Chakvath Panchayat: बिहिया प्रखंड के विभिन्न सरकारी योजनाओं की हुई जांच
खबरे आपकी जितेंन्द्र कुमार बिहिया. भोजपुर डीएम रौशन कुशवाहा बिहिया प्रखंड के चकवथ पंचायत में विभिन्न सरकारी योजनाओं की जांच को लेकर शनिवार की दोपहर में महुआंव गांव पहुंचे. डीएम के आने की सूचना मिलते हीं तेज लू व कड़ी धूप के बावजूद ग्रामीणों की भीड़ जुट गयी. इस दौरान डीएम ने वार्ड नंबर 12 में नल का जल योजना का हाल जाना और लोगों से पानी मिलने के बारे में पूछताछ की. इसके बाद डीएम इसी वार्ड में स्थित शिवसखी दूबे प्लस टू प्रोजेक्ट बालिक उच्च विद्यालय में पहुंच गये. स्कूल का समय समाप्त हो चुका था जिससे सभी छात्र व शिक्षक जा चुके थे.
Chakvath Panchayat:टॉवर लोकेशन से चेक किया जाएगा शिक्षकों की उपस्थिति
डीएम ने प्रधानाध्यापक कमलेश्वर दूबे से शिक्षकों की उपस्थिति के बारे में जाना व उनके मोबाईल नंबर देने को बोले. कहा कि मोबाईल से सभी का टॉवर लोकेशन चेक किया जाएगा ताकि उनकी स्कूल में उपस्थिति चेक की जा सके. इसके बाद डीएम गांव के हीं वार्ड नंबर 15 में पहुंचे जहां लोगों से नलजल के बारे में पूछा. लोगों ने बताया कि 10 लाख रूपये खर्च हो गये, बोरिंग लग गया है परन्तु टंकी नदारद है जिससे अब तक पानी नहीं मिला. ग्रामीणों की शिकायत पाकर डीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए वार्ड सदस्य व बीडीओ लोक प्रकाश को तत्काल नलजल चालू कराने का निर्देश दिया. इसके बाद डीएम समीप हीं स्थित जनवितरण प्रणाली की दुकान में घुस गये और स्टॉक व पॉस मशीन की जांच के बाद इलेक्ट्रॉनिक तराजू पर लोहे के बटखरे का वजन मापा.
डीएम ने इसके बाद समीप हीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने घर की जांच की. महुआंव गांव के बाद डीएम चकवथ पंचायत के हीं बगही गांव जाने के लिए निकले परन्तु कड़ी धूप के कारण लौटकर सीधे प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित एसएफसी के गोदाम का निरीक्षण किया और प्रखंड कार्यालय परिसर में हीं चल रहे कौशल विकास केन्द्र का जायजा लिया. उक्त जांच पड़ताल के बाद डीएम मुख्यालय लौट गये जिसके बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली.
चुनिंदा जांच को ग्रामीणों ने बताया यह महज औपचारिकता
डीएम के महुआंव गांव में जांच के बाद ग्रामीणों ने कहा कि चकवथ पंचायत में कुल 16 वार्ड हैं जिसमें से सिर्फ वार्ड नंबर 12 का नलजल डीएम को दिखाया गया. बताया कि अन्य सभी वार्डों में नलजल योजना का हाल बेहाल है. बताया कि एक चुनिंदा पीडीएस दुकान का निरीक्षण किया गया. उक्त पीडीएस दुकानदार ने समीप के हीं आटा चक्की का बटखरा लाकर उसका सत्यापन करा दिया जबकि दुकानदार कम तौल के लिए कुख्यात है. ग्रामीणों का कहना था कि डीएम का सरकारी योजनाओं की जांच महज औपचारिकता हीं थी.








