Homeधर्मजीयर स्वामीघरों में शांति के लिए प्रतिदिन करें श्रीमद्भागवत का पाठ: जीयर स्वामी

घरों में शांति के लिए प्रतिदिन करें श्रीमद्भागवत का पाठ: जीयर स्वामी

भागवत कथा से ही मानव जीवन को पापों से मुक्ति : जीयर स्वामी

Jiyar Swami Chaturmas vrat: भोजपुर जिले के पीरो प्रखंड के परमानंद नगर में पूज्य संत श्री त्रिदंडी स्वामी जी महाराज के परम शिष्य श्री लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज का चातुर्मास व्रत शुरू हो गया है।

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    • भागवत कथा से ही मानव जीवन को पापों से मुक्ति : जीयर स्वामी

पीरो (आरा) बिहार: भोजपुर जिले के पीरो प्रखंड के परमानंद नगर में पूज्य संत श्री त्रिदंडी स्वामी जी महाराज के परम शिष्य श्री लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज का चातुर्मास व्रत शुरू हो गया है। मंगलवार को उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से ही मुक्ति मिलती है।

श्रीमद्भागवत कथा का महत्व
जीयर स्वामी जी महाराज ने अपने प्रवचन में बताया कि कथा ही ऐसा माध्यम है जिससे मानव जीवन की सारी परेशानियां खत्म हो जाती हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल धन, संपत्ति या भौतिक सुख-सुविधाओं से सच्ची शांति नहीं मिलती। सच्ची शांति पाने के लिए संतों की शरण में आना पड़ता है।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हम अपने जीवन में जो भी कार्य करते हैं, उनमें कहीं न कहीं कुछ कमी रह जाती है। इस संदर्भ में, उन्होंने नारद जी और वेद व्यास जी के संवाद का प्रसंग सुनाया, एक बार नारद जी वेद व्यास के आश्रम आये और अशांति का कारण पूछा, वेद व्यास जी ने श्रीमद्भागवत कथा की रचना की थी। जीयर स्वामी जी महाराज ने घरों में शांति बनाए रखने के लिए प्रतिदिन श्रीमद्भागवत का एक-दो अध्याय पाठ करने की सलाह दी।

चातुर्मास व्रत और आयोजन
इस चातुर्मास व्रत के दौरान जीयर स्वामी जी महाराज की कथा सुनने के लिए कई जिलों से भक्त परमानंद नगर पहुंचे हैं। प्रवचन और कथा सुनाने के लिए अन्य संत भी आए हुए हैं। शाम की दो पालियों में प्रवचन और कथा का आयोजन किया जा रहा है।

आयोजन मंडली के अध्यक्ष छोटे लाल तिवारी और उनके सहयोगी प्रभाशंकर तिवारी तथा मनोज उपाध्याय ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए आवास और भोजन की भी उचित व्यवस्था की गई है।

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