Vaishali history sheeter Manish Rai: चर्चित आरा तनिष्क शोरूम से दस करोड़ की डकैती में पुलिस को फिर एक सफलता मिली है।
- हाइलाइट्स:
- एसटीएफ और भोजपुर पुलिस की सफलता:
- तकनीकी सूत्र के जरिए शुक्रवार की शाम पकड़ा गया अपराधी
- दस मार्च की सुबह दस करोड़ की हुई थी डकैती, अबतक 19 गिरफ्तार
- शेरू और चंदन सहित बीस के खिलाफ हो चुकी है चार्जशीट
आरा,बिहार। चर्चित आरा तनिष्क शोरूम से दस करोड़ की डकैती में पुलिस को फिर एक सफलता मिली है। एसटीएफ की मदद से नगर थाने की पुलिस द्वारा डकैती कांड में शामिल वैशाली के एक हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार किया गया है। वह वैशाली नगर थाना क्षेत्र के बालादास मठ वार्ड नंबर एक निवासी स्व अरविंद राय का पुत्र मनीष राय है।
तकनीकी सूत्र के आधार पर उसे वैशाली इलाके से गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ वैशाली, मुजफ्फरपुर और पटना में हत्या, डकैती, लूट, रंगदारी एवं आर्म्स एक्ट के करीब दर्जन भर केस दर्ज हैं। वैशाली के नगर थाने में आठ, सदर में एक और महुआ थाने में भी एक केस दर्ज हैं। मुजफ्फरपुर के कुढ़नी और पटना के कंकड़बाग नगर थाने में भी एक-एक केस दर्ज है।
Vaishali history sheeter: तकनीकी सूत्र के आधार पर गिरफ्तार
एसपी राज की ओर से रविवार को प्रेस बयान जारी कर इसकी गिरफ्तारी की जानकारी दी गई। बताया गया कि पूर्व में गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ में मनीष राय का नाम आया था। उसके बाद से ही वह फरार चल रहा था। शनिवार को तकनीकी सूत्र के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
15 जून को वैशाली के बिदुपुर थाना क्षेत्र के मझौली गांव निवासी शिव कुमार चौधरी का पुत्र गौतम कुमार को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में अब तक 19 अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। चुनमुन झा नामक एक अपराधी अररिया में पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा जा चुका है।
वहीं, डकैती कांड के मास्टर माइंड बक्सर निवासी शेरू सिंह और वैशाली निवासी चंदन कुमार उर्फ प्रिंस सिंह को रिमांड किया जा चुका है। इस मामले में जून माह में शेरू सिंह और चंदन कुमार उर्फ प्रिंस सहित बीस अपराधियों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है।
बता दें कि दस मार्च की सुबह करीब साढ़े दस बजे शहर के सबसे व्यस्त माने जाने वाले शीशमहल चौक के पास तनिष्क शोरूम में धावा बोल अपराधियों द्वारा करीब दस करोड़ के सोने के आभूषण की डकैती की गयी थी। सात-आठ की संख्या में अपराधियों द्वारा आभूषण के अलावे कुछ नगदी और एक सिक्योरिटी गार्ड का लाइसेंसी हथियार छीन लिया गया था।
हालांकि उस मामले में पुलिस द्वारा अब तक लूट के करीब आधा सोना बरामद कर लिया गया है। डकैती में शामिल लुटेरों, उनके संरक्षक, लाइनर और रिसीवर सहित 17 अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा जा चुका है। वहीं, एक अररिया में मुठभेड़ में मारा जा चुका है। घटना के दोनों मुख्य मास्टर माइंड पहले से जेल में थे। दोनों को इस कांड में रिमांड किया गया है।
बता दें कि डकैती के कुछ घंटे के भीतर ही बड़हरा थाना क्षेत्र के बबुरा के समीप पुलिस द्वारा मुठभेड़ के दौरान सारण जिले के दो अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। गोली लगने के बाद गिरफ्तार सारण निवासी दोनों अपराधियों के पास से लूटे गए दो झोला आभूषण भी बरामद किया गया था। उनकी निशानदेही पर गार्ड का हथियार भी बरामद कर लिया गया था।
बाद में लाइनर, घटना में शामिल अपराधियों को पनाह देने वाले और एक रिसीवर सहित तीन अभियुक्तों को भी गिरफ्तार किया गया था। लूट की घटना में इस्तेमाल होने वाली कार भी जब्त की गयी थी।
गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ में घटना में पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जेल में बंद वैशाली निवासी कुख्यात चंदन कुमार उर्फ प्रिंस और बक्सर निवासी शेरू सिंह का भी नाम सामने आया था। पुलिस की ओर से दोनों को प्रोडक्शन वारंट के जरिए दोनों को आरा लाने के बाद रिमांड पर लेकर पूछताछ की गयी थी। डकैती में शामिल अन्य अपराधियों से भी पूछताछ की गयी थी। उसमें डकैती कांड का पूरा राज सामने आया था।


