Kunwar Singh Vijayotsav Jagdishpur: समारोह का शुभारंभ प्रात: 8:30 बजे जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुआ। तिरंगे को दी गई सलामी और राष्ट्रगान की गूंज से पूरा किला परिसर गौरवमयी क्षणों का साक्षी बना।
- हाइलाइट: Kunwar Singh Vijayotsav Jagdishpur
- शौर्य और पराक्रम के रंगों में सराबोर रहा जगदीशपुर
- जगदीशपुर में वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव का भव्य आयोजन
आरा। प्रथम स्वाधीनता संग्राम 1857 की क्रांति के अमर महानायक बाबू वीर कुंवर सिंह की पावन जन्मस्थली जगदीशपुर गुरुवार को एक बार फिर उनके शौर्य और पराक्रम के रंगों में सराबोर नजर आई। ऐतिहासिक जगदीशपुर किला परिसर में आयोजित राजकीय विजयोत्सव समारोह ने न केवल स्थानीय लोगों के भीतर देशभक्ति का संचार किया, बल्कि राष्ट्र के प्रति बलिदान की भावना को भी नई ऊर्जा प्रदान की।
Kunwar Singh Vijayotsav Jagdishpur: गौरवमयी क्षणों का साक्षी बना जगदीशपुर किला परिसर
समारोह का शुभारंभ प्रात: 8:30 बजे जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुआ। तिरंगे को दी गई सलामी और राष्ट्रगान की गूंज से पूरा किला परिसर गौरवमयी क्षणों का साक्षी बना। इस अवसर पर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक राज सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने किला परिसर में स्थित बाबू वीर कुंवर सिंह की आदमकद प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में बाबू कुंवर सिंह के अदम्य साहस, त्याग और उनके संघर्षपूर्ण जीवन को युवाओं के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत बताया। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष की उम्र में भी मातृभूमि की रक्षा के लिए उनका संकल्प आने वाली पीढ़ियों के लिए एक आदर्श है।
कुंवर सिंह संग्रहालय का निरीक्षण
समारोह के उपरांत जिलाधिकारी ने कुंवर सिंह संग्रहालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने 1857 की क्रांति से जुड़े ऐतिहासिक हथियारों, दुर्लभ चित्रों और उस कालखंड की स्मृतियों को बारीकी से देखा। संग्रहालय में संरक्षित अस्त्र-शस्त्रों का अवलोकन करते हुए उन्होंने इस स्थान को भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणा का केंद्र करार दिया। प्रशासन ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि इन ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजना और सुरक्षित रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है, ताकि इतिहास की यह अमूल्य थाती आने वाले समय में भी देशप्रेम की अलख जगाती रहे।
प्रभातफेरी और रंगोली बनी आकर्षण का केंद्र
विजयोत्सव पर स्कूली बच्चों की ओर से निकाली गई प्रभातफेरी से पूरा नगर वीर कुंवर सिंह अमर रहें के नारों से गूंज उठा। वहीं, दूसरी ओर आईसीडीएस टीम और जीविका समूह की महिलाओं ने किला परिसर में भव्य और आकर्षक रंगोली बनाई, जो आने वाले आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र रही। महिलाओं ने अपनी कला के माध्यम से 1857 की क्रांति के गौरवशाली इतिहास को प्रदर्शित किया।
प्रशासनिक व राजनीतिक दिग्गजों का लगा जमावड़ा
विजयोत्सव पर जगदीशपुर विधायक श्रीभगवान सिंह कुशवाहा, पूर्व विधायक भाई दिनेश, एसडीएम संजीत कुमार, एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा और नगर पंचायत चेयरमैन संतोष कुमार यादव मुख्य रूप से मौजूद रहे। साथ ही बीडीओ क्रांति कुमार, सीओ विश्वजीत नीलांकर, कार्यपालक पदाधिकारी अनिरुद्ध कुमार, वंशज पुष्पा सिंह और राजकुमार सिंह ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
इसके अतिरिक्त कुंवर वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष धीरज कुमार सिंह उर्फ लवजी, आरा के पूर्व मेयर सुनील कुमार, अधिवक्ता वृंदानंद सिंह और सैकड़ों की संख्या में उपस्थित गणमान्य लोगों ने बाबू वीर कुंवर सिंह के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की और उनके द्वारा दिखाए गए स्वाभिमान के मार्ग पर चलने का संकल्प भी लिया।


