Neshat Alam: अस्पताल के भवन नक्शा स्वीकृति में देरी और मनमाने ढंग से पेनाल्टी लगाने के गंभीर आरोपों के कारण उन्हें निलंबित किया गया था |
- हाइलाइट: Neshat Alam
- 29 अप्रैल को विभागीय निलंबन समीक्षा समिति की हुई बैठक
- मो. नेशात आलम के निलंबन प्रकरण की गहन समीक्षा की गई
21 मई, पटना, बिहार। नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, शाहपुर नगर पंचायत के पूर्व कार्यपालक पदाधिकारी मो. नेशात आलम को उनकी निलंबन अवधि से मुक्त कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मामले को लेकर विभागीय निलंबन समीक्षा समिति की एक विशेष बैठक 29 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई थी।
इस बैठक में संबंधित पदाधिकारी के प्रकरण की गहन समीक्षा की गई और उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए अभ्यावेदन पर विस्तार से चर्चा हुई। समिति ने मामले के सभी पहलुओं और साक्ष्यों का मूल्यांकन करने के उपरांत उन्हें निलंबन से मुक्त करने की अनुशंसा की।
नगर विकास एवं आवास विभाग ने इस संबंध में विस्तृत आदेश जारी कर दिया है और संबंधित जिला अधिकारियों तथा विभागीय कार्यालयों को इस निर्णय से अवगत करा दिया गया है ताकि भविष्य की कार्यवाहियां तय समय सीमा के भीतर की जा सकें।
Neshat Alam: पुनः दायित्व सौंपने की प्रक्रिया
मो. नेशात आलम के मामले में विभागीय समिति ने उनके अभ्यावेदन और तत्कालीन परिस्थितियों का अवलोकन करने के बाद यह निर्णय लिया है। इस निर्णय के पश्चात संबंधित अधिकारी को पुनः दायित्व सौंपने की प्रक्रिया को विभागीय नियमावली के अनुरूप आगे बढ़ाया जाएगा। नगर विकास एवं आवास विभाग कार्यालयों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे इस अधिसूचना के आलोक में आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई को प्राथमिकता दें।
20 मार्च 2026 को हुए थे निलंबित:
विदित रहें की 20 मार्च 2026 को नगर विकास एवं आवास विभाग के तत्कालीन मंत्री सह उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के निर्देश पर शाहपुर नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी मो. नेशात आलम को उनके पद से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। यह कार्रवाई अस्पताल के भवन नक्शा स्वीकृति में देरी और मनमाने ढंग से पेनाल्टी लगाने के गंभीर आरोपों के कारण उन्हें निलंबित किया गया था।

