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बोरसी में इमली का कोयला जलाकर ताप रहे थे अलाव, पहुंचे अस्पताल

Chhotki Singhi: बंद कमरे में बोरसी जलाकर सो रहे बालक की दम घुटने से मौत, माता-पिता समेत तीन की हालत बिगड़ी

  • हाइलाइट: Chhotki Singhi
    • गंभीर हालत में मां-बेटी का शहर के निजी अस्पताल में कराया जा रहा इलाज
    • टाउन थाना क्षेत्र के छोटकी सिंगही गांव में शनिवार की रात घटी घटना

आरा। टाउन थाना क्षेत्र के छोटकी सिंगही गांव में शनिवार रात एक दुखद घटना में बोरसी जलाकर सो रहे एक बालक की दम घुटने से मौत हो गई। इस घटना में मृतक के माता-पिता और बहन की हालत गंभीर बनी हुई है। मृतक की मां और बहन को गंभीर स्थिति में इलाज के लिए सदर अस्पताल से शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार मृत बालक कृष्णागढ़ थाना क्षेत्र के घांघर गांव निवासी चंद्रभूषण सिंह उर्फ बंटी सिंह का 11 वर्षीय पुत्र बजरंगी सिंह है। वह चौथी कक्षा का छात्र था। जबकि दम घुटने से हालत बिगड़ने वाले लोगों में मृत बालक के 40 वर्षीय पिता चंद्र भूषण सिंह उर्फ बंटी सिंह, 30 वर्षीया मां पूजा सिंह एवं 7 वर्षीया बहन परिधि सिंह शामिल है।

मृत बालक के पिता चंद्रभूषण सिंह उर्फ बंटी सिंह ने बताया कि वह पिछले साल 27 दिसंबर को अपनी पत्नी पूजा सिंह, बेटे बजरंगी सिंह और बेटी परिधि सिंह के साथ बागेश्वर धाम गए थे और शनिवार दोपहर ही वापस लौटे थे। वे छोटकी सिंगही गांव में करीब चार महीने से किराए के मकान में रह रहे थे।

शनिवार देर शाम, कमरे को बंद करके सभी लोग बोरसी में इमली का कोयला जलाकर अलाव ताप रहे थे। कुछ घंटे बाद वे सो गए और बोरसी जलती रही। उन्होंने बताया कि देर रात करीब दो बजे उनकी बेटी परिधि सिंह की तबीयत बिगड़ने लगी और उसे उल्टी होने लगी। कुछ देर बाद उनके बेटे बजरंगी सिंह ने कहा कि पापा मुझे सीने में जलन हो रहा है। इसके बाद वे लोग फिर सो गए।

सुबह जब काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला, तो आसपास के लोगों ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। तब उन्होंने इसकी सूचना टाउन थाना पुलिस को दी। सूचना पाकर टाउन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर सभी को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला। पुलिस और ग्रामीणों की मदद से सभी को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने बजरंगी सिंह को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर हालत में उनकी पत्नी पूजा सिंह और बेटी परिधि सिंह का इलाज शहर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।

बंद कमरे में बोरसी जलाकर सोने और कमरे में अत्यधिक धुआं भर जाने के कारण दम घुटने से बजरंगी सिंह की मौत होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, परिजनों ने अपनी स्वेच्छा से शव का बिना पोस्टमार्टम कराए ही गांव वापस ले गए। बताया जाता है कि मृतक बालक अपने एक भाई-बहन में बड़ा था। उसके परिवार में मां पूजा सिंह और एक बहन परिधि सिंह हैं। घटना के बाद मृतक बालक के घर में हाहाकार मच गया है। उसकी मां पूजा सिंह और परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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