AIOCD Call : ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के राष्ट्रव्यापी बंद को भोजपुर में मिला व्यापक समर्थन
- हाइलाइट: AIOCD Call
- एसोसिएशन के भोजपुर जिलाध्यक्ष सतेंद्र सिंह ने सभी सहयोगियों एवं समर्थकों के प्रति आभार व्यक्त किया
आरा: ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर 20 मई 2026 को आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी बंद को भोजपुर और बिहार सहित पूरे देश के केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट समुदाय ने व्यापक समर्थन दिया। राज्यभर में दवा व्यवसायियों ने पूर्णतः स्वैच्छिक, शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर इस आंदोलन को सफल बनाया।
बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन (बीसीडीए) के नेतृत्व में राज्य के सभी जिलों में दवा दुकानों को बंद रखा गया। आंदोलन से पूर्व राज्यभर में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया गया तथा विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर आम जनता को इस आंदोलन के उद्देश्यों की जानकारी दी गई।
AIOCD Call : भोजपुर में केमिस्ट समुदाय ने एकजुटता और समर्पण का परिचय दिया
एसोसिएशन के भोजपुर जिलाध्यक्ष सतेंद्र सिंह ने बताया कि यह आंदोलन केवल दवा व्यवसायियों के हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य सुरक्षा, औषधि वितरण व्यवस्था की विश्वसनीयता और लाखों छोटे एवं मध्यम लाइसेंसधारी दवा विक्रेताओं के भविष्य की रक्षा के उद्देश्य से आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि इस आंदोलन को सफल बनाने में केमिस्ट समुदाय ने एकजुटता और समर्पण का परिचय दिया है, जिसके लिए सभी सहयोगियों एवं समर्थकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
इस दौरान एसोसिएशन के बैनर तले महावीर टोला, आरा में एक धरना का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सतेंद्र सिंह, पंकज कुमार सिंह, मंटू दूबे,जयप्रकाश केशरी, लवकुश केशरी, अरूण पाठक,अजीत कुमार, बाल भगवान चौधरी,अशोक सिंह ,दीपक कुमार, पवन सिंह, एकबाल जी,अशु गुप्ता, मनीष कुमार भरत सिंह मोनू कुमार नीरज कुमार ,प्रथम कुमार ,सुनील कुमार, रामेश्वर नाथ पाठक,रंजीत सिंह, सहित एसाेसिएशन के प्रमुख पदाधिकारियों समेत बड़ी संख्या में जिले के दवा दुकानदार शाामिल हुए।
आंदोलन की प्रमुख मांगें:
- दवाओं की अनियंत्रित एवं अनियमित ऑनलाइन बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जाए।
- बिना वैध ड्रग लाइसेंस एवं निर्धारित प्रक्रियाओं के दवाओं की बिक्री तथा होम डिलीवरी पर सख्त नियंत्रण किया जाए।
- ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म द्वारा अपनाई जा रही अत्यधिक छूट (Deep Discounting) की नीति पर रोक लगाई जाए, जिससे पारंपरिक लाइसेंसधारी केमिस्ट प्रभावित हो रहे हैं।
- ऑनलाइन दवा बिक्री के लिए स्पष्ट, पारदर्शी एवं सख्त नियामक ढांचा (Regulatory Framework) तैयार किया जाए, जिससे मरीजों की सुरक्षा, कानूनी अनुपालन और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
- GSR 817(E) एवं GSR 220(E) जैसी अधिसूचनाओं की समीक्षा कर उनके दुरुपयोग पर रोक लगाई जाए।
- वर्तमान व्यवस्था में मौजूद कानूनी एवं व्यावहारिक विसंगतियों को दूर किया जाए।
- Drugs & Cosmetics Act के अंतर्गत जारी लाइसेंस केवल निर्धारित परिसर (Licensed Premises) के लिए मान्य है, इसलिए इंटरनेट माध्यम से दवाओं के प्रदर्शन, प्रचार अथवा बिक्री को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

