Arrah MLA Sanjay Singh: संजय सिंह ‘टाइगर’ के बड़े भाई धर्मपाल सिंह ने वर्ष 1990 से 2000 तक जनता पार्टी और जनता दल के टिकट पर शाहपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था।
- हाइलाइट:
- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा से संजय सिंह का जुड़ाव छात्र जीवन से ही रहा
- मंत्री पद की शपथ लेने की खुशी उनके पैतृक गाँव अमराई नवादा में चरम पर है
Arrah MLA Sanjay Singh: पटना के गांधी मैदान में गुरुवार को मंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही आरा के विधायक संजय सिंह ‘टाइगर’ ने एक बार फिर बिहार की राजनीति में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। यह दूसरा अवसर है जब वे बिहार विधानसभा में पहुंचे हैं, जो उनके दीर्घकालिक राजनीतिक समर्पण और जनाधार का प्रमाण है। इससे पूर्व, वर्ष 2010 में उन्होंने संदेश विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर विधायक के रूप में अपनी पहली पारी खेली थी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक प्रखर वक्ता और समर्पित कार्यकर्ता के रूप में उनकी पहचान राज्यभर में स्थापित है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा से संजय सिंह का जुड़ाव छात्र जीवन से ही रहा। युवावस्था से ही वे संघ की राष्ट्र सेवा की भावना से अत्यंत प्रभावित थे और इसी प्रेरणा से उन्होंने अपना जीवन राष्ट्र और समाज की सेवा में समर्पित करने का संकल्प लिया। इसी अटूट निष्ठा और समर्पण के प्रतीक के रूप में, उन्होंने राष्ट्र एवं समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन हेतु विवाह नहीं किया। ओजस्वी संवाद शैली और विचारों की प्रखरता के कारण ही उन्हें ‘टाइगर’ उपनाम से नवाजा गया, जो आज उनकी पहचान का अविभाज्य अंग बन चुका है।
भोजपुर जिले के बिहिया प्रखंड अंतर्गत अमराई नवादा ग्राम के निवासी, 50 वर्षीय संजय टाइगर का परिवार राजनीतिक विरासत से संपन्न रहा है; उनके बड़े भाई धर्मपाल सिंह ने वर्ष 1990 से 2000 तक जनता पार्टी और जनता दल के टिकट पर शाहपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। संजय टाइगर ने अपनी शिक्षा पटना के प्रतिष्ठित एएन कॉलेज से पूरी की है, जहाँ उन्होंने स्नातक, एलएलबी और परास्नातक की डिग्रियाँ हासिल कीं। उनका शैक्षिक पृष्ठभूमि उनकी गहन वैचारिक समझ और कानूनी दक्षता को दर्शाता है। वे चार भाइयों में सबसे छोटे हैं, और उनके पिता बिहार महालेखापाल के कार्यालय में कार्यरत थे।
संजय के बड़े भाई कृष्णा कुमार सिंह, जो गाँव में ही निवास करते हैं, बताते हैं कि यद्यपि उनका परिवार संपन्न और राजनीतिक रूप से प्रतिष्ठित रहा है, संजय ने अपने जीवन में सादगी और सेवा को सर्वोपरि स्थान दिया है। कृष्णा कुमार सिंह गर्व से बताते हैं कि संजय शाकाहारी भोजन करते हैं और अपनी दिनचर्या में सादगी को बनाए रखते हुए दरी पर शयन करते हैं। यह जीवनशैली उनके त्याग और निस्वार्थ सेवा भाव का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
बड़े भाई ने यह भी बताया कि पटना में अपनी पढ़ाई के दौरान ही संजय का झुकाव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर और अधिक प्रबल हुआ। इसके उपरांत, वे शत्रुघ्न सिन्हा फैन्स क्लब से भी जुड़े, जिसने उन्हें पार्टी और सामाजिक कार्यों में अपनी पहचान स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मंत्री पद की शपथ लेने की खुशी उनके पैतृक गाँव अमराई नवादा में चरम पर है। टाइगर के बड़े भाई कृष्णा कुमार सिंह अपने पैतृक आवास (दलान) में आने-जाने वाले हर ग्रामीणों से मुलाकात कर रहे हैं और हर शख्स के मुंह में मिठाई रखकर खुशी का इजहार किया जा रहा है।











