Homeभोजपुरबड़हाराबखोरापुर मंदिर परिसर में अस्पताल के लिए हुआ भूमि पूजन

बखोरापुर मंदिर परिसर में अस्पताल के लिए हुआ भूमि पूजन

Bhoomi Pujan - Bakhorapur Hospital : जय मां काली बखोरापुर मंदिर ट्रस्ट के आर्थिक संसाधन से मंदिर परिसर में 8 कट्ठा भूमि पर अत्याधुनिक अस्पताल का भूमि पूजन किया गया।

Bhoomi Pujan – Bakhorapur Hospital : जय मां काली बखोरापुर मंदिर ट्रस्ट के आर्थिक संसाधन से मंदिर परिसर में 8 कट्ठा भूमि पर अत्याधुनिक अस्पताल का भूमि पूजन किया गया।

  • हाइलाइट : Bhoomi Pujan – Bakhorapur Hospital
    • भूमि पूजन कार्यक्रम में अयोध्या से चलकर 86 वर्षीय संत बाबा बालकनाथ पहुंचे
    • नो लॉस-नो प्रॉफिट बेसिस पर चिकित्सालय का होगा संचालन

Bhoomi Pujan – Bakhorapur Hospital आरा/बड़हरा: जय मां काली बखोरापुर मंदिर ट्रस्ट के आर्थिक संसाधन से मंदिर परिसर में 8 कट्ठा भूमि पर अत्याधुनिक अस्पताल का भूमि पूजन 14 दिसम्बर 2024 को संयुक्तरुप से हुआ। अस्पताल का नाम जय मां काली स्व योगेंद्र प्रसाद सिंह एवं स्व राधिका देवी चिकित्सालय होगा। भूमि दानकर्ता अरुण कुमार सिंह है। भूमि पूजन, शिलान्यास मोर्या होटल पटना के डायरेक्टर सह मां काली मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष बीडी सिंह, आकाश ग्रुप ऑफ इंस्च्यूशन बक्सर-भोजपुर के चेयमैन डा लक्ष्मण तिवारी (मुख्य अतिथि), समाजसेवी सह उद्योगपति अजय कुमार सिंह, नागरिक परिषद के पूर्व सदस्य भाई ब्रह्मेश्वर, गोल्ड मैन ऑफ बिहार प्रेम सिंह, रवि शंकर सिंह, डुमरांव के पूर्व विधायक ददन पहलवान समेत अन्य ने संयुक्तरूप से किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व मेजर राणा प्रताप सिंह ने की।

मां काली मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष बीडी सिंह ने कहा कि अस्पताल उद्घाटन में अयोध्या से चलकर 86 वर्षीय संत बालकनाथ बाबा का आना क्षेत्र के लोगों का सौभाग्य है। जिससे आज मंदिर परिसर में अस्पताल के भूमि पूजन किया गया। जहां क्षेत्र के लोगों का एकसमान इलाज संभव हो जाएगा।

मंदिर ट्रस्ट के संरक्षक सुनील सिंह गोपाल ने बताया कि फिलहाल शिलान्यास व निर्माण के समय 1.5 करोड़ का लागत है। अस्पताल पांच मंजिला बनेगा जिसमें 45 बेड रहेगा। ग्राउण्ड फ्लोर पर चार व दो चक्का पार्किंग होगा, प्रथम तल चिकित्सकों के लिए आरक्षित रहेगा, जिसमें डा कमरा, डा रेस्ट कमरा, रोगियों के लिए ओपीडी व रजिस्ट्रेशन कराने का कमरा, दूसरे तल पर रोगीयों के भर्ती हॉल, प्राईवेट रोगी कमरा, तृतीय तल पर विभिन्न जांच केन्द्र एवं ऑपरेशन थियेटर (ओटी), चतुर्थ तल पर भोजन बनाने एवं सशुल्क रेस्टूरेंट की व्यवस्था के साथ परिजनों, भक्तों, पर्यटकों की बैठने की व्यवस्था, पंचम तल पर सशुल्क गेस्ट हाउस बनेगा।

भोजपुर के गौरव के रूप में स्थापित व सम्पूर्ण विश्व स्तर पर प्रचारित बखोरापुर काली मंदिर निर्धनों की चिकित्सा व्यवस्था में सहायता करने के लिए समस्त आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित, भारत एवं विश्वस्तर के ख्याति प्राप्त दवा एवं सर्जरी कम्पनियों का सहयोग लेकर मुफ्त चिकित्सा व दवा, सर्जरी सामग्री उपलब्ध कराने का मंदिर ट्रस्ट प्रयास करेगा।

बिहार व जिले के ख्याति प्राप्त फिजिसियन, सर्जन, आर्थोपेडिक, गाइनोलाजिस्ट, नेफ्रोलाजिस्ट, यूरोलाजिस्ट, आई, डेन्टल, कैंसर, न्यूरोलाजिस्ट, चाईल्ड, ईएनटी, मेन्टल, होमियोपैथिक, आयुर्वेदिक, नेचरोपैथी, नस एवं अन्य रोगो की चिकित्सा के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम अस्पताल में रहेगी। पटना के एम्स, आईजीएमएस, पीएमसीएच, इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान, एनएमसीएच, रूबन हास्पीटल, महावीर कैंसर अस्पताल, पारस हॉस्पिटल, महावीर वात्सलय अस्पताल, बुद्धा कैंसर के साथ दर्जनों पद्मश्री, पदमविभूषण उपाधि प्राप्त चिकित्सको के साथ विभिन्न असाध्य रोगों के राष्ट्रीय स्तर के ख्यातिप्राप्त चिकित्सक प्रतिमाह बारी-बारी से नियत दिनांक पर अपनी सेवा देगें।

रजिस्ट्रेशन फीस मात्र 50 रुपया निर्धन-धनी को बराबर देना होगा, जो दवा और सर्जरी का सामान चिकित्सालय में उपलब्ध रहेगा। उसे मुफ्त में दिया जाएगा। जो बाहर से मंगवाना होगा उसे मरीज वहन करेगे। चिकित्सक मुफ्त में जांच करेगें। डिलेवरी, ऑपरेशन या किसी भी सर्जरी में चिकित्सक आधा फीस लेगें। नो लॉस-नो प्रॉफिट बेसिस पर चिकित्सालय का संचालन होगा, बेड निःशुल्क रहेगा। गंभीर स्थिति में एंबुलेंश मुफ्त में उपलब्ध करा कर पटना या आरा के सरकारी या प्राईवेट हास्पिटल तक भर्ती कराने में सहयोग देगा। लेकिन बाहर के किसी हॉस्पिटल का खर्च स्वयं रोगी को देना होगा।

ऑक्सीजन युक्त एंबुलेन्स मंदिर चिकित्सालय उपलब्ध करा सेवा देगा, लेकिन भेंटिलेटर युक्त एंबुलेंस रोगी को पटना या आरा से रूपया देकर मंगवाना पड़ेगा। किसी प्रकार के सर्जरी के लिए चिकित्सक का निर्धारित आधा फीस ऑपरेशन के एक दिन पूर्व जमा करना होगा, चिकित्सालय के नियमों को सख्त रूप से पालन होगा, किसी की पैरवी या बाद में रूपया दे देंगे, वैसे रोगियों की चिकित्सा नही होगी, बाहर जाकर ईलाज करा सकते है। आंख ऑपरेशन जैसे मोतियाबिंद का लेंस मुफ्त में दिया जाएगा, लेकिन चिकित्सक का सर्जरी का आधा फीस देना होगा। इसकी जानकारी मंदिर ट्रस्ट के मुख्य संरक्षक सुनील सिंह गोपाल व मीडिया प्रभारी अखिलेश बाबा ने दी।

ख़बरे आपकी
ख़बरे आपकी
Khabreapki covers all Breaking News in Hindi
- Advertisment -
Bharat Ji Shahpur
School AD

Most Popular