Shahpur NP – Tender: शाहपुर नगर पंचायत में वर्ष -2023 में स्वीकृत हुए करीब 05 करोड़ रुपये से अधिक के काम टेंडर होने के बाद भी अब तक शुरू नहीं किए जा सके हैं।
- हाइलाइट: Shahpur NP – Tender
- टेंडर पास…फिर भी निर्माण कार्य दो साल से पेंडिंग
आरा। शाहपुर नगर पंचायत में वर्ष -2023 में स्वीकृत हुए करीब 05 करोड़ रुपये से अधिक के काम टेंडर होने के बाद भी अब तक शुरू नहीं किए जा सके हैं। काम शुरू न होने की वजह से आए दिन नगर कार्यालय में लोग हंगामा करते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब अधिकारियों से शिकायत करो तो वो कहते हैं कि टेंडर हो चुका है, जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। इतने सालों से केवल आश्वासन मिल रहा है। टेंडर स्वीकृति के दो साल एक माह का समय बीत जाने के बाद भी शाहपुर नगर पंचायत के कई वार्डों में निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
केस-1 : शाहपुर नगर पंचायत के वार्ड संख्या -07 में आरईओ रोड के दोनों तरफ आरसीसी नाला निर्माण कार्य के लिए निविदा मूल्य: ₹ 1976201 लाख रुपये की सड़क का टेंडर संवेदक द्वारा स्वीकृत किया गया है। टेंडर होने के दो साल बाद भी संवेदक ने काम नहीं शुरू किया।
केस-2 : नगर पंचायत शाहपुर के वार्ड 7 में मेन रोड से मोहन पांडे व शिवजी यादव के घर होते हुए चंद्रशेख पांडे के घर तक मिट्टी भराई इंट सोलिंग पीसीसी एवीएम नाली निर्माण कार्य के लिए निविदा मूल्य: ₹ 1528943 लाख रुपये टेंडर संख्या NIT04/2023-24 GR-14 है। टेंडर होने के दो साल बाद भी संवेदक ने काम शुरू नहीं किया।
केस-3 : शाहपुर नगर पंचायत के वार्ड 8 में बब्लू शर्मा के घर से लक्ष्मण महतो के घर तक पीसीसी एवं नाला निर्माण कार्य के लिए निविदा मूल्य: ₹ 2262799 लाख रुपये की सड़क व नाली का टेंडर संवेदक द्वारा स्वीकृत किया गया है। टेंडर के दो साल एक महीना होने के बाद भी काम शुरू नहीं किया गया। इसका NIT04/2023-24 GR-15 है। इससे स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कुल मिलाकर नगर में करीब 05 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य पेंडिंग है।
Shahpur NP – Tender : क्या डिफॉल्टर घोषित होंगे ठेकेदार
इधर, कार्यालय मे ईओ नहीं मिले। संबंधित नगर कर्मी ने बताया की ऐसे ठेकेदारों और फर्मों की सूची उपलब्ध नहीं है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार टेंडर होने के बाद भी अभी तक एग्रीमेंट की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है। क्या काम शुरू नहीं करने वाले ठेकेदारों का टेंडर निरस्त कर ऐसे ठेकेदारों और फर्मों को डिफॉल्टर घोषित करने की कार्रवाई की जायगी।
बता दें की नगर के ईओ से ऑफिस में मुलाकात और फोन पर बात असंभव है और जेइ जयनन्दन चौधरी को फोन लगाने पर वे फोन उठाना मुनासिब नहीं समझते। वही स्थानीय लोग् ठेकेदार के विरुद्ध सख्त कारवाई करने की मांग करने लगे है। लोगों का कहना है की जब सफाई एनजीओ को ब्लैक लिस्ट किया गया तो फिर टेंडर लेकर काम नहीं करने वाले इन संवेदकों के प्रति नरमी क्यों बरती जा रही है? नगर पंचायत के कार्यशैली से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

