AK-47 Shahpur: शाहपुर नगर में इतनी बड़ी संख्या में हथियार कहां से आए और किस उद्देश्य से रखे गए थे, यह एक बड़ा सवाल है। गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ जारी है।
- हाइलाइट: AK-47 Shahpur
- समय रहते संभावित बड़ी घटना को रोकने में सफल रही शाहपुर थाना पुलिस
- शाहपुर में खतरनाक हथियारों के जखीरे का खुलासा, लोग सहमे, मचा हड़कंप
आरा। बिहार के भोजपुर जिला से शनिवार की सुबह एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई, इस खबर में शाहपुर नगर से एके-47 सहित कई बड़े हथियारों के जखीरे का खुलासा हुआ। मिली जानकारी के अनुसार, पटना एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि शाहपुर थाना क्षेत्र में एके-47 हथियारों की तस्करी की जा रही है। इस सूचना के आधार पर, पटना एसटीएफ ने शाहपुर थाना पुलिस के साथ मिलकर तुरंत संयुक्त कार्रवाई की। इस छापेमारी में एक एके-47 राइफल, एक बंदूक, दो पिस्टल, दो देशी कट्टे, एक रिवॉल्वर और 70 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इस कार्रवाई के दौरान दो तस्करों को भी मौके से गिरफ्तार किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ जारी है, और पुलिस को आशंका है कि ये तस्कर एक अंतरराज्यीय हथियार तस्करी गिरोह का हिस्सा हो सकते हैं। इस कार्रवाई ने शाहपुर नगर और उसके आसपास के इलाकों में हड़कंप मचा दिया है, और लोग इस घटना को देखकर सहम गए हैं। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के बाद उनके नेटवर्किंग का पता लगाने में जुट गई है ताकि उनके नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। स्थानीय पुलिस और एसटीएफ की इस संयुक्त कार्रवाई को बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है, जो समय रहते संभावित बड़ी घटना को रोकने में सफल रही।
इसकी जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक भोजपुर, राज ने बताया कि एसटीएफ और भोजपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में शाहपुर नगर क्षेत्र से एक एके-47 के साथ एक दुनाली बंदूक, एक देशी पिस्तौल, एक रिवॉल्वर, एक देसी कट्टा, एक देसी थरनेट के साथ 76 कारतूस और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए। गिरफ्तार अभियुक्तों में पंकज कुमार राय उर्फ सत्यजीत राय (35 वर्ष) पिता स्व. शैलेश चन्द्र राय वार्ड नंबर 5 और अंकित कुमार (19 वर्ष) पिता अयोध्या यादव, वार्ड नंबर 10 के रूप में पहचाने गए हैं।
पंकज राय के घर से एक लोडेड एके-47, एक पिस्टल, 22 एके-47 कारतूस, 13 पिस्टल कारतूस, चार मैगजीन और एक मोबाइल जब्त किया गया। वहीं, वार्ड संख्या-10 के अंकित कुमार के घर से एक लोडेड देशी पिस्टल, एक रिवाल्वर, एक देशी कट्टा, एक थार्नेट, एक देशी एक नाली बंदूक, 35 कारतूस और दो मोबाइल बरामद हुए।
बिहार पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब इस तस्करी रैकेट के नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुट गई हैं। इतनी बड़ी संख्या में हथियार कहां से आए और किस उद्देश्य से रखे गए थे, यह एक बड़ा सवाल है। गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ जारी है। इस घटना ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि बिहार में इस तरह के खतरनाक हथियारों की तस्करी का रैकेट सक्रिय है। चुनाव के नजदीक आने के साथ, इस तरह की घटनाएं और भी चिंताजनक हो जाती हैं।
सुरक्षा एजेंसियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और अब वे इस तस्करी रैकेट के पीछे के लोगों को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं। एके-47 हथियारों की तस्करी का मामला न केवल एक गंभीर अपराध है, बल्कि यह समाज के लिए भी एक बड़ा खतरा है। वही इतनी बड़ी संख्या में हथियार कहां से आए ? यह एक बड़ा सवाल है।

