Bihiya teachers Training: बिहिया के पीएम श्री प्लस टू उच्च विद्यालय में कक्षा 6 से 8 तक गणित और विज्ञान पढ़ाने वाले शिक्षकों को प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग का प्रशिक्षण दिया गया।
- हाइलाइट: Bihiya teachers Training
- कक्षा 6 से 8 तक गणित और विज्ञान पढ़ाने वाले शिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण।
- बीईओ ने कहा, नई शिक्षा नीति के तहत बच्चों को रटाने के बजाय सिखाना जरूरी।
आरा/बिहिया। पीएम श्री प्लस टू उच्च विद्यालय बिहिया में कक्षा 6 से 8 तक गणित और विज्ञान पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों को प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग यानी परियोजना आधारित शिक्षा का एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। शिक्षा विभाग के निर्देश पर आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य बच्चों में तार्किक, वैज्ञानिक और व्यावहारिक समझ विकसित करना है।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को बताया गया कि विद्यालयों में पारंपरिक श्यामपट्ट आधारित पढ़ाई के साथ-साथ प्रोजेक्ट वर्क पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। बच्चों को पर्यावरण विज्ञान और गणित जैसे विषयों को मॉडल और प्रोजेक्ट तैयार कराकर व्यावहारिक रूप से समझाया जाएगा।
रटने के बजाय सीखने पर जोर
प्रशिक्षण में कहा गया कि बच्चों को केवल पाठ याद कराने के बजाय उन्हें विषयों को समझने और उनका प्रयोग करने का अवसर दिया जाना चाहिए। परियोजना आधारित शिक्षा के माध्यम से बच्चे स्वयं मॉडल और प्रोजेक्ट तैयार करेंगे।
इससे बच्चों में विषयों के प्रति रुचि बढ़ेगी और वे कठिन अवधारणाओं को आसानी से समझ सकेंगे। साथ ही, उनमें सोचने, तर्क करने और निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित होगी।
सरकारी स्कूलों में आधुनिक शिक्षण पद्धति
प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग के माध्यम से सरकारी विद्यालयों में भी आधुनिक शिक्षण पद्धति को बढ़ावा देने की पहल की गई है। प्रशिक्षण में बताया गया कि इस पद्धति से बच्चों को निजी विद्यालयों की तर्ज पर गतिविधि आधारित शिक्षा का लाभ मिलेगा।
बच्चे पढ़ाई को केवल किताबों तक सीमित न रखकर अपने आसपास के पर्यावरण और दैनिक जीवन से जोड़कर सीख सकेंगे। इससे उनमें जागरूकता बढ़ेगी और सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी।
नई शिक्षा नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी बिहिया मनोज कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग नई शिक्षा नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। 21वीं सदी में बच्चों को केवल रटाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें विषयों को समझने और उसका प्रयोग करने के लिए प्रेरित करना जरूरी है।
उन्होंने सभी शिक्षकों से इस तकनीक को अपनी कक्षाओं में पूरी निष्ठा और नियमितता के साथ लागू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। सही मार्गदर्शन और आधुनिक शिक्षण पद्धति के माध्यम से वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बना सकते हैं।
बच्चों में विकसित होगी वैज्ञानिक सोच
प्रशिक्षण में शिक्षकों को बताया गया कि प्रोजेक्ट आधारित गतिविधियों से बच्चों में वैज्ञानिक सोच और समस्या समाधान की क्षमता विकसित होगी। गणित और विज्ञान के पाठों को मॉडल, प्रयोग और गतिविधियों से जोड़कर पढ़ाने पर बच्चों की समझ बेहतर होगी।
इस पहल से बच्चों में जिज्ञासा बढ़ेगी और वे सवाल पूछकर खुद समाधान खोजने के लिए प्रेरित होंगे। शिक्षकों को प्रोजेक्ट तैयार कराने, समूह में काम कराने और बच्चों की रचनात्मकता को बढ़ावा देने के तरीकों की जानकारी दी गई।
Bihiya teachers Training: जिला और प्रखंड तकनीकी टीम ने दिया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण में जिला तकनीकी टीम के जिला तकनीकी सदस्य आशीष कुमार उपाध्याय और प्रखंड तकनीकी टीम के सदस्य राजीव कुमार सिंह, प्रदीप कुमार मिश्रा एवं राज प्रताप भानु ने शिक्षकों का मार्गदर्शन किया।
इस दौरान शिक्षकों को परियोजना आधारित शिक्षा की प्रक्रिया, प्रोजेक्ट के विषय चयन, मॉडल निर्माण और विद्यार्थियों की सहभागिता से जुड़ी जानकारी दी गई।
ये शिक्षक रहे उपस्थित
प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षक राजीव रंजन उर्फ महेश कुमार, शशिभूषण तिवारी, अमरेंद्र कुमार, हरेंद्र कुमार पाल, खुशबू कुमारी, शकील अहमद सहित प्रखंड के सभी विद्यालयों के गणित और विज्ञान शिक्षक उपस्थित रहे।










