Boulder pitching: बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड क्षेत्र के निवासियों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर सामने आई है।
- हाइलाइट: Boulder pitching
- गंगा कटाव की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण
- बोल्डर पिचिंग की योजना मंजूर
आरा। बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड क्षेत्र के निवासियों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर सामने आई है। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और इसके परिणामस्वरूप होने वाले भीषण कटाव से पिछले कई वर्षों से जूझ रहे स्थानीय लोगों के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी कार्ययोजना को मंजूरी दी है। इस महत्वपूर्ण पहल के तहत अब गंगा नदी के तटों को सुरक्षित करने के लिए 52.56 करोड़ रुपये की लागत से कटाव निरोधक कार्य किए जाएंगे, जिससे तटवर्ती गांवों को एक नई सुरक्षा कवच मिलेगी।
Boulder pitching: बक्सर-कोईलवर गंगा तटबंध: शाहपुर प्रखण्ड के गांवों को लाभ
गंगा नदी का कटाव न केवल कृषि योग्य भूमि को लील रहा था, बल्कि स्थानीय निवासियों के घरों और संपत्तियों के लिए भी एक गंभीर खतरा बन गया था। इस समस्या के स्थायी समाधान हेतु बक्सर-कोईलवर गंगा तटबंध के किलोमीटर 58.00 से 59.20 के बीच के क्षेत्र को चिह्नित किया गया है। परियोजना के अंतर्गत गंगा नदी के दाहिने तट पर विशेष रूप से कटाव निरोधक कार्य किए जाएंगे।
जिन गांवों को इस योजना से सीधा लाभ मिलेगा, उनमें गंगापुर, भुसौला, नन्दपुर और दामोदरपुर (जवईनिया) प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन क्षेत्रों में नदी का प्रवाह तटों को तेजी से कमजोर कर रहा था, जिसे ध्यान में रखते हुए तकनीकी रूप से सुदृढ़ कार्ययोजना तैयार की गई है।
बोल्डर पिचिंग के माध्यम से सुरक्षा का सुदृढ़ीकरण
इस परियोजना की कुल स्वीकृत लागत 5256.41 लाख रुपये यानी लगभग 52.56 करोड़ रुपये है। प्रशासन ने इस कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतते हुए कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शुरू कर दिया है। नदी के तटों को मजबूती प्रदान करने के लिए बोल्डर पिचिंग तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। बोल्डर पिचिंग के माध्यम से नदी की धारा के दबाव को कम करने और तटों के कटाव को रोकने में सफलता मिलती है। वर्तमान में कार्यस्थल पर पत्थर और अन्य आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति सुनिश्चित कर काम को गति दी जा चुकी है।


