DM Manesh Meena: भ्रमण के उपरांत मीडिया से बात करते हुए जिलाधिकारी मनेश कुमार मीणा ने कहा कि जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं, पशुचारा और आवागमन की व्यवस्थाओं पर पैनी नजर बनाए हुए है।
- हाइलाइट: DM Manesh Meena
- बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों का सघन निरीक्षण
भोजपुर जिलाधिकारी ने लिया स्थितियों का जायजा
आरा। बिहार के भोजपुर जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय और संवेदनशील है। इसी क्रम में, जिला पदाधिकारी मनेश कुमार मीणा ने शाहपुर प्रखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर वहां चल रहे राहत और बचाव कार्यों की जमीनी हकीकत का जायजा लिया।
DM Manesh Meena : डीएम ने स्वयं भोजन ग्रहण कर उसकी गुणवत्ता को परखा
जिलाधिकारी ने एसडीआरएफ की नाव के माध्यम से शाहपुर प्रखंड के लच्छू टोला, श्याम बाबा का डेरा क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने सबसे पहले वहां संचालित सामुदायिक रसोई केंद्र का निरीक्षण किया। जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए, जिला पदाधिकारी ने न केवल भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता की बारीकी से जांच की, बल्कि स्वयं भोजन ग्रहण कर उसकी गुणवत्ता को परखा। इसके साथ ही, उन्होंने रसोई में भोजन कर रहे बाढ़ प्रभावित लोगों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं जरूरतों के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
स्वास्थ्य व्यवस्था की सुदृढ़ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, जिलाधिकारी ने क्षेत्र में स्थापित मेडिकल कैंप का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां मौजूद स्वास्थ्य सुविधाओं, जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता और चिकित्सा व्यवस्था का विवरण लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में प्रभावित लोगों को चिकित्सा सहायता मिलने में देरी न हो और उन्हें समय पर समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
बाढ़ की स्थिति में मवेशियों की सुरक्षा और उनके चारे की व्यवस्था जिला प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल है। जिलाधिकारी ने पशुओं के लिए लगाए गए कैंप और पशुचारा वितरण केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पशुपालकों को किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो और आवश्यकतानुसार पशुचारा लगातार उपलब्ध कराया जाता रहे।
भ्रमण के उपरांत मीडिया से बात करते हुए जिलाधिकारी मनेश कुमार मीणा ने कहा कि जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं, पशुचारा और आवागमन की व्यवस्थाओं पर पैनी नजर बनाए हुए है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रभावित लोगों और उनके पशुधन को हर संभव मदद समय पर मिल सके।








