Holding tax collection: पूर्व चेयरमैन बिजय कुमार सिंह, पैक्स अध्यक्ष रंगलाल यादव और लोजपा नेता बिद्यानंद पांडे ने दोषपूर्ण होल्डिंग टैक्स पर उठाए सवाल?
- हाइलाइट: Holding tax collection
- शाहपुर नपं में होल्डिंग टैक्स वसूली अभियान पर विवाद:
- होल्डिंग टैक्स की त्रुटियों को लेकर गहराया जन आक्रोश:
आरा। जिले के शाहपुर नगर पंचायत प्रशासन द्वारा होली के त्योहार से पूर्व होल्डिंग टैक्स की वसूली के लिए चलाए जा रहे सघन अभियान ने नगर क्षेत्र में व्यापक हलचल पैदा कर दी है। नगर पंचायत की इस सक्रियता से जहां एक ओर राजस्व संग्रहण की प्रक्रिया तेज हुई है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय निवासियों और व्यवसायियों के बीच भारी असंतोष और नाराजगी देखी जा रही है।
वर्तमान में नगर पंचायत कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर टैक्स जमा करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, जिससे आम जनता स्वयं को असहज महसूस कर रही है। लोगों का मुख्य आरोप है कि होल्डिंग टैक्स का निर्धारण दोषपूर्ण और अव्यावहारिक तरीके से किया गया है। स्थानीय व्यवसायियों का कहना है कि बिना किसी स्पष्ट मापदंड और विसंगतियों को दूर किए बिना वसूली के लिए दबाव बनाना अनुचित है।
होल्डिंग टैक्स की सूची में व्याप्त गड़बड़ियों को लेकर क्षेत्र के प्रमुख जनप्रतिनिधियों ने भी कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। पूर्व चेयरमैन बिजय कुमार सिंह, पैक्स अध्यक्ष रंगलाल यादव और लोजपा नेता बिद्यानंद पांडे ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। इन नेताओं ने स्पष्ट किया है कि वे नगर के सर्वांगीण विकास हेतु टैक्स भुगतान के विरोधी नहीं हैं, परंतु प्रशासन को सबसे पहले टैक्स निर्धारण में हुई त्रुटियों को दुरुस्त करना चाहिए। दोषपूर्ण सूची के आधार पर वसूली करना जनता के साथ अन्याय है।
जनप्रतिनिधियों ने बताया की जनता की मांगों को प्रभावी ढंग से शासन तक पहुँचाने के लिए नगर में जल्द ही एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत संकलित दस्तावेजों को नगर विकास एवं आवास विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ संबंधित मंत्री और मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा।
उक्त नेताओं और नगर के प्रबुद्ध नागरिकों ने खबरे आपकी टीम को बताया की नगर पंचायत प्रशासन प्रभावशाली लोगों पर काफी मेहरबान है। उन्होंने कहा की मौजूदा विसंगतियों और अनियमितताओं को पहले नपं प्रशासन ठीक करें। नहीं तो वे लोग उग्र आंदोलन और सर्वदलीय धरना-प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगे। फिलहाल, टैक्स वसूली को लेकर नगर पंचायत प्रशासन और जनता के बीच उपजा यह गतिरोध क्षेत्र में चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है।


