BJP leader Bhuar Ojha: भूअर ओझा ने कहा “मूंछ प्रकरण” वाले लालू डेरा के मनेजर यादव 2015 के चुनाव में मेरे बड़े भाई स्व: विशेश्वर ओझा के लिए वोट मांग रहे थे।
- हाइलाइट: BJP leader Bhuar Ojha
- हार से घबराए राहुल तिवारी द्वारा मतदाताओं को साधने का कुटिल प्रयास किया जा रहा है: भूअर ओझा
आरा: शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में “मूंछ प्रकरण” का फिर से गरमाना, एक ऐसे राजनीतिक परिदृश्य को जन्म दे रहा है जहाँ विकास के मुद्दों पर अतीत की छाया हावी होती दिख रही है। यह प्रकरण, कभी शिवानंद तिवारी जैसे कद्दावर नेता के समय चुनाव में उठाया गया था, अब एक बार फिर से विधायक राहुल तिवारी ने इस मुद्दे को छेड़कर, इसे चर्चा का विषय बना दिया है। वही “यादव, ब्राह्मण, राजपूत, भूमिहार की हत्या” जैसी बातें कहकर अतीत के विवादों को दोहराया गया है।
इधर, इस संदर्भ में, भाजपा नेता भूअर ओझा ने इन सभी मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह खेदजनक है कि जब शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के मूलभूत आवश्यकताओं पर विधायक को ध्यान केंद्रित करना चाहिए था, तब वह पटना में ऐशों आराम करते रहे। अब चुनाव के समय “मूंछ प्रकरण” जैसी पुरानी बातें और अतीत की यादें ताजा की जा रही हैं। “लालू डेरा के लोग पहले डरे-सहमे रहते थे” या “यादव, ब्राह्मण, राजपूत, भूमिहार की हत्या” जैसी बातें कहकर क्षेत्र के माहौल को गरमाने और वर्ग विशेष के मतदाताओं को साधने का कुटिल प्रयास किया जा रहा है। यह तो शिवानंद तिवारी के राजनीति का एक ऐसा निम्न स्तर था जहाँ भावनाओं को भड़काकर ध्रुवीकरण का प्रयास वो हमेशा करते रहे। फिर भी मुन्नी देवी से वो चुनाव हारे।
अब उनके पुत्र राहुल तिवारी द्वारा जनता के वास्तविक मुद्दों के बजाय अतीत के विवादों को दोहराया जा रहा है। इस बार वे राकेश ओझा से चुनाव हारेंगे। उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि भावनात्मक मुद्दों को उछाल कर चुनाव जीतने का दौर अब समाप्त हो गया है। हर वर्ग समाज के लोग अब शिक्षित हो चुके हैं। लोगों के हाथों में मोबाइल है, जिससे वे तुरंत गूगल में सर्च कर लेते हैं। जिस “मूंछ प्रकरण” की बात राहुल तिवारी द्वारा कही गई है, उसका पूरा विवरण यह है कि शिवानंद तिवारी को यादव समाज के भाइयों का पूरा वोट मिले इसके लिए यह झूठी बातें चुनाव में फैलाई गई थीं।
लालू डेरा के मनेजर यादव 2015 के चुनाव में मेरे बड़े भाई स्व: विशेश्वर ओझा के लिए वोट मांग रहे थे। उस समय भाईजी के साथ उनका तस्वीर भी वायरल हुआ था। रही बात हत्या की तो राहुल तिवारी क्यों नहीं बोलते कि लालजी यादव, राजेन्द्र राय, कमल किशोर की हत्या पर? राहुल तिवारी जिस समाज से वोट लेते हैं, उसी समाज के लोगों को इनके खास प्रताड़ित करने का काम भी करते हैं। उनके पिता ने लालू प्रसाद यादव तक को नहीं छोड़ा और यही काम राहुल तिवारी यादव समाज के भाइयों के साथ उन्हें डराने-धमकाने, मनगढ़ंत अतीत का भय दिखाने का काम करते हैं।
मेरे भतीजे राकेश ओझा को जैसे ही भाजपा से टिकट मिला, उन्हें ये अपराधी का पुत्र कहने लगे। जबकि 2015 के चुनाव में इनके जीतने के बाद राकेश ओझा के पिता की हत्या हो जाती है, तो बड़ा अपराधी कौन है? मेरे बड़े भाई की हत्या में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष कौन लोग थे, शाहपुर की जनता सब जानती है और इस चुनाव में सब कुछ स्पष्ट रूप से देख भी रही है। हत्या करने वाला और हत्या कराने वाले पर तत्कालीन सरकार की कृपा दृष्टि के कारण पुलिस भले ही दबाव में रही हो, लेकिन इस चुनाव में जनता राकेश ओझा को विधायक बनाकर इसका हिसाब जरूर करेंगी।


