Double Murder Belghat: आरा मुफस्सिल थाना क्षेत्र में उदवंतनगर थाना क्षेत्र के कसाप गांव निवासी मिठाई दुकानदार प्रमोद महतो और उनके बेटे की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा दी है।
- हाइलाइट: Double Murder Belghat
- सुपारी देकर करायी गयी पिता-पुत्र की हत्या, शूटर सहित दो अपराधी गिरफ्तार
- बेलघाट दोहरे हत्याकांड की 72 घंटे में पुलिस ने सुलझाई गुत्थी:
- गजराजगंज ओपी के कारीसाथ और नवादा थाना क्षेत्र के बहिरो से पकड़े गए दोनों अपराधी
- प्रेम-प्रसंग सहित अन्य विवाद को लेकर पड़ोसी ने दी थी पिता-पुत्र की हत्या की सुपारी
- चार लाख रुपए में हुई थी हत्या करने की डील, एडवांस में दिये गये थे एक लाख
- हत्याकांड में छह की संलिप्तता, चार अन्य की तलाश में पुलिस कर रही छापेमारी
- मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बेलघाट गांव के समीप शुक्रवार की सुबह मिला था पिता-पुत्र का शव
आरा। मुफस्सिल थाना क्षेत्र में उदवंतनगर थाना क्षेत्र के कसाप गांव निवासी मिठाई दुकानदार प्रमोद महतो और उनके बेटे की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा दी है। इस मामले में साजिशकर्ता और शूटर सहित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। इनमें गजराजगंज ओपी क्षेत्र के कारीसाथ गांव निवासी सूरज कुमार और नवादा थाना क्षेत्र के बहिरो गांव निवासी द्वारिका शर्मा शामिल हैं।
एसपी राज की ओर से गठित विशेष टीम द्वारा दोनों को सोमवार की शाम उनके गांव से गिरफ्तार किया गया। इनमें द्वारिका शर्मा मिठाई दुकानदार प्रमोद महतो का पड़ोसी है। वह हत्याकांड का मुख्य अभियुक्त एवं साजिशकर्ता है। उसके द्वारा ही सूरज कुमार को सुपारी देकर दुकानदार और उनके बेटे प्रियांशु की हत्या की करायी गयी है। उसके लिए चार लाख रुपए में डील हुई थी, जिसमें एक लाख रुपए एडवांस के तौर पर दी गई थी। हत्याकांड छह अभियुक्तों की संलिप्तता रही है। चार अन्य की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी की जा रही है। सदर एसडीपीओ वन राज कुमार साह की ओर से मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी गई।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार की सुबह मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बेलगाट गांव के पास उदवंतनगर के पियनिया बाजार में रहने और मिठाई की दुकान चलाने वाले कसाप गांव निवासी प्रमोद महतो और उनके बेटे प्रियांशु की हत्या कर फेंक गया शव बरामद किया गया था। उस मामले में प्रमोद कुमार के बड़े पुत्र हिमांशु कुमार के बयान पर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मामले के उद्भेदन और घटना में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर एसपी राज द्वारा सदर एसडीपीओ वन के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था।
टीम ने तकनीकी अनुसंधान और संकलन साक्ष्य के आधार पर घटना का उद्भेदन करते हुए दो मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। छापेमारी में मुफस्सिल थानाध्यक्ष पुनि दीपक कुमार, दारोगा धर्मेंद्र कुमार राय और दिव्यलता कुमारी के अलावे डीआईयू के अधिकारी व जवान शामिल थे।
Double Murder Belghat: पैसे की लेनदेन के बहाने बुलाने के बाद की गयी थी पिता-पुत्र की हत्या
पुलिस के अनुसंधान में विवाहेतर संबंध (शादी के बाद एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर) के चक्कर में मिठाई दुकानदार प्रमोद कुमार और उनके बेटे की हत्या करने की बात सामने आयी है। सदर एसडीपीओ वन राज कुमार साह ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि कसाप गांव निवासी प्रमोद महतो और बहिरो निवासी द्वारिका शर्मा का परिवार काफी सालों से एक साथ रहता है।दोनों परिवार के बीच काफी घनिष्ठता थी। बहिरो के अलावे दोनों ने एक साथ पियनियां बाजार में अपना घर बनाया था। उसी बीच द्वारिका शर्मा और प्रमोद महतो की पत्नी के बीच काफी मधुर संबंध बन गया था। कुछ अन्य विवाद की भी बात सामने आ रही थी। उसी विवाद को लेकर द्वारिका शर्मा द्वारा प्रमोद महतो को रास्ते से हटाने के लिए उनकी हत्या की साजिश रची गयी। उसे लेकर चार लाख रुपए पर सूरज कुमार सहित अन्य शूटरों को हायर किया गया। प्लानिंग के तहत गुरुवार 30 अक्टूबर की शाम प्रमोद महतो को पैसे की लेनदेन करने के बहाने बुलाया गया। प्रमोद महतो अपने बेटे प्रियांशु के साथ पहुंचे। उसके बाद दोनों की हत्या कर दी गई। एसडीपीओ राज कुमार साह ने बताया गिरफ्तार सूरज कुमार का पूर्व से आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ गजराज गंज ओपी में आर्म्स एक्ट के दो केस दर्ज हैं।
शाम में थी बेटे की सगाई, सुबह मिला था पिता-पुत्र का शव
उदवंतनगर थाना क्षेत्र के पियनिया बाजार में मिठाई की दुकान चलाने वाले कसाप गांव निवासी प्रमोद महतो गुरुवार की शाम अपने बेटे प्रियांशु के साथ घर से निकले थे। देर शाम तक दोनों घर नहीं लौटे, तो खोजबीन शुरू की गयी। उसी क्रम में शुक्रवार की सुबह बेलघाट गांव स्थित नट बाबा स्थान के समीप दोनों के शव बरामद किए गए थे। दोनों की गोली मारकर हत्या की गयी थी। प्रमोद महतो का गला भी रेता गया था। बताया जा रहा है कि प्रमोद महतो के बड़े बेटे हिमांशु की शादी तय हुई थी।29 अक्टूबर को उसका छेका आया था। 31 अक्टूबर को वे लोग छेका लेकर लड़की के घर जाने वाले थे। उसी बीच प्रमोद कुमार और उनके छोटे बेटे प्रियांशु की हत्या कर दी गई।

