Buxar Bihar: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बक्सर दौरे ने इस ऐतिहासिक नगर के सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधी भविष्य को एक नई दिशा प्रदान की है।
- हाइलाइट: Buxar Bihar
- बक्सर के विकास का नया अध्याय:
- अध्यात्म और आधुनिकता का संगम
- वामनेश्वर धाम का कायाकल्प
- रामरेखा घाट पर पर्यटन सौगात
24 मई, बिहार की पावन धरा बक्सर, जिसे महर्षि विश्वामित्र की तपोभूमि और भगवान श्रीराम की शिक्षा स्थली के रूप में जाना जाता है। विकास की एक नई और गौरवशाली यात्रा पर अग्रसर है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बक्सर दौरे ने इस ऐतिहासिक नगर के सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधी भविष्य को एक नई दिशा प्रदान की है। इस दौरान उन्होंने न केवल प्राचीन मंदिरों के विकास की रूपरेखा तैयार की, बल्कि जिले के पर्यटन परिदृश्य को बदलने वाली कई बड़ी परियोजनाओं का शुभारंभ भी किया।
Buxar Bihar : वामनेश्वर धाम का प्रस्तावित भव्य स्वरूप और भविष्य की योजनाएं
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के दौरे का एक मुख्य आकर्षण वामनेश्वर धाम का प्रस्तावित कायाकल्प रहा। केंद्रीय कारा परिसर के भीतर स्थित इस प्राचीन मंदिर में मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में पौधारोपण भी किया, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष वामनेश्वर धाम के विकास का विस्तृत ले-आउट प्लान और नक्शा प्रस्तुत किया। इस प्रस्तावित योजना के तहत मंदिर का कायाकल्प एक भव्य और दिव्य तीर्थ स्थल के रूप में करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री ने बक्सर की धरती पर प्रभु श्रीराम की एक भव्य एवं विशाल प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा की, जो आने वाले समय में बक्सर के गौरव को वैश्विक स्तर पर स्थापित करेगी।
बंदियों के कौशल को मिला प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने अपने निरीक्षण के दौरान केंद्रीय कारा परिसर में स्थित निर्माणशाला का भी जायजा लिया। वहां उन्होंने बंदियों द्वारा तैयार की गई हस्तकला और अन्य उत्पादों की प्रदर्शनी को अत्यंत ध्यानपूर्वक देखा। बंदियों के हुनर और सृजनात्मकता की सराहना करते हुए उन्होंने उनके कौशल विकास के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर बक्सर जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को प्रतीक चिन्ह और चरखा भेंट कर उनका औपचारिक स्वागत किया।
साधु-संतों का आशीर्वाद और आध्यात्मिक गरिमा
महर्षि विश्वामित्र की इस तपोभूमि पर मुख्यमंत्री का आगमन एक आध्यात्मिक उत्सव जैसा प्रतीत हो रहा था। भगवान वामन मंदिर में उनके आगमन पर साधु-संतों की एक विशेष टोली ने उनका स्वागत किया। राजा राम शरण दासजी महाराज, त्रिदंडी स्वामी गंगा पुत्र, पीतांबरीजी महाराज, राज गोपालाचारी महाराज और अच्चुता प्रपन्न स्वामी सहित कई विद्वान संतों ने पुष्प मालाओं से मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। करीब 25 मिनट तक चले इस पूजा-अनुष्ठान में संतों की उपस्थिति ने वातावरण को और अधिक पावन बना दिया।

रामरेखा घाट पर पर्यटन का सौगात
बक्सर की इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव रामरेखा घाट पर पर्यटन विकास की सौगात रहा। वर्ष 2023 में जिस लाइट एंड साउंड शो परियोजना की नींव रखी गई थी, उसका भव्य उद्घाटन आज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। रामायण सेंटर स्थित बाबा विश्वामित्र मंडपम से रिमोट के माध्यम से इस परियोजना का शुभारंभ बक्सर के पर्यटन क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।
लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस परियोजना में 5D थियेटर, ड्राई डेक फाउंटेन और इंडोर-आउटडोर रेस्टोरेंट जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, रामरेखा घाट को पर्यटकों के लिए अधिक सुलभ बनाने हेतु हाईटेक कंट्रोल रूम, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, सुंदर पाथ-वे, चेंजिंग रूम और गंगा आरती के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। इस अवसर पर डुमरांव के महाराज कमल बहादुर सिंह की प्रतिमा का भी अनावरण किया गया।
अध्यात्म और आधुनिकता का संगम
अपनी यात्रा के क्रम में मुख्यमंत्री ने बाबा रामेश्वरनाथ मंदिर में भी शीश नवाया, जहां भगवान श्रीराम द्वारा स्थापित प्रथम शिवलिंग स्थित है। इस पूरी यात्रा के दौरान जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जनमानस में उत्साह का वातावरण देखा गया। प्रभारी मंत्री, पर्यटन मंत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक दिग्गजों की उपस्थिति रही।

