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होल्डिंग टैक्स वसूली में होने लगा संदेह तो साख बचाने में जुटे पार्षद

Holding Tax: हिन्दी की एक लोकप्रिय कहावत है’अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत’ एक पार्षद के वर्तमान आवेदन पर यह पूरी तरह सटीक बैठती है।

jay kumar
  • हाइलाइट:Holding Tax:
  • पार्षद ने 24 मार्च 2026 को दिया आवेदन, तब तक होल्डिंग टैक्स वसूली का 99 प्रतिशत कार्य हो चुका था पूरा

आरा, भोजपुर। जिले के शाहपुर नगर पंचायत में होल्डिंग टैक्स की मनमानी वसूली और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी ने स्थानीय नागरिकों में गहरा रोष उत्पन्न कर दिया है, बल्कि इसने आम जनता के विश्वास को भी बुरी तरह आहत किया है। राजस्व वसूली जैसे संवेदनशील और तकनीकी कार्य के लिए नवनियुक्त स्वच्छता कर्मियों सहित नगर कर्मियों ने 31 मार्च 2026 तक वार्डों में घूम-घूमकर जिस तरह से कर वसूली की, उसे लेकर स्थानीय निवासियों का स्पष्ट आरोप है कि उन्हें नियमों के दायरे से बाहर जाकर भारी-भरकम राशि देने के लिए मजबूर किया गया।

Holding Tax: वसूली पर रोक लगाने की मांग

जब यह मुद्दा तूल पकड़ने लगा और जनता का विरोध तीव्र होने लगा, तब वार्ड-09 की पार्षद बबीता देवी और उनके प्रतिनिधि ने अपनी साख बचाने की कवायद शुरू की। उन्होंने बिहिया नगर पंचायत में कम टैक्स दर का हवाला देते हुए इस वसूली पर रोक लगाने की मांग नगर प्रबंधक से की। हालांकि, इस दिशा में उनके द्वारा आवेदन जमा करने की तिथि 24 मार्च 2026 है। वस्तुस्थिति यह है कि जब तक इन्होंने सक्रियता दिखाई, तब तक नगर प्रशासन टैक्स वसूली का 99 प्रतिशत कार्य पहले ही पूरा कर चुका था।

हिन्दी की एक लोकप्रिय कहावत है’अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत’ पार्षद के वर्तमान आवेदन पर पूरी तरह सटीक बैठती है। देरी से उठाए गए ये कदम जनहित के प्रयासों से अधिक अपनी छवि सुधारने की विफल कोशिश प्रतीत होते हैं। यदि समय रहते सभी पार्षदों ने अपनी सक्रियता दिखाई होती और नगर प्रशासन पर उचित दबाव बनाया होता, तो नगर क्षेत्र की जनता को इस अनुचित आर्थिक बोझ का सामना नहीं करना पड़ता। या कहें की पार्षद व प्रतिनिधि को होल्डिंग टैक्स की जटिलता का ज्ञान प्राप्त होने के पूर्व ही नगर प्रसाशन द्वारा वसूली पूरी कर ली गई।

04 अप्रैल 2026 को नगरपालिका की बैठक

शाहपुर नगर पंचायत में सबसे बड़ी चर्चा यह है कि क्या जनप्रतिनिधियों को वस्तुतः इस मनमानी का ज्ञान तब हुआ जब सब कुछ समाप्त हो चुका था, या फिर यह उनकी सोची-समझी निष्क्रियता का परिणाम है। नगर प्रशासन द्वारा होल्डिंग टैक्स वसूलने में मनमानी और पार्षदों की चुप्पी ने नागरिकों को एक ऐसे चौराहे पर खड़ा कर दिया है, जहाँ उन्हें अपने ही निर्वाचित प्रतिनिधियों की कार्यकुशलता पर संदेह होने लगा है। नगरवासियों की नजर अब 04 अप्रैल 2026 की नगरपालिका बैठक पर टिकी है, देखना है अब इस मामले पर क्या निर्णय लिया जाता है।

Bijay singh
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