Babu Bazaar Arrah: आरा के बाबू बाजार में जर्जर सड़क, कीचड़ और गड्ढों से राहगीरों, स्कूली बच्चों और मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। नाराज स्थानीय लोगों ने तंज कसते पोस्टर लगाकर जनप्रतिनिधियों से सड़क की मरम्मत की मांग की।
हाइलाइट:Babu Bazaar Arrah
आरा के बाबू बाजार की सड़क पर कीचड़ और गड्ढों से बढ़ी राहगीरों की परेशानी।
स्कूल, कॉलेज और अस्पताल जाने वाले लोगों को रोजाना जोखिम उठाना पड़ रहा है।
आरा। अगर आपको एडवेंचर पसंद है, कीचड़ में मड रेस करनी है और गड्ढों के बीच रास्ता तलाशने का रोमांच महसूस करना है, तो आरा शहर का बाबू बाजार पहुंच जाइए। हालांकि, यहां का रास्ता किसी एडवेंचर ट्रैक की तरह दिखाई जरूर देता है, लेकिन इस सड़क से गुजरने वाले लोग रोमांच के लिए नहीं, बल्कि अपनी जरूरतों के कारण मजबूरी में सफर कर रहे हैं।
आरा के बाबू बाजार की बदहाल सड़क पर जगह-जगह कीचड़ और गड्ढे बने हुए हैं। पैदल राहगीरों के साथ-साथ साइकिल और बाइक सवारों को भी काफी सावधानी से गुजरना पड़ता है। जरा सी चूक होने पर लोगों के कीचड़ में गिरने का खतरा बना रहता है। सड़क की इस स्थिति से स्थानीय लोगों का धैर्य अब जवाब देने लगा है।
कीचड़ और गड्ढों के बीच चलना मजबूरी: बाबू बाजार की सड़क की बदहाली ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। स्कूली बच्चों, उनके अभिभावकों, मरीजों और रोजाना कामकाज के लिए आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस इलाके में स्कूल, कॉलेज और मेडिकल अस्पताल स्थित हैं। ऐसे में रोजाना बड़ी संख्या में बच्चे, मरीज और उनके परिजन इस रास्ते से गुजरते हैं। सड़क पर फैले कीचड़ और गड्ढों के कारण उन्हें जोखिम उठाकर रास्ता पार करना पड़ता है।
अस्पताल जाने वाले मरीजों की बढ़ी मुश्किल: स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल जाने वाले मरीजों और गर्भवती महिलाओं के लिए यह रास्ता किसी चुनौती से कम नहीं है। कीचड़ के कारण पैदल चलना मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन चालकों को भी फिसलने और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
लोगों के मुताबिक, कई बच्चे और उनके अभिभावक इस रास्ते से गुजरने के दौरान फिसलकर गिर चुके हैं। बारिश के बाद सड़क की स्थिति और भी खराब हो गई है। जलजमाव और कीचड़ के कारण सड़क दलदल में तब्दील हो गया है।
Babu Bazaar Arrah: पोस्टर लगाकर जनप्रतिनिधियों पर कसा तंज
सड़क की दुर्दशा और समस्या के समाधान में कथित देरी से नाराज स्थानीय लोगों ने अनोखे अंदाज में विरोध जताया है। बाबू बाजार क्षेत्र में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों पर लिखे व्यंग्यात्मक नारों के जरिए लोगों ने सड़क की बदहाली के साथ-साथ व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं।
स्थानीय लोगों की ओर से लगाए गए पोस्टरों में वार्ड पार्षद प्रतिनिधि संतोष पांडे, महापौर इंदु देवी, सांसद सुदामा प्रसाद और मंत्री सह स्थानीय विधायक संजय सिंह टाइगर के नाम शामिल हैं।
पोस्टरों पर लिखे गए व्यंग्यात्मक नारे
वार्ड पार्षद प्रतिनिधि संतोष पांडे के पोस्टर पर लिखा गया है, “मेरे हाथ में कुछ नहीं, चुनाव आएगा तो बनूंगा जनता का नेता नहीं, बेटा।”
महापौर इंदु देवी के पोस्टर पर तंज कसते हुए लिखा गया है, “आरा शहर के प्रति समर्पित, कीचड़ से करवा दूंगी शहर का निर्माण।”
वहीं, सांसद सुदामा प्रसाद के पोस्टर पर “अभी अस्पताल में हूं” लिखा गया है। मंत्री सह स्थानीय विधायक संजय सिंह टाइगर के पोस्टर पर “पार्टी का वफादार, जनता का क्यों करें विचार?” जैसे शब्द लिखे गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ये नारे उनके विरोध और नाराजगी को व्यक्त करने के लिए लगाए गए हैं। इन पोस्टरों के माध्यम से लोग यह बताना चाहते हैं कि सड़क की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया।
स्थानीय लोगों में आक्रोश: स्थानीय निवासी अमरेंद्र कुमार ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के प्रति नाराजगी जताते हुए सवाल उठाया कि क्या नेता जनता को अपना परिवार नहीं मानते। उनका कहना है कि बाबू बाजार की सड़क की समस्या और लोगों की परेशानी को कई बार सामने लाया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बार-बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम और संबंधित जनप्रतिनिधियों की ओर से कीचड़ हटाने और सड़क को दुरुस्त कराने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।
दशहरा के दौरान डाली गई थी मिट्टी
लोगों ने बताया कि दशहरा के दौरान सड़क पर मिट्टी डाली गई थी। बारिश होने के बाद यही मिट्टी कीचड़ और दलदल में बदल गई। इससे सड़क की स्थिति पहले से भी अधिक खराब हो गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर अस्थायी रूप से मिट्टी डालने के बजाय जलनिकासी और पक्की सड़क की व्यवस्था की जानी चाहिए। जब तक स्थायी समाधान नहीं किया जाता, तब तक बारिश के मौसम में लोगों को इसी तरह परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित: सड़क की खराब स्थिति का असर बाबू बाजार के दुकानदारों पर भी पड़ रहा है। कीचड़ और गड्ढों के कारण ग्राहक बाजार में आने से बच रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि सड़क पर आवाजाही कम होने से कारोबार प्रभावित हो रहा है।
राहगीरों की परेशानी के साथ-साथ दुकानदारों को भी रोजाना दुकान खोलने और ग्राहकों तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो समस्या और गंभीर हो सकती है।
स्थायी समाधान की मांग: स्थानीय लोगों ने नगर निगम और प्रशासन से बाबू बाजार की सड़क का निरीक्षण कराकर जल्द से जल्द स्थायी समाधान कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत के साथ-साथ जलनिकासी की उचित व्यवस्था भी जरूरी है।
लोगों के अनुसार, केवल गड्ढों में मिट्टी भर देने या अस्थायी तौर पर रास्ता समतल करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। सड़क को पक्का कराने और नाले की व्यवस्था दुरुस्त करने की जरूरत है, ताकि बारिश के दौरान दोबारा जलजमाव और कीचड़ की स्थिति उत्पन्न न हो।










