CO Suspended: विभाग के मंत्री दिलीप जायसवाल ने अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही और अनियमितता बरतने वाले 14 अंचल अधिकारियों (सीओ) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
- हाइलाइट: CO Suspended
- बिहार प्रशासन में भ्रष्टाचार के विरुद्ध कड़ा रुख:
27 मई, पटना। बिहार में सुशासन और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की स्थापना के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से संकल्पित है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जीरो टॉलरेंस की नीति को आगे बढ़ाते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग के मंत्री दिलीप जायसवाल ने अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही और अनियमितता बरतने वाले 14 अंचल अधिकारियों (सीओ) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
CO Suspended: कार्रवाई के मुख्य कारण
विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह दंडात्मक कार्रवाई कई गंभीर शिकायतों के आधार पर की गई है। इनमें मुख्य रूप से सरकारी कार्यों में लापरवाही, प्रशासनिक अनियमितताएं और भ्रष्टाचार के विभिन्न मामले शामिल हैं। मंत्री दिलीप जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि विभागीय हड़ताल के दौरान लंबित पड़े करीब 37 लाख आवेदनों का निस्तारण करना एक बड़ी चुनौती थी, जिसे विभाग ने प्राथमिकता के आधार पर लिया है। समीक्षा के दौरान पाया गया कि कुछ अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों के प्रति उदासीन थे, जिसके कारण आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
निलंबित अधिकारियों की सूची
इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई में दानापुर के सीओ चंदन कुमार, पाटलिपुत्र के सीओ अनुज कुमार, राघोपुर के अंचल अधिकारी संजीव कुमार त्रिवेदी, पत्थरघट के सीओ राकेश कुमार और सिसवन के सीओ पंकज कुमार सहित कुल 14 अधिकारी शामिल हैं। इन सभी पर विभागीय नियमों के उल्लंघन और कार्य के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप सिद्ध हुए हैं।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति
मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए मंत्री दिलीप जायसवाल ने दो टूक शब्दों में कहा कि भ्रष्टाचार और लापरवाही को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने विभाग का कार्यभार संभाला, तो लंबित आवेदनों का अंबार एक बड़ी चुनौती थी। इसे दूर करने के लिए लगातार समीक्षा की जा रही है। मंत्री ने आगे कहा कि सरकार का उद्देश्य पारदर्शी व्यवस्था बनाना है। जो अधिकारी ईमानदारी और निष्ठा से कार्य करेंगे, उन्हें प्रोत्साहित और सम्मानित किया जाएगा, लेकिन जो जनता के हितों के साथ खिलवाड़ करेंगे, उनके खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

