा। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना की टीम ने बुधवार को भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को एक लाख रुपए घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। घूस की यह रकम एक मामले में मदद के एवज में वसूली जा रही थी। इस दौरान मेडिएटर मो. कादिर को भी गिरफ्तार कर लिया।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की की टीम घूसखोरी बीईओ को पूछताछ के लिए अपने साथ पटना ले गई। निगरानी की इस कार्रवाई से घूसखोरी पदाधिकारियों व कर्मियों में हड़कंप व्याप्त है। पिछले 10 दिनों के भीतर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने भोजपुर में दूसरी बार कार्रवाई की है।
जानकारी के अनुसार घूसखोर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मो. गुलाम सरवर है। इधर, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना के डीएसपी आदित्य कुमार ने बताया कि बक्सर निवासी शिक्षक संतोष कुमार पाठक द्वारा लिखित आवेदन प्राप्त हुआ था, दिए आवेदन में कहा गया था कि बकाया वेतन के भुगतान को लेकर एक लाख रुपये घूस की मांग की जा रही है। सत्यापन के उपरांत मामला सत्य पाया गया। जिसको लेकर निगरानी थाना कांड संख्या 67/25 दर्ज की गई।
इसके बाद टीम ने धावा बोल एक लाख रुपये रिश्वत लेते प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को रंगेहाथ पकड़ लिया गया है। इनके साथ मो.कादिर नाम का एक व्यक्ति भी था, जो मेडिएटर का काम कर रहे थे। उन्हें भी गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि शिक्षक संतोष कुमार पाठक शाहपुर प्रखंड के बंशीपुर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत है। उनका दो वर्ष का वेतन आठ लाख चौवन हजार रुपये बकाया था। उसी राशि की भुगतान करने को लेकर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की गई थी।
बता दें कि 20 अगस्त 25 को भोजपुर जिले के चकिया पंचायत के आवास सहायक मनीष कुमार को बुधवार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने 5 हजार रुपए घूस लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया था। फतेहपुर निवासी लाभुक रामजी सिंह ने शिकायत की थी कि आवास सहायक उनसे तीसरी किस्त के भुगतान के लिए रिश्वत मांग रहा था।
शिकायत की पुष्टि के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम के डीएसपी गौतम कृष्णा के नेतृत्व में जाल बिछाया गया था। तयशुदा रणनीति के तहत जैसे ही लाभुक ने 5 हजार की राशि मनीष कुमार को सौंपी, तभी निगरानी टीम ने मौके पर ही उसे गिरफ्तार कर लिया था। कार्रवाई में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम में मोहम्मद निजामुद्दीन, असी रवि शंकर, सिपाही पंकज कुमार और शंभू राय शामिल थे।


