Tej Pratap – Shahpur MLA: भोजपुर जिला के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे तेज प्रताप ने यहां से राजद के विधायक राहुल तिवारी उर्फ मंटू तिवारी पर जमकर निशाना साधा।
- हाइलाइट: Tej Pratap – Shahpur MLA
- शिवानंद तिवारी ने मेरे पिता लालू प्रसाद यादव को जेल भेजवाया – तेज प्रताप यादव
- तेज प्रताप यादव ने अपने समर्थकों से स्पष्ट कहा कि इस बार मदन को सदन में भेजें
आरा। नई पार्टी ‘जनशक्ति जनता दल’ के गठन के बाद, राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के ज्येष्ठ पुत्र तेज प्रताप यादव ने राज्य में चुनावी दौरा शुरू कर दिया है। इस दौरान, रविवार को भोजपुर जिला के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे तेज प्रताप ने यहां से राजद के विधायक राहुल तिवारी उर्फ मंटू तिवारी पर जमकर निशाना साधा। तेज प्रताप ने न केवल राहुल तिवारी पर आरोप लगाए, बल्कि उनके पिता शिवानंद तिवारी का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने उनके पिता लालू प्रसाद यादव को जेल भेजवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह आरोप लगाकर तेज प्रताप ने शाहपुर के राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है।
इतना ही नहीं तेज प्रताप यादव ने राहुल तिवारी पर जनता के धन का उपयोग व्यक्तिगत हितों के लिए करने का आरोप लगाया, विशेष रूप से पटना के बोरिंग रोड में सैलून चलाने का उल्लेख करते हुए। यह आरोप क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है और तेज प्रताप के इस आक्रामक रुख ने क्षेत्रीय राजनीति की गहमागहमी को और बढ़ा दिया है। इस प्रकार के आरोप और प्रत्यारोप से तेज प्रताप ने शाहपुर के चुनावी माहौल में एक नई हलचल पैदा कर दिया।
बता दें की रविवार को शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के बिहिया पहुंचे तेज प्रताप का भव्य स्वागत बिहिया चौरास्ता पर किया गया। इसके बाद, उन्होंने बिहिया नगर स्थित महथिन माई में पूजा-अर्चना की, साथ ही पार्टी कार्यालय का उद्घाटन किया। इसके बाद रोड शो के दौरान, तेज प्रताप यादव बिहिया से तीयर पथ होते हुए चकरही मोड़ से बगही पहुंचे। वहां से रानीसागर के बड़ी मस्जिद स्थित मज़ार पर चादरपोशी की और शाहपुर हाई स्कूल के खेल मैदान में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित किया, जहां उन्होंने वर्तमान राजद विधायक पर जमकर निशाना साधा और अपने समर्थकों से स्पष्ट कहा कि इस बार मदन को सदन में भेजें।
इधर, शाहपुर विधानसभा के सियासी परिदृश्य में तेज प्रताप यादव की आक्रामक बैटिंग ने राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है। राहुल तिवारी पर लगे आरोप और शिवानंद तिवारी के संबंधी आरोपों का असर क्षेत्रीय राजनीति और मतदाता मनोवृत्ति पर क्या स्पष्ट तौर पर दिखाई देगा, यह देखना दिलचस्प होगा।


