Dr. Markandeya Singh: महिला के पति सत्येंद्र यादव के बयान पर निजी अस्पताल के चिकित्सक मार्कंडेय सिंह के अलावे स्टाफ बंटी कुमार, चंद्रकांत कुमार और धीरज कुमार को आरोपित किया गया है।
- हाइलाइट: Dr. Markandeya Singh
- मृत महिला के पति के बयान पर नवादा थाने में दर्ज करायी गयी प्राथमिकी
- टूटे पैर का ऑपरेशन करने के दौरान बुधवार की रात महिला की मौत
- तलाशी के दौरान अस्पताल से पुलिस को मिला 19.27 ग्राम गांज और एक जिंदा कारतूस
आरा। ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत के मामले में नवादा थाना क्षेत्र के पकड़ी गैस एजेंसी रोड स्थित निजी अस्पताल पर कानूनी शिकंजा कसने लगा है। मौत के मामले में अस्पताल के चिकित्सक सहित चार लोगों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है। महिला के पति सत्येंद्र यादव के बयान पर निजी अस्पताल के चिकित्सक मार्कंडेय सिंह के अलावे स्टाफ बंटी कुमार, चंद्रकांत कुमार और धीरज कुमार को आरोपित किया गया है।
वहीं, तलाशी के दौरान पुलिस ने अस्पताल से 19.27 ग्राम गांजा, एक जिंदा कारतूस एक आधार कार्ड और एक वोटर आइडी कार्ड बरामद किया है। इस मामले में आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड के आधार पर पुलिस की ओर से अस्पताल के स्टाफ चंद्रकात कुमार के खिलाफ आर्म्स एवं एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है। अब पुलिस मामले की छानबीन और आरोपितों की धरपकड़ में जुटी है।
Dr. Markandeya Singh : पहले शाहपुर स्थित केसर अस्पताल ले जाया गया था
सत्येंद्र यादव की ओर से दर्ज प्राथमिकी में अस्पताल के चिकित्सक और स्टाफ पर गलत इलाज एवं लापरवाही के कारण उनकी पत्नी की मौत होने का आरोप लगाया गया है। बक्सर के ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र के नावाडीह चंद्रपुरा गांव निवासी सत्येंद्र यादव की ओर से कहा गया है कि 16 मई की सुबह पूजा करने जाने के दौरान गिर जाने से उनकी पत्नी लखमुना देवी का पैर फ्रैक्चर कर गया था। तब उन्हें इलाज के लिए शाहपुर स्थित केसर अस्पताल ले जाया गया।
वहां चिकित्सक मार्कंडेय सिंह द्वारा एक्स-रेकरने के बाद कच्चा प्लास्टर किया गया और दवा देकर भेज दिया गया। आठ दिन बाद अस्पताल आने पर चिकित्सक द्वारा बताया गया है कि ऑपरेशन कर रॉड लगाना पड़ेगा। उसके लिए आरा के पकड़ी गैस एजेंसी रोड स्थित केसर अस्पताल बुलाया गया। 27 मई शाम को ऑपरेशन होना था। उसके लिए चिकित्सक द्वारा 26 को मरीज को बुलाया गया था। 27 मई को उनकी पत्नी को ऑपरेशन थियेटर में ले जाया गया।
वहां चिकित्सक और उनके सहयोगियों के गलत इलाज एवं लापरवाही के कारण उनकी पत्नी की मौत हो गई। उसके बाद चिकित्सक एवं उनके सहयोगी द्वारा वेंटिलेटर पर रखने की बात एंबुलेंस से उनकी पत्नी को दूसरे अस्पताल पहुंचा दिया। उस अस्पताल से फोन कर बताया कि आपकी मरीज को केसर अस्पताल के लोग छोड़ कर चले गए हैं। तब वे लोग उस अस्पताल गये और उनकी पत्नी के शव को लेकर केसर अस्पताल पहुंचे। लेकिन वहां कोई नहीं था।
बता दें कि लखमुना देवी की मौत के बाद परिजनों की ओर से अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया गया था। तोड़फोड़ और सड़क जाम भी किया गया था। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस द्वारा तलाशी के दौरान अस्पताल से गांजा और कारतूस बरामद किया गया।

