Shahpur Restaurant: घरेलू गैस की कालाबाजारी पर प्रशासन सख्त: शाहपुर के रेस्टोरेंट से चार सिलिंडर जब्त, संचालकों में हड़कंप
- हाइलाइट: Shahpur Restaurant
- सरना-भरौली मार्ग पर स्थित ‘वैष्णवी फैमिली रेस्टोरेंट’ में नियमों की अनदेखी
- रेस्टोरेंट संचालक के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई
शाहपुर (आरा)। घरेलू एलपीजी सिलिंडर के अवैध व्यावसायिक उपयोग और कालाबाजारी के विरुद्ध स्थानीय प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। शुक्रवार को शाहपुर नगर पंचायत क्षेत्र में प्रशासन द्वारा की गई औचक छापेमारी से अवैध रूप से गैस का इस्तेमाल करने वाले व्यापारियों में हड़कंप मच गया। प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी शंभु शरण कुमार के नेतृत्व में चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत बाजार स्थित विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सघन जांच की गई।
इस प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान प्रभारी अंचलाधिकारी सह चकबंदी पदाधिकारी राकेश कुमार, थानाध्यक्ष राजेश मालाकार और बीपीआरओ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस बल के जवान मौजूद रहे। टीम ने शाहपुर नगर क्षेत्र के विभिन्न रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों और लाइन होटलों सहित करीब एक दर्जन प्रतिष्ठानों में जाकर सिलिंडरों की वैधता की जांच की।
जांच के क्रम में सरना-भरौली मार्ग पर स्थित ‘वैष्णवी फैमिली रेस्टोरेंट’ में नियमों की घोर अनदेखी पाई गई। यहाँ व्यावसायिक कार्यों के लिए घरेलू गैस सिलिंडरों का उपयोग किया जा रहा था, जो कि कानूनी रूप से प्रतिबंधित है। छापेमारी टीम ने मौके से चार भरे हुए घरेलू एलपीजी सिलिंडर बरामद कर उन्हें तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए रेस्टोरेंट संचालक के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने इस संबंध में कड़ा संदेश देते हुए कहा कि घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह सुरक्षा की दृष्टि से भी जोखिम भरा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं के हक की कालाबाजारी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आने वाले दिनों में भी यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई की भनक कुछ दुकानदारों को पहले ही लग गई थी। बीते दिन बिहिया और जगदीशपुर में हुई प्रशासनिक सख्ती की खबर मिलते ही शाहपुर के कई बड़े दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठानों से अवैध रूप से रखे घरेलू सिलिंडर हटा लिए थे, जिसके चलते कई स्थानों पर टीम के पहुंचने से पहले ही साक्ष्य छुपा दिए गए। हालांकि, प्रशासन अब ऐसे संदिग्ध ठिकानों पर पैनी नजर रख रहा है।


