Bihar Politics Heats: बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने कहा था कि हरा गमछा पहनने वालों को पकड़ने में कितना देर लगेगा।
- हाइलाइट: Bihar Politics Heats
- अपराधी की पहचान उसके परिधान से नहीं होती- भाई दिनेश
23 मई, पटना। बिहार की राजनीति में इन दिनों एक बार फिर से भाषा की मर्यादा और राजनीतिक बयानों के स्तर को लेकर बहस छिड़ गई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा हरा गमछा को लेकर दिए गए बयान ने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। पटना स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम में बिहार AI समिट-2026 के दो दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन के दौरान इस विवादास्पद टिप्पणी के बाद से ही विपक्षी खेमों और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। इसी कड़ी में भोजपुर जिले के जगदीशपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक भाई दिनेश ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि राजनीति में भाषा की मर्यादा और पद की गरिमा ही एक जननेता की असली पहचान होती है।
Bihar Politics Heats : हरा गमछा पहनने वालों को पकड़ने में कितना देर लगेगा
पूर्व विधायक भाई दिनेश ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के उस बयान पर अपनी कड़ी आपत्ति जताई है जिसमें उन्होंने कहा था कि हरा गमछा पहनने वालों को पकड़ने में कितना देर लगेगा। भाई दिनेश का मानना है कि लोकतंत्र में एक संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति से इस प्रकार की भाषा की उम्मीद नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि सत्ता के शीर्ष पर बैठे व्यक्ति को अपनी वाणी में संयम और परिपक्वता रखनी चाहिए। सार्वजनिक जीवन में दिए गए ऐसे बयान न केवल समाज में विभाजन पैदा करते हैं, बल्कि राज्य के विकास के एजेंडे को भी पटरी से उतारते हैं।
हरा गमछा किसानों और मजलूमों का प्रतीक है: भाई दिनेश
भाई दिनेश ने आगे तर्क दिया कि यदि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर कोई बात हो रही है, तो अपराधी की पहचान उसके कार्यों, अपराध की गंभीरता और सबूतों के आधार पर होनी चाहिए, न कि किसी के परिधान, गमछे के रंग या विचारधारा के आधार पर। उन्होंने जोर देकर कहा कि हरा गमछा केवल एक कपड़े का टुकड़ा नहीं है, बल्कि यह समाज के उन वंचित, शोषित, गरीब और संघर्षशील लोगों की पहचान है जो सामाजिक न्याय और बराबरी के हक की लड़ाई में अग्रसर रहते हैं। यह किसानों और मजलूमों का प्रतीक है, जिसे किसी विशेष राजनीतिक चश्मे से देखना गलत है।
पूर्व विधायक ने कहा: जनता यह सब देख रही है
राजनीति की नैतिकता पर चर्चा करते हुए पूर्व विधायक ने कहा कि पद तो आज है और कल नहीं रहेगा, लेकिन व्यक्ति का व्यवहार और उसकी कार्यशैली ही इतिहास में उसकी पहचान सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा कि जनता बहुत जागरूक है और वह यह सब देख रही है कि प्रदेश में किस तरह की राजनीति की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अपराधी का कोई धर्म या दल नहीं होता, लेकिन राजनीतिक संवाद ऐसा होना चाहिए जो समाज को जोड़ने का काम करे, न कि किसी समुदाय विशेष के प्रति घृणा का संदेश फैलाए।
भाई दिनेश ने मुख्यमंत्री को सलाह देते हुए कहा कि वर्तमान में बिहार की प्राथमिकताएं स्पष्ट होनी चाहिए। राज्य की जनता बढ़ती बेरोजगारी, व्याप्त भ्रष्टाचार, लचर स्वास्थ्य व्यवस्था और बदहाल शिक्षा प्रणाली से जूझ रही है। एक जिम्मेदार नेतृत्व का दायित्व है कि वह इन बुनियादी मुद्दों पर अपना ध्यान केंद्रित करे और किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए ठोस कदम उठाए। विकास और सामाजिक सौहार्द ही राज्य की प्रगति का एकमात्र मार्ग है।

