Assault on Bahoranpur Police: भोजपुर जिले के बहोरनपुर थाना क्षेत्र के पुरुषोत्तमपुर गांव में शराब तस्करों को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम पर कुछ ग्रामीणों द्वारा हिंसक हमला कर दिया गया और पुलिस की दो बाइक भी छीन ली गईं।
- हाइलाइट: Assault on Bahoranpur Police
- बहोरनपुर थाना क्षेत्र के पुरुषोत्तम गांव की शनिवार की घटना
- शराब तस्करी में नाम आने के बाद छापेमारी करने पहुंची थी पुलिस
- मारपीट में दारोगा औ चौकीदार चोटिल, दोनों का कराया जा रहा इलाज
- पुलिस की ओर से 12 नामजद और 10 अज्ञात लोगों खिलाफ एफआइआर
आरा,भोजपुर। जिले के बहोरनपुर थाना क्षेत्र के पुरुषोत्तमपुर गांव में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां शराब तस्करों को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम पर कुछ ग्रामीणों द्वारा हिंसक हमला कर दिया गया। इस घटना में पुलिस कर्मियों के साथ न केवल मारपीट की गई, बल्कि हिरासत में लिए गए दो अभियुक्तों को बलपूर्वक छुड़ा लिया गया और पुलिस की दो बाइक भी छीन ली गईं। हालांकि कुछ देर बाद पूर्व के मुखिया प्रतिनिधि धनेश्वर राय द्वारा बाइक थाने में पहुंचा दी गयी।
Assault on Bahoranpur Police: आरा सदर अस्पताल में उपचार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थानाध्यक्ष अजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम शराब तस्करी के एक मामले में नामजद आरोपियों टेंगारी यादव उर्फ बिट्टू और मुन्ना यादव को गिरफ्तार करने पुरुषोत्तमपुर गांव पहुंची थी। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ भी लिया था, लेकिन इसी दौरान 10 से 15 की संख्या में आए ग्रामीणों ने पुलिस दल पर हमला बोल दिया। इस झड़प में दारोगा मनोज कुमार और चौकीदार शिवचंद गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बहोरनपुर पुलिस की ओर से प्राथमिकी दर्ज
इधर, इस मामले में पुलिस की ओर से नामजद प्राथमिकी दर्ज की गयी है। इसमें 12 नामजद, जबकि 10 अज्ञात लोगों को आरोपित किया गया है। पुलिस द्वारा आरोपितों की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी की जा रही है। थानाध्यक्ष अजय कुमार के अनुसार करीब एक सप्ताह पूर्व शराब की तस्करी के मामले में पुरुषोत्तमपुर गांव के एक शख्स को गिरफ्तार किया गया था। उस कांड में हरिमोहन यादव के पुत्र टेंगारी यादव उर्फ बिट्टू और उसी गांव के मुन्ना यादव का नाम आया था। शनिवार को सूचना मिली कि दोनों अपने घर आये हैं।
उस आधार पर पुलिस की टीम दो बाइक और सरकारी गाड़ी से छापेमारी करने पुरुषोत्तमपुर गांव पहुंची। तब पता चला कि दोनों खेत की ओर भाग रहे हैं। पुलिस द्वारा दोनों को खदेड़ कर पकड़ लिया गया। तभी दस-पंद्रह की संख्या में ग्रामीण पहुंचे और पुलिस कर्मियों से उलझ गए। मारपीट करते हुए दोनों अभियुक्तों को छुड़ा लिया गया और दोनों बाइक भी छीन ली गयी।
थानाध्यक्ष ने बताया कि हरिमोहन यादव भी पूर्व में शराब तस्करी मामले में आरोपित रहा है। उस मामले में वह जेल भी जा चुका है। करीब एक सप्ताह उसके भाई को शराब के साथ गिरफ्तार किया गया था। उसी मामले में उसके पुत्र टेंगारी यादव उर्फ बिट्टू यादव और उसी गांव के मुन्ना यादव का भी नाम आया था। उसी मामले में पुलिस दोनों को गिरफ्तार करने गयी थी। दोनों को गिरफ्तार भी कर लिया गया था। तभी ग्रामीणों द्वारा हमला कर दिया गया।
‘लेन-देन’ के आरोप गलत:
उन्होंने बताया कि शराब तस्करी और पुलिस पर हमला करने वाले किसी भी अपराधी को छोड़ा नहीं जाएगा। प्राथमिकी दर्ज कर आरोपितों की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी की जा रही है। उन्होंने स्थानीय स्तर पर उठ रहे ‘लेन-देन’ के आरोप को खारिज करते हुए पुलिस पूरी पारदर्शिता के साथ जांच के लिए तैयार है। यह हमला शराब माफियाओं द्वारा पुलिस की सख्ती को कम करने की एक साजिश है, जिसे नाकाम किया जाएगा।
नाबालिग किशोर को ले जाने पर ग्रामीणों ने किया विरोध
दूसरी ओर, इस घटना को लेकर ग्रामीणों और परिजनों का पक्ष काफी अलग है। स्थानीय लोगों का दावा है कि दो बाइक पर सवार लोग सादे कपड़ों में आए थे और प्लास्टिक के बोतल में पानी लेकर शौच के लिए जा रहे एक नाबालिग किशोर को पकड़ कर जबरन बाइक पर बैठाने लगे। ग्रामीणों के अनुसार, जब परिजनों ने विरोध किया, तो उन लोगों ने खुद को पुलिस बताते हुए किशोर को छोड़ने की एवज में ‘लेन-देन’ की मांग की, जिससे विवाद बढ़ गया। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के दौरान जब हंगामा हुआ, तो बाइक सवारों ने बहोरनपुर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस के मौके पर पहुंचते ही वे लोग अपनी बाइक छोड़कर पुलिस की गाड़ी में बैठकर वहां से चले गए। जिसे बाद में धनेश्वर राय द्वारा बाइक थाने में पहुंचा दी गयी।


