Cyber Fraud : सतर्क रहें, सुरक्षित रहें: डिजिटल युग में आपकी सावधानी ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है
- हाइलाइट:
- कभी भी ओटीपी या पिन नंबर शेयर नही करें
- साइबर फ्रॉड का शिकार होते हैं, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें
- www.cybercrime.gov.in पर दर्ज करें शिकायत
आरा। आज के इस डिजिटल दौर में तकनीक ने हमारे जीवन को जितना सरल बनाया है, उतना ही हमारे लिए नए जोखिम भी पैदा किए हैं। साइबर अपराध के मामले जिस तेजी से बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि हमारी एक छोटी सी लापरवाही जीवन भर की गाढ़ी कमाई को कुछ ही मिनटों में शून्य कर सकती है। जिले में बढ़ते साइबर अपराधों के मद्देनजर, पुलिस प्रशासन ने नागरिकों को सुरक्षित रहने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
साइबर अपराधियों का मुख्य हथियार आपका भ्रम होता है। वे विभिन्न माध्यमों से आपको प्रलोभन देते हैं या डराते हैं ताकि आप अपनी गोपनीय जानकारी साझा कर दें। याद रखें, कोई भी अधिकृत बैंक या सरकारी संस्था आपसे फोन पर कभी भी ओटीपी, यूपीआई पिन या पासवर्ड की मांग नहीं करती है। यदि कोई व्यक्ति खुद को बैंक अधिकारी बताकर आपसे ऐसी जानकारी मांगता है, तो वह निश्चित रूप से एक धोखेबाज है। अपना पिन और पासवर्ड हमेशा पूरी तरह गुप्त रखें।
Cyber Fraud : डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भोजपुर पुलिस द्वारा बताए गए इन पांच सरल उपायों को अपनाएं
पहला, कभी भी अपना ओटीपी या पिन किसी के साथ साझा न करें। यह आपकी वित्तीय सुरक्षा की पहली और सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।
दूसरा, मोबाइल पर आए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। अक्सर साइबर अपराधी फ्री गिफ्ट, भारी डिस्काउंट या लॉटरी जीतने का लालच देकर फिशिंग लिंक भेजते हैं। ऐसे लिंक पर क्लिक करते ही आपका निजी डाटा और बैंक विवरण अपराधियों के पास पहुंच सकता है।
तीसरा, अपने सभी महत्वपूर्ण अकाउंट्स जैसे जीमेल, फेसबुक, व्हाट्सएप और नेट बैंकिंग पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) या टू-स्टेप वेरिफिकेशन को अनिवार्य रूप से सक्रिय करें। यह सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत है, जो आपके पासवर्ड के चोरी हो जाने पर भी आपको सुरक्षित रखती है, क्योंकि इसके बिना अपराधी ओटीपी के अभाव में लॉग-इन नहीं कर पाएंगे।
चौथा, किसी भी संदेहास्पद एसएमएस, ईमेल या व्हाट्सएप मैसेज के प्रति हमेशा सचेत रहें। अगर कोई संदेश आपको असामान्य लगे, तो उस पर भरोसा न करें और न ही उस पर दी गई किसी भी प्रक्रिया का पालन करें।
पांचवां और सबसे महत्वपूर्ण बिंदु, यदि दुर्भाग्यवश आप साइबर फ्रॉड का शिकार हो जाते हैं, तो घबराएं नहीं। तुरंत अपनी शिकायत दर्ज कराएं। आप किसी भी समय राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर सकते हैं या आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। जितनी जल्दी आप सूचना देंगे, आपके पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।


