Sambhavna Vidyalaya: बच्चों ने राष्ट्रगान, समुह देश भक्ति गीत और नृत्य तथा हिन्दी, अंग्रेजी और संस्कृत में सारर्गमीत भाषण भी किया प्रस्तुत
- हाइलाइट: Sambhavna Vidyalaya
- विद्यालय के दोनों शाखाओं में प्राचार्या डाॅ.अर्चना सिंह ने किया ध्वजारोहण
- अनेकों बलिदान, अपमान, त्याग एवं सदियों प्रयास के बाद मिली आजादी-डाॅ.अर्चना सिंह
आरा। शहर के शुभ नारायण नगर मझौंवा स्थित ‘शान्ति स्मृति’ सम्भावना आवासीय उच्च विद्यालय तथा मौलाबाग स्थित ‘शारदा स्मृति’ सम्भावना पब्लिक स्कूल में शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर समारोह पूर्वक ध्वजारोहण किया गया। विद्यालय के दोनों शाखाओं में प्राचार्या डाॅ. अर्चना सिंह ने ध्वजारोहण किया तथा राष्ट्रीय ध्वज की सलामी दी। इस अवसर पर प्राचार्या डाॅ. अर्चना सिंह ने कहा कि आज हम सभी देश की स्वतंत्रता का जश्न मना रहें हैं, लेकिन यह हमें अनेकों बलिदान, अपमान, त्याग एवं सदियों प्रयास के बाद मिली है।
ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना, अंग्रेजों की ‘फूट डालो राज करो’ की नीति द्वारा 1857 के प्रथम स्वतंत्रता को विफल करने का वर्णन किया। उन्होनें देश को आजाद कराने में महात्मा गाँधी के अहिसांत्मक आंदोलन के साथ-साथ गरम दल के युवा क्रान्तिकारी भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, राजगुरू व राम प्रसाद विस्मिल की भूमिका को भी आजादी का देन बताया। मुख्य अतिथि महाराजा कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. गाँधी जी राय ने बच्चों को पूरे स्वतंत्रता आदोंलन से लेकर पूर्व प्रधानमंत्री के कार्यकाल में हुए वैश्विक समझौते तक का जिक्र किया।
Sambhavna Vidyalaya : आज का दिन शहीदों को नमन करने का दिन है
अतिथि भाई ब्रम्हेश्वर ने संस्कार और संस्कृति को बचाने के उपर बल दिया। अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के प्रबंध निदेशक डाॅ. कुमार द्विजेन्द्र ने कहा कि आज का दिन शहीदों को नमन करने का दिन है। आज देश के लिए उनके द्वारा किये गए कार्यों को याद करने का दिन है। उन्होनें छात्र-छात्राओं से कहा की आप वैसे नागरिक बने जो देश के विकास के काम आ सके।
इस अवसर पर विद्यालय के एनसीसी कैडेट ने आर्कषक परेड प्रस्तुत किया। साथ ही विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा राष्ट्रगान, समुह देश भक्ति गीत और नृत्य तथा हिन्दी, अंग्रेजी और संस्कृत में सारर्गमीत भाषण भी प्रस्तुत किया गया। मुख्य आकर्षण छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत भगत सिंह की जीवन पर आधारित नृत्य नाटिका रही।
इस नृत्य नाटिका को प्रस्तुत कर छात्र-छात्राओं ने दर्शक दीर्घा में बैठे सभी लोगों को भाव-विभोर कर दिया। नृत्य नाटिका को प्रस्तुत करने वाले छात्र-छात्राओं का नाम क्रमशः रौषनी, आराध्या, शानवी, वर्षा, आस्था, अंजली, जिया, कृति, स्त्रीथ, सचिन, आदित्य, ओवेस, सिनू, रूद्र, निहाल, अभिषेक, शुभम, आर्यन, दिव्यांषु, आरूष, सहल, अर्षयू, उमैन, सत्यम, सत्यम, ध्रुव एवं तन्मय है।
समारोह को आकर्षक बनाने में संगीत शिक्षक धर्मेन्द्र कुमार और अमितेश रंजन तथा नृत्य शिक्षक चिन्दु कुमार का अहम योगदान रहा। कक्षा-12वीं के पास आउट छात्र आलोक अतुल्य ने अपने सम्बोधन में सरकार की नीतियों, शिक्षा व्यवस्था की बदहाली, न्यायपालिका, पेपर लीक, महिला सुरक्षा, पर्यावरण सुरक्षा, बिजली तथा ए.आई. डेटा सेंटर के संदर्भ में सरकार की कड़ी आलोचना की।
संचालन वरिय शिक्षक अरविन्द ओझा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन मुख्य शाखा में उप-प्राचार्य ऋषिकेश ओझा तथा शिशु शाखा में प्रभारी दीपेश कुमार ने किया। मंच परिकल्पना तथा रूप सज्जा कला शिक्षक संजीव सिन्हा तथा विष्णु शंकर द्वारा किया गया। अतिथि के तौर पर राम कुमार सिंह, अवधेश पाण्डेय, अखिलेश्वर प्रसाद, मो. सैफ आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ के साथ किया गया।















