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भोजपुर में आंधी और बारिश का कहर: कृषि और जनजीवन पर गहरा असर

Unseasonal storm and rain: एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार बेमौसम आंधी और बारिश का कहर: किसानों की कमर टूटी, जनजीवन अस्त-व्यस्त

  • हाइलाइट: Unseasonal storm and rain
  • शादी समारोहों के लिए लगाए गए टेंट पंडाल भी उखड़े, पानी और कीचड़ से आयोजक परेशान
  • खरीफ व रबी फसल की बर्बादी से अभी उबर नहीं पाए थे किसान कि गरमा मक्का एवं मूंग की क्षति से कमर टूटी
  • मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक आंधी, बारिश व वज्रपात की चेतावनी दी
  • बेमौसम आंधी-बारिश से उमसभरी गर्मी से लोगों को राहत मिली, पारा गिरा

आरा,भोजपुर। जिले में पिछले एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। सोमवार की शाम अचानक बदले मौसम के मिजाज ने न केवल तापमान में गिरावट लाकर लोगों को उमसभरी गर्मी से राहत दी, बल्कि कृषि क्षेत्र और सामाजिक आयोजनों के लिए तबाही का मंजर भी पेश किया है।

Unseasonal storm and rain: खेती-किसानी के लिए यह अत्यंत कष्टदायक

जिले के किसान पहले से ही खरीफ और रबी फसलों की बर्बादी की मार झेल रहे थे। अभी वे उस आर्थिक नुकसान से उबर भी नहीं पाए थे कि इस बेमौसम आंधी और बारिश ने उनकी कमर तोड़कर रख दी है। स्थानीय किसानों के अनुसार, इस सप्ताह के बीते बुधवार को आई आंधी के कारण पहले ही मूंग, मक्का और आम की फसलों को 20 से 25 फीसदी तक का नुकसान हो चुका था। सोमवार की आंधी ने बची-खुची उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया है। पीरो, आरा, जगदीशपुर, शाहपुर और बड़हरा जैसे क्षेत्रों में आम, जामुन और मक्का की फसलों को भारी क्षति पहुंची है। सब्जियों की खेती करने वाले किसान भी गहरे संकट में हैं, क्योंकि खेत पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं।

मांगलिक समारोह वाले घरों में मेहमानों के आतिथ्य सत्कार में दिखी लाचारी

कृषि के अतिरिक्त, यह आंधी उन परिवारों के लिए मुसीबत का सबब बनी, जिनके घरों में इन दिनों विवाह या अन्य मांगलिक समारोह चल रहे थे। तेज हवाओं के कारण शादी-समारोहों के लिए बनाए गए टेंट और भव्य पंडाल पूरी तरह उखड़ गए। बारिश के कारण आयोजन स्थलों पर चारों ओर कीचड़ और जलजमाव हो गया, जिससे बैठने की जगह भी नहीं बची। आयोजकों को न केवल काफी नुकसान का सामना करना पड़ा है, बल्कि बारात और तिलक जैसे कार्यक्रमों के लिए अब उन्हें मजबूरन स्कूल, सामुदायिक भवनों और अन्य सुरक्षित वैकल्पिक स्थानों की तलाश करनी पड़ी। इसके अलावा, भोजन व्यवस्था और मेहमानों के आतिथ्य सत्कार में भी लाचारी दिखी।

तापमान में गिरावट, भीषण गर्मी राहत

आंधी की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले के कई हिस्सों में झोपड़ीनुमा घरों की छतें उड़ गई, और टिन के शेड तथा खपड़ैल वाले कच्चे मकानों को भी खासा नुकसान पहुंचा है। हालांकि, इस बारिश का एक सकारात्मक पहलू तापमान में गिरावट रही है, जिससे भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे आम नागरिकों को कुछ हद तक राहत जरूर मिली है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक क्षेत्र में आंधी, बारिश और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। वज्रपात की स्थिति में खुले स्थानों पर न जाएं।

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