New DM Manesh Meena: भोजपुर के विकास कार्यों में व्याप्त भ्रष्टाचार को नियंत्रित करना और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना जिले की बड़ी मांग है।
- हाइलाइट: New DM Manesh Meena
- नए जिलाधिकारी मनेश कुमार मीणा के सामने भोजपुर जिले में प्राथमिकताओं की एक लंबी सूची है
पटना। बिहार सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए भोजपुर जिले के जिलाधिकारी के पद पर एक महत्वपूर्ण नियुक्ति की है। राज्य सरकार ने तनय सुल्तानिया की जगह 2015 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के तेज-तर्रार अधिकारी मनेश कुमार मीणा को भोजपुर का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भोजपुर जिला कई संवेदनशील मामलों और विकास कार्यों को लेकर राज्य भर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
भोजपुर जिले में हाल के दिनों में उपजी परिस्थितियों ने प्रशासनिक चुनौतियों को बढ़ा दिया है। विशेष रूप से 17 जून 2026 को शाहपुर इलाके में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद से यह जिला सुर्खियों में है। इस घटना के बाद गठित न्यायिक आयोग की जांच प्रक्रिया और मामले की संवेदनशीलता के बीच, प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था और जन विश्वास बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। साथ ही, जिले में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं में कथित भ्रष्टाचार और अनियमिताओं को लेकर स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवालों के बीच सरकार ने एक कुशल और अनुभवी प्रशासक पर भरोसा जताया है।
New DM Manesh Meena: कौन हैं आईएएस मनेश कुमार मीणा?
मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले मनेश कुमार मीणा 2015 बैच के एक अत्यंत योग्य और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी हैं। 3 मार्च 1986 को जन्मे मीणा ने एमटेक की शिक्षा प्राप्त की है। अपनी प्रशासनिक यात्रा में उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया है। हाल तक वे बिहार सरकार के खान विभाग में निदेशक के पद पर कार्यरत थे, जहाँ उन्होंने तकनीकी आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कदम उठाए थे।
इससे पूर्व सीतामढ़ी और कटिहार में जिलाधिकारी के तौर पर उनके कार्यकाल को प्रशासनिक सुधारों और व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जाना जाता है। अपनी शांतचित शैली और सख्त निर्णय लेने की क्षमता के कारण उन्हें एक प्रभावशाली प्रशासक माना जाता है।
भोजपुर के लिए नई चुनौतियां और प्राथमिकताएं
नए जिलाधिकारी मनेश कुमार मीणा के सामने भोजपुर जिले में प्राथमिकताओं की एक लंबी सूची है। जवइनियां गांव के विस्थापितों को उनका उचित हक दिलाना और उनका पुनर्वास सुनिश्चित करना उनकी तात्कालिक चुनौतियों में शामिल है। इसके अलावा, भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद जिले की छवि को सुधारना और प्रशासनिक पारदर्शिता लाना भी उनके लिए प्राथमिकता होगी।
भोजपुर के विकास कार्यों में व्याप्त भ्रष्टाचार को नियंत्रित करना और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना जिले की बड़ी मांग है। विशेष रूप से जगदीशपुर और शाहपुर प्रखंडों के साथ-साथ भरत तिवारी के गांव बिलौटी में विकास योजनाओं को धरातल पर उतारना एक बड़ी जिम्मेदारी है। भरत तिवारी ने जिस तरह से स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई थी, उसे देखते हुए लोगों की निगाहें अब नए डीएम के कामकाज पर टिकी हैं।















