Homeराजनीतबिहार में नए CM का सस्पेंस खत्मः नीतीश से मिले सम्राट चौधरी

बिहार में नए CM का सस्पेंस खत्मः नीतीश से मिले सम्राट चौधरी

बिहार की सियासत एक बार फिर उसी मोड़ पर आकर खड़ी है, जहां से राज्य की नई राजनीतिक दिशा तय होनी है।

New CM in Bihar: पूरे राज्य की निगाहें अब पटना में होने वाली बैठकों और शीर्ष नेताओं के आधिकारिक निर्णयों पर टिकी हैं।

  • हाइलाइट: New CM in Bihar
  • आने वाले 48 घंटे बिहार की भविष्य की राजनीति के लिए बेहद निर्णायक

पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर बदलाव की आहट सुनाई दे रही है। राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर सियासी सरगर्मियां अपने चरम पर हैं। सत्ता के गलियारों में चल रही चर्चाओं के बीच उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से हुई मुलाकात ने इन अटकलों को और अधिक बल दे दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले 48 घंटे बिहार की भविष्य की राजनीति के लिए बेहद निर्णायक साबित हो सकते हैं।

संभावित घटनाक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 14 अप्रैल को कैबिनेट की बैठक बुला सकते हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक के उपरांत वे अपने पद से इस्तीफा सौंपने के लिए राज्यपाल से मुलाकात कर सकते हैं और नई सरकार के गठन का औपचारिक आग्रह कर सकते हैं। इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न करने के लिए भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड के शीर्ष नेतृत्व ने गहन विमर्श शुरू कर दिया है।

New CM in Bihar: नई सरकार के गठन की प्रक्रिया 13 अप्रैल के बाद

भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री पद के नाम पर आम सहमति बनाने के लिए अपने विधायक दल की बैठक बुलाई है। इस बैठक के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है, जो पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के संदेश के साथ विधायकों के साथ संवाद करेंगे। वहीं, जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि नई सरकार के गठन की प्रक्रिया 13 अप्रैल के बाद गति पकड़ेगी।

मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम निर्णय भाजपा के स्तर पर लिया जाना है। इसके बाद एनडीए विधायक दल की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें भाजपा द्वारा सुझाए गए नाम पर सभी घटक दलों की सहमति ली जाएगी। चर्चाएं यह भी हैं कि स्वयं नीतीश कुमार नए सीएम के नाम का प्रस्ताव रख सकते हैं, जिस पर एनडीए के सभी विधायकों की मुहर लग सकती है।

लोक भवन में शपथ ग्रहण कार्यक्रम

राज्य में शपथ ग्रहण समारोह को लेकर भी कयासों का दौर जारी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि 15 अप्रैल को लोक भवन में शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया जा सकता है। इसे लेकर यह भी चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को अपना चुनावी प्रचार समाप्त कर पटना पहुंच सकते हैं और लोक भवन में रात्रि विश्राम कर सकते हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी इन खबरों की पुष्टि नहीं की गई है।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री आवास पर चल रही गतिविधियां भी महत्वपूर्ण संकेत दे रही हैं। एक अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास से सामान को 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास में शिफ्ट किया जा रहा है। गौरतलब है कि वर्ष 2014 में भी जब नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री का पद छोड़कर जीतन राम मांझी को सत्ता सौंपी थी, तब उन्होंने इसी आवास में अपना निवास स्थान बनाया था।

बिहार की सियासत एक बार फिर उसी मोड़ पर आकर खड़ी है, जहां से राज्य की नई राजनीतिक दिशा तय होनी है। आगामी कुछ दिन बिहार के प्रशासनिक और राजनीतिक भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होंगे। पूरे राज्य की निगाहें अब पटना में होने वाली बैठकों और शीर्ष नेताओं के आधिकारिक निर्णयों पर टिकी हैं।

RAVI KUMAR
RAVI KUMAR
बिहार के भोजपुर जिला निवासी रवि कुमार एक भारतीय पत्रकार है एवं न्यूज पोर्टल खबरे आपकी के प्रमुख लोगों में से एक है।
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