Kundeshwar: कुंडेश्वर गांव में सरस्वती पूजा के विसर्जन के दौरान 26 जनवरी की दोपहर विवाद सुलझाने गई पुलिस पर हुआ था हमला
- हाइलाइट: Kundeshwar
- पुलिस पर हमला करने के मामले में दो पक्षों के 23 लोगों पर नामजद प्राथमिकी
- दर्ज प्राथमिकी में 20-25 अज्ञात को बनाया गया आरोपित
- शाहपुर थाना के एएसआई आले इमरान के लिखित आवेदन के आधार पर दर्ज हुई प्राथमिकी
- एएसआई समेत चार पुलिसकर्मी हुए थे चोटिल
आरा। भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के कुंडेश्वर गांव में 26 जनवरी की दोपहर सरस्वती पूजा मूर्ति विसर्जन के दौरान पुलिस पर हमले के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है इस मामले में शाहपुर थाना के सहायक अवर निरीक्षक आले इमरान के लिखित आवेदन के आधार पर 23 लोगों पर नाम जग प्राथमिक की दर्ज की गई है।
दर्ज प्राथमिक की में 20-25 अज्ञात को भी आरोपित बनाया गया है। आरोपियों पर पुलिस पर हमला करने सरकारी कार्य में बाधा डालने, आदेश का उल्लंघन करने, दो पक्ष में जातीय हिंसा कर क्षेत्र में अशांति फैलाने का आरोप लगाया गया है। दिए गये आवेदन में शाहपुर थाना के सअनि आले इमरान ने कहा है कि सरस्वती पूजा के अवसर पर उनकी प्रतिनियुक्ति कुण्डेसर में की गयी थी।
26 जनवरी 2026 को समय दोपहर करीब 1 बजे दिन में उन्हें सूचना मिली की कुंडेश्वर गांव (Kundeshwar) में पूर्व से दो पक्षों के बीच जातिय तनाव चला आ रहा था। जिसमें एक पक्ष के लोगों के द्वारा दूसरे पक्षो को अपने मोहल्ले से बाजा बजाते हुए मूर्ति विसर्जन करने पर पथराव लाठी-डंडा से हमला करने की सूचना है। दूसरी तरफ दूसरे पक्ष के व्यक्तियों के द्वारा अपने साथ बाजा बजाते हुए मूर्ति विसर्जन की सचना मिली।
इस सूचना को धानाध्यक्ष को अवगत कराया, तो धानाध्यक्ष द्वारा विधि संधारण डायल 112 के पदाधिकारी सअनि सहदेव प्रसाद तथा सअनि रोहित कुमार, सशस्त्र बल एवं सरकारी वाहन के साथ भेजे। पुलिस द्वारा दोनों पक्षों को बुलाकर बाजा नहीं बजाते हुए शांतिपूर्ण तरीके से प्रतिमा विसर्जन करने हेतु कहा गया, जिस पर दोनों पक्ष सहमत हो गये। तत्पश्चात विसर्जन करने हेतु एक पक्ष के व्यक्ति प्रतिमा के साथ निकल गये। इस दौरान पुलिसकर्मी भी थे।
दोपहर करीब 1 बजकर 40 मिनट बजे महादलित टोला के घर के पास जैसे ही प्रतिमा पहुंचा, तभी लगभग 20 सेकेंड तक एक पक्ष के व्यक्ति के द्वारा बाजा बजा दिया गया, जिस पर पुलिस कर्मी बाजा बंद करवा दिए। इसके बाद दूसरे पक्ष के व्यक्तियों के द्वारा ईट-पत्थर से प्रतिमा ले जा रहे एक पक्ष के व्यक्तियों के ऊपर अचानक हमला कर दिया गया। तब पुलिस कर्मी दोनों पक्षों को रोकने लगे।
इस दौरान दोनों पक्ष के लोग पुलिसकर्मियों को भद्दी-भद्दी गालियों देते हुए लाठी डंडा व ईट-पत्थर से हमला कर दिए। इस दौरान सअनि आले इमरान, सअनि सहदेव प्रसाद, पीआईसी अमित गौड, पीटीसी रंजन कुमार जख्मी हो गये। घटना के बाद दोनों पक्ष के लोग मौके से भाग गये और सरस्वती माता के प्रतिमा का विसर्जन गाँव के लोगों के द्वारा ही करा दिया गया। घटनास्थल से ही जख्मी पुलिस कर्मी को इलाज हेतु शाहपुर रेफरल अस्पताल भेजा गया।
Kundeshwar: हमला करने वाले लोगों की हुई पहचान
पुलिसकर्मियों पर हमला करने वाले लोगों का पहचान की गई। जिसके बाद कुंडेश्वर गांव निवासी कृष्णा पादव पिता-रामजी पादव, रमेश यादव उर्फ भूटेली पादव पिता-स्व. रामनाथ यादव, घूमन यादव पिता-जितन यादव, राम कुमार पादव पिता-स्व. रामाशीष यादव, लल्लू यादव पिता- मनजी यादव उर्फ झुमन यादव, सोनू यादव पिता-विनोद यादव, वीर प्रताप यादव पिता-राम कुमार यादव, विकास कुमार यादव पिता-दशरथ यादव, संजय कुमार यादव पिता-छठु यादव, राम कुमार पादव पिता-फागू यादव, अनिल पाण्डेय पिता-भरत पाण्डेय, जसवंत सिंह पिता-स्व. श्रीनाथ सिंह, कनक सिंह पिता ना मालूम, करिया पाण्डेय उर्फ शिवम पाण्डेय पिता तिवारी पाण्डेय, महेंद्र सिंह पिता स्व. श्रीभगवान् सिंह, अंकित सिंह पिता-पप्पू सिंह, टिंकू सिंह पिता-देवकुमार सिंह, शुभम सिंह पिता -जितेन्द्र सिंह, निखिल सिंह पिता-कमलेश सिंह, पियूस सिंह पिता-हरेराम सिह, छोटू सिंह पिता-मदन सिंह, रामनरेश उर्फ हीरो यादव पिता-उमाशंकर यादव, शुभम पाण्डेय पिता-जीत नारायण पाण्डेय, पंकज यादव पिता-सुरेन्द्र यादव एवं 20-25 अज्ञात सभी कुण्डेसर थाना शाहपुर जिता भोजपुर के रूप में किया गया। डियूटी के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमला करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने एवं आदेश का उल्लंघन करने, दोनों पक्षों द्वारा जातिय हिंसा कर क्षेत्र में अशांति फैलाने का आरोप लगाया गया है।


