Ward 11 of Shahpur Nagar: भोजपुर जिला पदाधिकारी तनय सुल्तानिया के कड़े निर्देशानुसार जिले में सार्वजनिक भूमि और सड़कों से अतिक्रमण हटाने का अभियान व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है।
- हाइलाइट: Ward 11 of Shahpur Nagar
- भोजपुर में अतिक्रमण हटाओ अभियान तेज़: शाहपुर में सख्ती, वार्ड 11 की दीवार पर उठे सवाल
आरा। जिला पदाधिकारी तनय सुल्तानिया के कड़े निर्देशानुसार जिले में सार्वजनिक भूमि और सड़कों से अतिक्रमण हटाने का अभियान व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है। इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य आम जनता को सुगम आवागमन व्यवस्था को सुनिश्चित करना है। इसी कड़ी में, शाहपुर नगर क्षेत्र में सड़कों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को विशेष रूप से तेज कर दिया गया है, जहाँ अंचल, नगर व पुलिस प्रशासन सख्ती से नियमों का पालन सुनिश्चित कराने में जुटा है।
जिले भर में चल रहे इस अभियान के तहत, सड़कों के किनारे अवैध रूप से लगाई गई दुकानों, झोपड़ियों, चबूतरों और अन्य निर्माणों को हटाया जा रहा है। लंबे समय से सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रहती थी और पैदल चलने वालों के लिए भी परेशानी होती थी। जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अतिक्रमण हटाने में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शाहपुर नगर क्षेत्र में तय समय सीमा के भीतर स्वेच्छा से अतिक्रमण न हटाने पर प्रशासन द्वारा बलपूर्वक कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान से सड़कों पर आवाजाही काफी हद तक सुगम हुई है और स्थानीय लोगों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना की है।
Ward 11 of Shahpur Nagar: सड़क के बीच खड़ी दीवार
एक ओर जहाँ प्रशासन शाहपुर समेत अन्य क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाओ अभियान को पूरी मुस्तैदी से चला रहा है, वहीं दूसरी ओर नगर क्षेत्र के वार्ड संख्या-11 से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो इस अभियान की गंभीरता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर रहा है। वार्ड संख्या-11 में बीच सड़क पर एक दीवार खड़ी कर दी गई है, जिसको लेकर स्थानीय निवासियों और विभिन्न वर्गों के बीच जोरदार चर्चा चल रही है। यह दीवार सड़क के बीच में है और पूरे हिस्से को अवरुद्ध कर रही है, जिससे आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही है। लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह निर्माण अतिक्रमण की श्रेणी में नहीं आता, जब प्रशासन इतनी सक्रियता से अन्य स्थानों पर अतिक्रमण हटा रहा है?
इस संदर्भ में स्थानीय नागरिक बिहार नगरपालिका अधिनियम के प्रावधानों का हवाला दे रहे है। अधिनियम के अनुसार, किसी भी गृह निर्माण के दौरान नगरपालिका द्वारा निर्धारित माप और नियमों का पालन कराना अनिवार्य है। किसी भी व्यक्ति को सार्वजनिक मार्ग या भूमि पर अतिक्रमण नहीं करना चाहिए और घर के निर्माण के दौरान एक निश्चित दूरी (सेटबैक) छोड़कर ही निर्माण कार्य करना होता है, ताकि सार्वजनिक उपयोग के लिए पर्याप्त जगह बची रहे।
शाहपुर नगर पंचायत के वार्ड संख्या-11 के इस विशिष्ट मामले में, यह आरोप है कि एक रैयत (भूस्वामी) ने अपनी जमीन की परिधि को पूरा करने के बहाने, सार्वजनिक सड़क पर ही घेराबंदी कर दी है। इस घेराबंदी के परिणामस्वरूप, सड़क का महत्वपूर्ण हिस्सा संकरा कहें या पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है।
स्थानीय नागरिक और बुद्धिजीवी वर्ग इस बात पर विचार कर रहे हैं कि यदि जिला पदाधिकारी के निर्देश इतने कड़े हैं और प्रशासन सख्ती से अतिक्रमण हटा रहा है, तो फिर नपं प्रशासन वार्ड संख्या-11 में बीच सड़क पर खड़ी इस दीवार पर क्यों मेहरबान है। इसे क्यों नहीं हटाया गया? यह स्थिति अभियान की एकरूपता और सभी नागरिकों के लिए समान कानून के सिद्धांत पर प्रश्नचिन्ह लगाती है। यदि एक तरफ छोटे दुकानदारों और गरीबों के अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं, तो बड़े या प्रभावशाली लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमण पर भी वैसी ही कार्रवाई होनी चाहिए, यह जनता की अपेक्षा है। ताकि अतिक्रमण हटाओ अभियान की विश्वसनीयता बरकरार रहे।











