Sluice Gate: शाहपुर विधायक राकेश ओझा ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर इस जनहित से जुड़े मुद्दे को उनके समक्ष रखा और शीघ्र कार्रवाई के लिए पत्र सौंपा।
- हाइलाइट: Sluice Gate
- वर्षों से खुले तटबंध गैप पर बनेंगे 12 स्लूईस गेट, विधायक ने मुख्यमंत्री से की शीघ्र स्वीकृति की मांग
- मरचैया माधोपुर में तीन और लक्षुटोला के सामने बरसिंघा टोला में नौ स्लूईस गेट निर्माण का प्रस्ताव
आरा/शाहपुर। बक्सर-कोइलवर तटबंध के अंतर्गत शाहपुर प्रखंड के दो महत्वपूर्ण स्थलों पर वर्षों से लंबित तटबंध गैप को बंद करने और स्लूईस गेट का निर्माण कराने की मांग तेज हो गई है। शाहपुर विधायक राकेश ओझा ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर इस जनहित से जुड़े मुद्दे को उनके समक्ष रखा और शीघ्र कार्रवाई के लिए पत्र सौंपा।
विधायक ने मुख्यमंत्री को दिए पत्र में बताया कि बक्सर-कोइलवर तटबंध का निर्माण वर्ष 1970 में गंगा नदी से आने वाली बाढ़ से क्षेत्र की सुरक्षा के उद्देश्य से किया गया था। निर्माण के दौरान कुछ स्थानों पर भविष्य में स्लूईस गेट बनाए जाने के लिए तटबंध में गैप छोड़े गए थे। हालांकि, इन स्थानों पर अब तक स्लूईस गेट का निर्माण नहीं हो सका है। इसके कारण प्रत्येक वर्ष बाढ़ के दौरान भोजपुर और बक्सर जिले के विस्तृत दियारा क्षेत्रों में पानी के प्रवेश का खतरा बना रहता है।
Sluice Gate: बक्सर-कोइलवर तटबंध में दो बड़े गैप
पत्र के अनुसार, शाहपुर प्रखंड की लालूडेरा पंचायत के मरचैया माधोपुर गांव के समीप तथा लक्षुटोला के सामने बरसिंघा टोला, राजपुर के निकट बक्सर-कोइलवर तटबंध में दो बड़े गैप लंबे समय से खुले हुए हैं। बाढ़ के मौसम में इन गैप के जरिए बड़े क्षेत्र में पानी प्रवेश करता है, जिससे ग्रामीण जनजीवन प्रभावित होने के साथ-साथ कृषि फसलों को भी व्यापक नुकसान उठाना पड़ता है।
विधायक ने बताया कि दोनों स्थलों पर स्लूईस गेट निर्माण के लिए विभाग की ओर से आवश्यक प्राक्कलन तैयार किया जा चुका है। साथ ही, प्रस्ताव को तकनीकी सलाहकार समिति से अनुमोदन भी प्राप्त हो गया है। इसके बावजूद प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है।
प्रस्ताव के मुताबिक, मरचैया माधोपुर के तटबंध गैप पर तीन स्लूईस गेट तथा लक्षुटोला के सामने बरसिंघा टोला, राजपुर के समीप नौ स्लूईस गेट बनाए जाने हैं। इस प्रकार दोनों स्थलों पर कुल 12 स्लूईस गेट के निर्माण का प्रस्ताव है।
राकेश ओझा ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जनहित और व्यापक बाढ़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव को शीघ्र प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाए। उन्होंने कहा कि इससे दियारा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बाढ़ की समस्या से राहत मिल सकेगी तथा कृषि फसलों, जनजीवन और संपत्ति को होने वाली क्षति को कम किया जा सकेगा।

