Garhani Banas River: भोजपुर के गड़हनी में बनास नदी में नहाने के दौरान डूबे सात और 10 वर्षीय दो बच्चों का 24 घंटे बाद भी सुराग नहीं मिला। एसडीआरएफ की टीम शांति नगर से भेंड़री तक नाव के सहारे तलाश कर रही है।
- हाइलाइट: Garhani Banas River
- बनास नदी में डूबे सात और 10 वर्षीय दोनों बच्चों का दूसरे दिन भी पता नहीं चल सका।
- एसडीआरएफ की टीम ने नाव के सहारे शांति नगर से भेंड़री तक चलाया तलाशी अभियान।
आरा/गड़हनी। भोजपुर जिले के गड़हनी थाना क्षेत्र के शांति नगर के सामने बनास नदी में शनिवार को डूबे दोनों मासूम बच्चों का 24 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका। रविवार को दूसरे दिन एसडीआरएफ की टीम ने नदी में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन देर शाम तक टीम को सफलता नहीं मिली। नदी में बच्चों के लापता होने के बाद से उनके परिवारों में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
दोनों बच्चों की पहचान: लापता बच्चों की पहचान नगर पंचायत गड़हनी के वार्ड संख्या-2 स्थित शांति नगर निवासी चंदन केशरी के सात वर्षीय पुत्र हिमांशु कुमार और रविंद्र केशरी उर्फ मैनी के 10 वर्षीय पुत्र मोनू कुमार के रूप में हुई है। दोनों बच्चे शनिवार की दोपहर अपने अन्य दोस्तों के साथ बनास नदी में नहाने गए थे। इसी दौरान पानी के तेज बहाव की चपेट में आने से दोनों बह गए।
छह बच्चे नहाने गए थे नदी में: प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब तीन बजे शांति नगर के सामने छह बच्चे बनास नदी में नहाने के लिए गए थे। नहाने के दौरान अचानक नदी का बहाव तेज हो गया। बताया जाता है कि तेज धारा में हिमांशु कुमार और मोनू कुमार बह गए, जबकि अन्य बच्चों को स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
शाम से शुरू हुई खोजबीन: घटना की सूचना मिलने के बाद शनिवार शाम करीब छह बजे से एसडीआरएफ की टीम और स्थानीय ग्रामीणों ने नदी में खोजबीन शुरू की। टीम ने नदी के आसपास के इलाकों और संभावित स्थानों पर तलाश की।
रविवार को एसडीआरएफ की टीम ने नाव के सहारे शांति नगर से लेकर भेंड़री तक नदी में तलाशी अभियान चलाया। नदी की मुख्य धारा के साथ-साथ किनारे के हिस्सों में भी बच्चों की तलाश की गई, लेकिन टीम को कोई सफलता नहीं मिली।
Garhani Banas River: तेज बहाव के कारण बढ़ी मुश्किल
स्थानीय लोगों के अनुसार, बनास नदी में पानी का बहाव काफी तेज है। इसी वजह से तलाशी अभियान में एसडीआरएफ की टीम को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों ने आशंका जताई कि तेज धारा में बहकर दोनों बच्चे घटनास्थल से काफी दूर चले गए होंगे। नदी का बहाव अधिक होने के कारण तलाशी के लिए टीम को लगातार सावधानी बरतनी पड़ रही है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल: दोनों बच्चों के लापता होने के बाद से उनके परिजन लगातार नदी किनारे और घटनास्थल के आसपास डटे हुए हैं। परिजनों की आंखें अपने बच्चों के इंतजार में पथरा गई हैं।
मां-बाप और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन एसडीआरएफ की टीम से बच्चों का जल्द पता लगाने की उम्मीद लगाए हुए हैं। घटना के बाद शांति नगर में भी शोक और चिंता का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीण भी तलाश में जुटे: एसडीआरएफ की टीम के साथ स्थानीय ग्रामीण भी नदी के किनारे और आसपास के इलाकों में खोजबीन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने नदी के बहाव और आसपास के संभावित स्थानों पर नजर बनाए रखी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों को नदी में नहाने से रोकने और खतरनाक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था करने की जरूरत है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी किनारे चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा व्यवस्था लगाने की मांग की है।
तलाशी अभियान जारी: प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम की ओर से बच्चों की तलाश लगातार जारी है। टीम नदी के अलग-अलग हिस्सों में तलाशी अभियान चला रही है। अधिकारियों की निगरानी में नाव के सहारे नदी में खोजबीन की जा रही है।
फिलहाल दोनों मासूमों का कोई सुराग नहीं मिलने से परिजनों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। प्रशासन की ओर से अभियान को आगे भी जारी रखने की बात कही गई है।











