Samrat is a student of Lalu: सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए तेजस्वी यादव ने उन्हें लालू प्रसाद यादव की पाठशाला का छात्र करार दिया।
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- तेजस्वी यादव ने कहा: अब बिहार की कमान दिल्ली और गुजरात के नेतृत्व के इशारों पर
पटना। बिहार की राजधानी पटना में मचे सियासी घमासान के बीच राष्ट्रीय जनता दल के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखे राजनीतिक प्रहार किए हैं। बिहार की सत्ता में हुए फेरबदल और नीतीश कुमार के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए तेजस्वी यादव ने इसे न केवल जनादेश का अपमान बताया, बल्कि इसे एक वैचारिक पतन की संज्ञा भी दी है।
Samrat is a student of Lalu: सम्राट चौधरी की राजनीतिक नींव लालू यादव की विचारधारा पर: तेजस्वी यादव
सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए तेजस्वी यादव ने उन्हें लालू प्रसाद यादव की पाठशाला का छात्र करार दिया। तेजस्वी ने स्पष्ट किया कि सम्राट चौधरी को राजनीति में स्थापित करने और उन्हें पहली बार मंत्री व विधायक बनाने का श्रेय लालू प्रसाद यादव को ही जाता है। तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि आज वे भले ही भाजपा की राजनीति कर रहे हों, लेकिन उनकी संपूर्ण राजनीतिक नींव लालू यादव की विचारधारा पर ही आधारित है। उन्होंने आगे कहा कि आज स्थिति यह है कि भाजपा को भी लालू प्रसाद की विचारधारा के इर्द-गिर्द ही अपनी राजनीति करनी पड़ रही है।
बिहार के बदलते राजनीतिक परिदृश्य पर चिंता जताते हुए तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि अब बिहार की कमान दिल्ली और गुजरात के नेतृत्व के इशारों पर चलेगी। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का यह कदम भाजपा की विचारधारा को मजबूत करने की दिशा में एक प्रयास है, जिसे राज्य की जनता भली-भांति समझ रही है।
नीतीश कुमार ने नाथूराम गोडसे की सोच वालों को सत्ता सौंपी
तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार की विचारधारा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जो मुख्यमंत्री अक्सर महात्मा गांधी का नाम लेकर अपनी साख बनाते थे, आज उन्होंने सत्ता की बागडोर उन लोगों के हाथों में सौंप दी है, जिनकी विचारधारा नाथूराम गोडसे के समर्थकों वाली है। तेजस्वी के अनुसार, यह गांधीवादी सिद्धांतों और बापू की विरासत के साथ समझौता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन लोगों ने हमेशा जननायक कर्पूरी ठाकुर का अपमान किया और उनके योगदान को नकारा, आज नीतीश कुमार उन्हीं तत्वों को बिहार में स्थापित करने का कार्य कर रहे हैं। तेजस्वी यादव ने इस पूरे घटनाक्रम को जनादेश के साथ विश्वासघात बताया।


