Homeराजनीतराधा चरण साह का 'सेठ जी' बनने का इतिहास

राधा चरण साह का ‘सेठ जी’ बनने का इतिहास

Radha Charan Sah story: आरा रेलवे स्टेशन के बाहर जलेबी की दुकान चलाया करते थे

  • मिठाई की दुकान से होटल के मालिक
  • जमीन के कारोबार से लेकर बालू सिंडिकेट
  • लगातार दो बार जीते MLC चुनाव

Bihar/Ara: भोजपुर जिला के बड़हरा प्रखंड के मूल निवासी राधा चरण साह का ‘सेठ जी’ बनने का इतिहास काफी पुराना नहीं है। राजनीति से पहले 70 के दशक में वो आरा रेलवे स्टेशन के बाहर जलेबी की दुकान चलाया करते थे। ज्यादा पढ़े लिखे तो नहीं, लेकिन अपना नाम, पता लिख लेते थे और नोटों की गिनती भी अच्छे से कर लिया करते थे। लेकिन राधा चरण साह की किस्मत ने बहुत साथ दिया।

उन्होंने जिस भी काम में हाथ आजमाया, उसमें उनको सफलता ही मिली। मिठाई की दुकान से होटल के मालिक, उसके बाद जमीन के कारोबार में उतर गए। बिहार सरकार ने जब बालू के ठेके का आवंटन करना शुरू किया तो राधा चरण बालू की ठेकेदारी करने लगे। लंबे समय से बालू सिंडिकेट से भी जुड़े रहे हैं। भोजपुर के कोईलवर, बिहटा के परेव के अलावा पटना, औरंगाबाद और गया के बड़े बालू कारोबारियों से इनके अच्छे संबंध बताए जाते हैं।

बालू के धंधे से अर्जित अथाह संपत्ति के मामले में ही आज इनकम टैक्स विभाग ने यह कार्रवाई की है। इनकम टैक्स की टीम आरा से लेकर पटना और देश के कई हिस्सों में राधा चरण साह के हर एक आवास और होटलों पर पहुंची है

Radha Charan Sah story:पहली बार आरजेडी कोटे से तथा दूसरी बार जदयू कोटे से जीते MLC चुनाव

बिहार राजनीति में राधा चरण साह कोई नया नाम नहीं है। एमएलसी चुनाव में एनडीए के प्रत्याशी के तौर पर आरा-बक्सर स्थानीय प्राधिकार के बिहार विधान परिषद के चुनाव में जदयू नेता ने लगातार दूसरी बार जीत हासिल की है। इससे पहले राधा चरण साह ने पहली बार साल 2015 में आरजेडी कोटे से एमएलसी का चुनाव लड़ा था। उस दौर में सेठ जी लालू यादव के परिवार के बेहद खास माने जाते थे। उस चुनाव में राजग गठबंधन के प्रत्याशी हुलास पांडेय को उन्होंने 329 मतों से हराया था। बाद में पार्टी बदलकर जदयू में चले आए। फिर 2022 में जदयू प्रत्याशी के तौर पर उन्होंने दूसरी बार विधान परिषद का चुनाव जीता था।

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