Physioheal in Ara City: मोबाइल के अधिक इस्तेमाल से भी टीनएजर्स में भी नेक पेन हो रहा है। जिसे नेक पेन सिंड्रोम नाम की बीमारी कहते हैं। वह हो रहा है।
- हाइलाइट: Physioheal in Ara City
- नि:शुल्क फिजियोथेरेपी जांच सह परामर्श शिविर का आयोजन
- 40 मरीजो का किया गया नि:शुल्क जांच और दिया गया परामर्श
- अगामी 26 जुलाई को आयोजित होगा नि:शुल्क फिजियोथेरेपी कैम्प
आरा। शहर के विष्णु नगर जेड चौक के समीप ‘फिजियोहील’ एडवांस फिजियोथेरेपी एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर में रविवार को निःशुल्क फिजियोथेरेपी जांच सह परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 50 से अधिक मरीजों ने रजिस्ट्रेशन कराया। इस दौरान 40 मरीजों का आधुनिक तकनीक से नि:शुल्क जांच कर इलाज हेतु परामर्श दिया गया। वही 15 रेगुलर मरीजों का भी प्राइमरी फिजियोथेरेपी दिया गया।
वहीं नि:शुल्क ब्लड प्रेशर, वजन, ब्लड टेस्ट इंदिरा पैथो लैब के सौजन्य से किया गया। कैंप में रजिस्ट्रेशन कराने वाले मरीजों को ईलाज में विशेष लाभ दिया गया। फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. दिव्य प्रकाश ने बताया कि फिजियोहिल-एडवांस फिजियोथेरेपी एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर शहर का एकमात्र स्पेशलाइज्ड इन आर्थोपेडिक एंड न्यूरोलॉजिकल रिहैबिलिटेशन सेंटर है। उन्होंने बताया कि आज मरीज पोस्ट स्पाइन सर्जरी, घूटना सर्जरी, एंकल सर्जरी के बाद फिजियोथैरेपी एंड रिहैबिलिटेशन और स्ट्रोक पेशेंट्स, बैक पेन में डिस्क प्रोलैप्स, साइटिका, एसआई ज्वाइंटस, थिस्फंक्शन के केस देखे।
Physioheal in Ara City : लकवा पीड़ित मरीजों को अब पटना या बाहर नहीं जाने कि जरुरत नहीं
उन्होंने बताया गया कि अब यहां एडवांस इक्विपमेंट से आर्थो केस जैसे एसीएल/पीसीएल, लिगामेंट की सर्जरी के बाद के रिहैबिलिटेशन, साइंटिफिक एविडेंस बेस्ड ट्रीटमेंट और सीपीएम जैसे इक्विपमेंट और स्पोर्ट्स तक ट्रेनिंग के लिए रिहैब किया जाता है। स्ट्रोक यानी लकवा के मरीज की रिहैबिलिटेशन के लिए स्पेशलाइज्ड सेटअप जैसे स्टैंडिंग फ्रेम, हैंड रिहैब और एडवांस्ड एविडेंस बेस्ड ट्रीटमेंट किया जाता है, जिससे मरीजों की रिकवरी फास्ट हो जाती है।
लकवा पीड़ित मरीजों को अब पटना या बाहर नहीं जाने कि जरुरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने बताया कि आज होमगार्ड, बिहार पुलिस और आर्मी की ट्रेनिंग करने वाले लड़के-लड़कियों ने भी परामर्श लिया। गतिहीन लाइफस्टाइल एवं डेस्क जॉब की वजह से नेक और बैक पेन मरीज ज्यादा आ रहे हैं। मोबाइल के अधिक इस्तेमाल से भी टीनएजर्स में भी नेक पेन हो रहा है। जिसे नेक पेन सिंड्रोम नाम की बीमारी कहते हैं। वह हो रहा है।
इससे बचाव और इलाज के लिए फिजियोथेरेपी जरूरी है। डाॅ. दिव्य प्रकाश ने बताया अब अगामी 26 जुलाई को निःशुल्क फिजियोथेरेपी एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया जाएगा। कैंप को सफल बनाने में आभा, रेशमा एवं संगीता का सक्रीय योगदान रहा है।




