Thursday, February 25, 2021
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राज्य के नियम कानून से ऊपर है जगदीशपुर नगर पंचायत-रंजीत राज

जगदीशपुर नगर पंचायत में नगर विकास विभाग की सभी नियम कानून की उड़ाई जा रही धज्जिया- रंजीत राज

आरा/बिहिया। समाज सेवी रंजीत राज ने कहा कि भोजपुर जिले के जगदीशपुर नगर पंचायत में राज्य सरकार द्वारा दी गई निर्देश व नियम कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही है। यहाँ यू कहे तो सरकारी राशि का लूटपाट निरंतर जारी है। नगर विकास विभाग पटना के नियम कानून को ताख पर रख मनमाने तरीके से कार्य योजना लागू कर नियम कानून की धज्जिया उड़ाई जा रही है। इसी कड़ी में निविदा में नियम कह विरुद्ध संवेदक चयन का मामला सामने आया है।

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रंजीत राज के द्वारा दिये गये जानकारी के अनुसार पूर्व के कार्यपालक पदाधिकारी विजय नारायण पाठक का जगदीशपुर से तबादला होते ही व उनके यहां से जाते जाते चोरी चुपके मुख्य पार्षद मुकेश कुमार गुड्डू ने कथित निजी संवेदक के नाम से 5 करोड़ रुपये का टेबल टेंडर कर दिया।जब की नगर विकास विभाग-पटना के पत्रांक के अनुसार सख्त निर्देश है कि कोई भी कार्य ई टेंडरिंग के माध्यम होगा। पर जगदीशपुर मुख्य पार्षद बिना टेंडर प्रक्रिया के ही अपने खास निजी ब्यक्ति के नाम टेबल टेंडर कर दिया एवं अप्रत्यक्ष रूप से उस कार्य के संवेदक मुख्य पार्षद मुकेश कुमार स्वयं है। इस दौरान नगर में चल रही सभी योजना मुख्य पार्षद अप्रत्यक्ष रूप से करा रहे है।

रंजीत राज ने कहा कि पद पर आसीन होकर लाभ प्राप्त करना बिहार नगर पालिका अधिनियम की सुसंगत धारा व नियम कानून को ताख पर रख खुलेआम लूट खसोट करना। किसी भी योजना का कार्य स्थल पर शिलापट्ट नहीं लगाना। जबकि राज्य सरकार का दिशा निर्देश है कि योजना नाम,संवेदक का नाम,प्रकालित राशि अंकित कर चयनित स्थल पर शिलापट्ट लगाना अनिवार्य है।मगर यहाँ वैसा नही हो रहा है। इसका मुख्य कारण लूटपाट करना एवं घटियपूर्ण कार्य कराना है।

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रंजीत राज ने कहा कि मुख्यमंत्री सात निश्चय शहरी योजना में नगर विकास विभाग का सख्त निर्देश है कि कोई कार्य ई टेंडरिंग से होगा लेकिन यहाँ चोरी चुपके नियम के विरुद्ध बिना किसी रोकटोक के कार्य कराया जा रहा है। मालूम हो कि मुख्यमंत्री शहरी विकास नली-गली योजना के तहत नगर विकास विभाग ने जगदीशपुर नगर पंचायत को 15 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की थी।लेकिन नगर पंचायत ने पूरे रुपये का बन्दर बाट कर लिया गया। उक्त योजना के नाम से जगदीशपुर में कही शिलापट्ट नही लगा है।जिसका मुख्य कारण है कि मुख्य पार्षद द्वारा अपने चहेते के नाम से गुप्त रूप से टेंडर करा कर मुख्य पार्षद खुद ठीकेदारी करा रहा है।

रंजीत राज ने कहा कि सूत्रों से मिली प्राप्त जानकारी के अनुसार जगदीशपुर नगर के एक छोटे से पान दुकानदार विधा सागर गुप्ता के नाम पर सदर बाजार सहित दो अन्य संवेदकों को मिली भगत कर सभी कार्य इनके नाम पर कराये जा रहे है। इनके नाम पर नगर पंचायत के मुख्य पार्षद के द्वारा करोड़ो रूपये की योजना दी गई है जो जाँच का विषय है।

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श्री राज ने बताया कि सन 2012 से लेकर अब तक लगातार लूट पाट जारी है।बताया कि 2012 से वर्तमान मुख्य पार्षद मुकेश कुमार गुड्डू की पत्नी रीता कुमारी 2017 तक मुख्य पार्षद रही है।जिसके बाद 17 से मुख्य पार्षद रीता कुमारी के पति है।

उन्होंने कहा कि इस दौरान योजनाओ के नाम पर केवल लूट-पाट किया गया है।जो जाँच का विषय है।उन्होंने बताया कि इन पति पत्नी के कार्यकाल में जगदीशपुर नगर की जितनी उन्नति नही हुई उससे सौ गुणा अधिक इनका एवं साथ देने वालों की उन्नति हुई हैं।जिसको नगर का प्रत्येक ब्यक्ति जानता है।

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