Shahpur Agricultural Engineering College की शाहपुर विधायक ने की मांग
शाहपुर: भोजपुर जिले में कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज बनाने के लिए शाहपुर की सरकारी कृषि विभाग के जमीन की चर्चा अब जोर पकड़ने लगी है। पहले भी कृषि विश्वविद्यालय बनाने के लिए तत्कालीन प्रशासन द्वारा एक व्यापक प्रतिवेदन के साथ जमीन की विवरणी भी सरकार को भेजी गई थी। क्योंकि उक्त भूमि आरा-बक्सर एनएच 84 के बिल्कुल सटे और पटना-बक्सर निर्माणाधीन फोरलेन सड़क के बीचोबीच अवस्थित है। जिसकी घेराबंदी भी सरकार द्वारा करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से कराई गई है।
करीब 30 एकड़ में फैला हुआ है शाहपुर का कृषि फार्म
शाहपुर कृषि फार्म की भूमि आरा-बक्सर मुख्यमार्ग एनएच 84 से बिल्कुल सटे हुए है। साथ ही बिहिया व बनाही दो रेलवे स्टेशन भी बेहद करीब है। करीब 30 एकड़ में फैले सरकारी कृषि फार्म की भूमि से सटे एक बड़ा सरकारी तालाब भी है जिसका क्षेत्रफल करीब 5 एकड़ है। शाहपुर प्रखंड मुख्यालय, शाहपुर थाना से लगभग दो सौ मीटर पूरब की ओर है कृषि फार्म। क्षेत्र के तकरीबन सभी राजनैतिक दलों व प्रबुद्धजनों द्वारा शाहपुर में कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज (Shahpur Agricultural Engineering College) बनाने की मांग भी की जाने लगी है।

पटना-बक्सर फोरलेन और दो स्टेशनों से बेहद नजदीक है
वर्तमान में यह भूखंड बीज उत्पादन प्रक्षेत्र के लिए कृषि विभाग द्वारा इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन कभी भी यह बीज उत्पादन के दृष्टिकोण से यह कामयाबी हासिल नहीं कर सका। इसी जमीन पर वर्ष 2010-11 में इसी कृषि फार्म की जमीन पर कृषि विश्वविद्यालय बनाने का प्रस्ताव तत्कालीन जिला प्रशासन द्वारा राज्य सरकार को भेजा गया था। लेकिन अंतिम समय मे किसी कारण से तब उक्त विश्वविद्यालय नही बन सका। स्थानीय विधायक राहुल तिवारी ने कहा कि यदि शाहपुर स्थित कृषि फार्म की जमीन पर कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज खुले तो बेहतर होगा। क्योंकि यह जमीन फोरलेन पर है। साथ ही बिहिया और बनाही स्टेशनों से करीब भी।


