Mahathin Mai Temple: विधायक राकेश रंजन ने बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता को एक औपचारिक पत्र प्रेषित किया है।
- हाइलाइट: Mahathin Mai Temple
- भोजपुर जिला मुख्यालय आरा से लगभग 20 किलोमीटर पश्चिम- बिहिया में स्थित यह मंदिर
बिहार, आरा। भोजपुर जिले के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक राकेश रंजन ने “मां महथिन माई मंदिर” और उससे जुड़े “मां महथिन माई महोत्सव” को बिहार सरकार के आधिकारिक पर्यटन और सांस्कृतिक कार्यक्रम के रूप में मान्यता दिलाने की मांग की है। इस विषय में उन्होंने बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता को एक औपचारिक पत्र प्रेषित किया है।
विधायक राकेश रंजन ने अपने पत्र में बताया कि भोजपुर जिला मुख्यालय आरा से लगभग 20 किलोमीटर पश्चिम स्थित यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह नारी सम्मान, साहस और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक भी है। लोकमान्यताओं के अनुसार, यह मंदिर प्राचीन और सिद्ध शक्तिपीठों में से एक है और इसकी ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई है। भोजपुर जिले की आधिकारिक वेबसाइट पर इसे प्रमुख धार्मिक स्थल के रूप में भी अंकित किया गया है।
Mahathin Mai Temple – डोला प्रथा के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक
मां महथिन माई मंदिर का ऐतिहासिक महत्व डोला प्रथा जैसी सामाजिक कुप्रथाओं के खिलाफ संघर्ष से जुड़ा हुआ है। यह मंदिर उन महिलाओं के सम्मान और साहस का प्रतीक माना जाता है, जिन्होंने सामाजिक अन्याय और कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई। वर्तमान में यह स्थल न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सामाजिक समरसता और एकता का भी प्रतीक बन चुका है।
श्रद्धालुओं का प्रमुख केंद्र:
मंदिर में हर सोमवार और शुक्रवार को विशेष मेले का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इसके अलावा, नवरात्र और सावन जैसे प्रमुख धार्मिक अवसरों पर यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। वर्ष 2023 में “मां महथिन माई महोत्सव” का सफल आयोजन किया गया था, जिसने क्षेत्रीय स्तर पर बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित किया।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा:
विधायक राकेश रंजन ने अपने पत्र में इस महोत्सव को बिहार सरकार के आधिकारिक पर्यटन और सांस्कृतिक कार्यक्रम के रूप में मान्यता देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका मानना है कि इस पहल से न केवल क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही, भोजपुर जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
सरकार से अपील:
विधायक ने बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री से आग्रह किया है कि वे इस ऐतिहासिक स्थल और इससे जुड़े महोत्सव को राज्य की आधिकारिक सूची में शामिल करें। इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि यह स्थान बिहार की सांस्कृतिक धरोहर को विश्व पटल पर भी स्थापित करने में सहायक होगा।
मां महथिन माई मंदिर और उससे जुड़े महोत्सव को सरकारी मान्यता मिलने से यह स्थल एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है, जिससे पूरे क्षेत्र की आर्थिक और सांस्कृतिक प्रगति सुनिश्चित हो सकेगी।

