Bhojpur: संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ तैयारियों तथा जिला अनुश्रवण सह निगरानी समिति की बैठक, प्रभारी मंत्री ने दिए आवश्यक निर्देश
- हाइलाइट: Bhojpur
- बैठक का आयोजन समाहरणालय सभागार, आरा में किया गया
- जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे
आरा। भोजपुर जिले में संभावित बाढ़ और सुखाड़ की तैयारियों को लेकर जिला अनुश्रवण सह निगरानी समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण, युवा रोजगार एवं कौशल विकास सह प्रभारी मंत्री, अरुण शंकर प्रसाद ने की। बैठक का आयोजन समाहरणालय सभागार, आरा में किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
Bhojpur: जिला पदाधिकारी द्वारा स्वागत और बैठक का प्रारंभ
बैठक की शुरुआत में जिला पदाधिकारी भोजपुर, तनय सुल्तानिया ने प्रभारी मंत्री, अन्य मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों का स्वागत किया। उन्होंने सभी आगंतुकों को फ्लावर पॉट भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इसके बाद संभावित बाढ़ और सुखाड़ की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
संभावित आपदा से निपटने की तैयारियां
जिला पदाधिकारी तनय सुल्तानिया ने बैठक में बताया कि प्रशासन ने संभावित बाढ़, सुखाड़ और लू से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। राहत एवं बचाव कार्यों, स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल व्यवस्था, तटबंधों की निगरानी, कृषि योजनाओं और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत किया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि नियंत्रण कक्षों को सक्रिय रखा गया है ताकि समय पर सूचना दी जा सके। संवेदनशील आबादी पर विशेष ध्यान देने और राहत कार्यों के लिए मानव संसाधन व उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
योजनाओं और परियोजनाओं का मूल्यांकन
बैठक के दौरान जिला अनुश्रवण सह निगरानी समिति की बैठक भी आयोजित हुई। इसमें जिला पदाधिकारी ने विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति पर प्रकाश डाला। इनमें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, आयुष्मान भारत, हर घर नल का जल योजना, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाएं शामिल थीं।
प्रभारी मंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करें और लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करें। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक समय पर पहुंचना चाहिए।
आपदा प्रबंधन और अन्य निर्देश
आपदा प्रबंधन को लेकर प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे बेहतर समन्वय स्थापित करें और कटाव प्रभावित स्थलों का पूर्व निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित करें। सिविल सर्जन को जीवनरक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए ताकि आपात स्थिति में आमजन को किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
जिला कृषि पदाधिकारी को किसानों के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और धान के बिचड़े का समय पर वितरण करने के निर्देश दिए गए। वहीं, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को ग्रामीण इलाकों में नल-जल योजना और चापाकलों के माध्यम से निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।
नगर निकायों सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे
बैठक में नगर निगम और नगर निकायों को वर्षा ऋतु से पहले जल निकासी के सभी कार्य पूरे करने और नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जिला खनन पदाधिकारी को बालू घाटों पर अवैध खनन रोकने के लिए सघन निगरानी का आदेश दिया गया।
साथ ही, श्रम अधीक्षक को श्रमिक कार्ड निर्माण प्रक्रिया में तेजी लाने और जिला नियोजन पदाधिकारी को रोजगार मेलों का आयोजन कर अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
आमजन तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाये- प्रभारी मंत्री
बैठक में माननीय प्रभारी मंत्री ने सभी विभागीय अधिकारियों से कहा कि वे पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करें। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि आमजन तक सरकार की योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचे।
इस अवसर पर श्री भगवान सिंह कुशवाहा, मंत्री, योजना एवं विकास विभाग, संजय सिंह(टाइगर), मंत्री,उच्च शिक्षा एवं विधि विभाग, सोनू कुमार राय, माननीय सदस्य बिहार विधान परिषद , राघवेंद्र प्रताप सिंह,विधायक, बड़हरा विधान सभा, राधाचरण साह , विधायक संदेश विधानसभा , विशाल प्रशांत, विधायक तरारी विधान सभा, महेश पासवान, विधायक अगिआंव विधान सभा, राकेश रंजन, विधायक शाहपुर विधान सभा, श्रीमती आशा देवी, जिला परिषद अध्यक्ष, सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

