RJD Sonu Rai: राजद प्रत्याशी सोनू कुमार राय फेसबूक लाइव जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उन चार प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की, जो उनके चुनावी एजेंडे के मुख्य है।
- हाइलाइट: RJD Sonu Rai
- राजद प्रत्याशी सोनू राय ने चार महत्वपूर्ण मुद्दों को रेखांकित किया
आरा। भोजपुर-बक्सर विधान परिषद उपचुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशी सोनू कुमार राय ने अपनी चुनावी प्रतिबद्धताओं को स्पष्ट करते हुए जनप्रतिनिधियों के हितों के संरक्षण का संकल्प दोहराया है। फेसबूक लाइव जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उन चार प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की, जो उनके चुनावी एजेंडे के मुख्य है।
सोनू कुमार राय ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा उनके लिए प्राथमिकता है। उन्होंने चार महत्वपूर्ण मुद्दों को रेखांकित किया है, जिनके माध्यम से वे सदन में जनप्रतिनिधियों की आवाज को प्रभावी ढंग से उठाने का वादा करते हैं।
RJD Sonu Rai: सोनू कुमार राय के चार संकल्प
पहला मुद्दा जनप्रतिनिधियों के पेंशन का है। उनका मानना है कि जिन लोगों ने अपना जीवन जनसेवा में समर्पित किया है, उन्हें सम्मानजनक पेंशन मिलना उनका अधिकार है। इस दिशा में वे ठोस पहल करने के पक्षधर हैं।
दूसरा मुद्दा जनप्रतिनिधियों के वेतन और भत्ते में वृद्धि का है। महंगाई के इस दौर में वर्तमान वेतन और भत्ते जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और जिम्मेदारियों के अनुरूप नहीं हैं। सोनू कुमार राय ने इसे तर्कसंगत बनाने और इसमें समुचित वृद्धि कराने का भरोसा दिलाया है।
तीसरा और अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा का है। जनसेवा के दौरान जनप्रतिनिधियों को अक्सर प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसे वे सदन के पटल पर प्राथमिकता से उठाएंगे।
चौथा मुद्दा राशि आवंटन की विसंगतियों से संबंधित है। वर्तमान में विकास कार्यों के लिए राशि का आवंटन 1990 की जनगणना के आधार पर किया जा रहा है। सोनू कुमार राय ने इस पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2026 में हम खड़े हैं, इस बीच गांव और शहरों की आबादी के साथ-साथ आधारभूत संरचनाओं की जरूरतों में व्यापक वृद्धि हुई है। पुरानी पद्धति से राशि मिलना विकास कार्यों में सबसे बड़ी बाधा है। वे इस आवंटन प्रक्रिया को आधुनिक जनसंख्या आंकड़ों के अनुरूप पुनर्गठित करने की पुरजोर वकालत करेंगे।
अपने संबोधन के अंत में सोनू कुमार राय ने क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की। उन्होंने कहा कि यह विधान परिषद का उपचुनाव एक विशेष अवसर है और वे अपने भाई और मित्र के रूप में उनसे 18 महीने का कार्यकाल मांग रहे हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि यदि उन्हें अवसर मिलता है, तो वे बिहार विधान परिषद के सदन में न केवल जनप्रतिनिधियों की आवाज बनेंगे, बल्कि उनके अधिकारों के लिए संघर्ष को निर्णायक मोड़ तक ले जाएंगे।


