Floodwaters: बिहार के भोजपुर जिले में संभावित बाढ़ और कटाव का खतरा बढ़ा, सहमे प्रभावित अंचलों के ग्रामीण
- हाइलाइट: Floodwaters
- प्रति घंटे चार सेमी की रफ्तार से बढ़ रहा गंगा का जलस्तर
- छह दिनों में जलस्तर में 2.41 मीटर की दर्ज की गई वृद्धि
Floodwaters आरा। भोजपुर जिले के बड़हरा में गंगा नदी गुरुवार को खतरे के लाल निशान के काफी करीब पहुंच गई है। आधी रात में ही जलस्तर खतरे के लाल निशान को पार कर जाने की संभावना जताई गई है। सुबह से शाम तक जलस्तर में प्रति घंटे चार सेमी की वृद्धि दर्ज की जा रही है। इस अनुमान से शुक्रवार की सुबह तक गंगा नदी का जलस्तर खतरे के लाल निशान 53.08 मीटर को पार कर ऊपर बहने लगेगी।
सुबह छह बजे जलस्तर 52.38 मीटर पर था और शाम छह बजे बढ़कर 52.76 मीटर पर पहुंच गया। इस तरह 12 घंटे में 48 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई है। बीते छह दिनों में जलस्तर में 2.41 मीटर बढ़ा है। इसके कारण जिले के शाहपुर और बड़हरा के निचले इलाके में पानी फैलने लगा है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से जिले में संभावित बाढ़ और कटाव का खतरा बढ़ गया है। इससे प्रभावित अंचलों के ग्रामीण सहमे हुए हैं।
Floodwaters: गंगा नदी के ऊपरी जल ग्रहण में बारिश
गंगा नदी के ऊपरी जल ग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश से तेजी से वृद्धि जारी है। इसके कारण जिले में भी गंगा नदी का पानी पिछले छह दिनों से तेजी से बढ़ रहा है। प्रति घंटे चार से. मी. की रफ्तार से पानी बढ़ रहा है। इसे लेकर जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, आरा को नियमित मॉनिटरिंग करने का आदेश दिया गया है। साथ ही प्रति दिन जलस्तर का रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया गया है।
जिले में संभावित बाढ़ और कटाव के खतरों से निपटने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए अनुमंडल और अंचल प्रशासन को अलर्ट जारी कर दिया गया है। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, आरा के कार्यपालक अभियंता को नियमित मॉनिटरिंग का आदेश जारी किया गया है। अभी इलाहाबाद और बनारस में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार तेजी से वृद्धि जारी है। इससे जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोग संभावित बाढ़ की आशंका से सहमे हैं। वही जिला प्रशासन इसे लेकर सतर्क है।
यूपी के इलाहाबाद और बनारस में गंगा नदी के जलस्तर में तीव्र गति से वृद्धि होने की सूचना लगातार मिल रही है। पिछले पांच दिनों से गंगा के साथ सोन नदी का भी पानी बढ़ रहा है। दोनों नदियों में हो रही वृद्धि के कारण बाढ़ की संभावना है। अलग- अलग संवेदनशील स्थलों पर बालू का स्टॉक जिले के बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, आरा की ओर से बाढ़ के दौरान विपरित स्थितियों से निपटने के लिए संवेदनशील स्थलों पर 70 हजार बालू भरे ईसी बैग को बड़हरा के इलाके में अलग- अलग जगहों पर भंडारित करके रखा गया है।
इसमें गंगा नदी के तटवर्ती इलाके व संवेदनशील स्थलों में अचरज राय के टोला, मनी राय के टोला, बखोरापुर, नेकनाम टोला, मौजमपुर, मझौली एवं महुली समेत अन्य जगहों पर सुरक्षित रखा गया है। तिथि जलस्तर (मीटर में) 15 अगस्त 50.35 16 अगस्त 50.70 17 अगस्त 50.90 18 अगस्त 51.52 19 अगस्त 51.94 20 अगस्त 52.38 सुबह 52.76 शाम बड़हरा का उच्चतम जलस्तर – 56.08 खतरे के निशान का जलस्तर – 53.08 कोईलवर में सोन का उच्चतम जलस्तर – 58.88 खतरे के निशान का जलस्तर – 55.57 कोट गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है।
गुरुवार की शाम छह बजे तक में बड़हरा में जलस्तर 52.76 मीटर दर्ज किया गया। बाढ़ की संभावना को देखते हुए अभियंताओं की टीम बड़हरा प्रखंड के कई इलाके का लगातार निरीक्षण कर रही है। विभाग के अधिकारी, अभियंता और कर्मियों को तटबंधों पर निगरानी के लिए तैनात कर दिया गया है। अभी जिले में फिलहाल बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। सभी तटबंध सुरक्षित है। अभिषेक कुमार, कार्यपालक अभियंता बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, आरा।















