Bihiya NP Politics: बिहिया नगर पंचायत में राजनीतिक घमासान: चेयरमैन, पूर्व उपाध्यक्ष और बिहिया के चर्चित ‘हनुमान’ के बीच ब्यानों से गरमाया माहौल
- हाइलाइट: Bihiya NP Politics
- हर माह 25 हजार रुपये वसूली के सनसनीखेज आरोप
- सफाई एनजीओ के संचालक मिश्रा जी का नाम आया सामने
आरा। जिले के बिहिया नगर पंचायत की राजनीति इन दिनों अपने चरम पर है। स्थानीय निकाय के भीतर चल रही आपसी खींचतान और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों ने नगर की सियासत को पूरी तरह से गरमा दिया है। वर्तमान में यह विवाद चेयरमैन, पूर्व उपाध्यक्ष और बिहिया के चर्चित ‘हनुमान’ के बीच ब्यानों से यहां काफी हलचल है।
विवाद की शुरुआत नगर पंचायत के वर्तमान चेयरमैन सचिन गुप्ता और पूर्व उपाध्यक्ष भालू सर्राफ के बीच शुरू हुए मतभेदों से हुई थी। लेकिन इस सियासी लड़ाई में नया मोड़ तब आया जब बिहिया में ‘हनुमान’ के नाम से चर्चित रामबाबू प्रसाद ने इस विवाद में अपनी प्रविष्टि की। रामबाबू प्रसाद ने इस बार चेयरमैन सचिन गुप्ता के पक्ष में खड़े होकर पूर्व उपाध्यक्ष भालू सर्राफ के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाला पहलू रामबाबू प्रसाद का बदला हुआ रुख है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में रामबाबू प्रसाद ने ही चेयरमैन सचिन गुप्ता के खिलाफ मामला दर्ज कराया था, जिससे दोनों के बीच कटुता जगजाहिर थी। हालांकि, हालिया घटनाक्रम में उन्होंने स्पष्ट किया है कि उस पुराने विवाद में अब सुलह हो चुकी है।
रामबाबू प्रसाद ने पूर्व उपाध्यक्ष भालू सर्राफ पर धन के अवैध लेनदेन का गंभीर आरोप मढ़ा है। उन्होंने मीडियाकर्मियों के समक्ष दावा किया है कि नगर में साफ-सफाई का जिम्मा संभालने वाले एनजीओ के संचालक मिश्रा जी से भालू सर्राफ द्वारा प्रतिमाह 25 हजार रुपये लेने का दावा, के सनसनीखेज आरोप ने नगर पंचायत की सफाई कार्यप्रणाली पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
आरोपों और प्रत्यारोपों के इस दौर ने बिहिया की स्थानीय राजनीति को पूरी तरह से गरमा दिया है। एक ओर जहां चेयरमैन खेमा खुद को पाक-साफ बताने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर पूर्व उपचेयरमैन पर भ्रष्टाचार के इन आरोपों ने आम जनता के बीच भी चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।


